हंस की सालाना गोष्ठी से पहले भी वक्ता होते रहे हैं नदारद
पिछले तीन बार से ये हो रहा है 'हंस' की सालाना गोष्ठी में घोषित वक्ताओं में से एक दो अचानक नदारद हो जाते हैं, पिछले साल इस गोष्ठी का उनवान था 'दीन की बेटियां' जिसमे पाकिस्तान से दो लेखिकाएँ किश्वर नाहीद और ज़ाहिदा हिना आई थीं. मुझे याद है की IIC के अपने कमरे में ही दोनों ने मुझसे कहा था की अगर तसलीमा...
