सीसैट मसले पर अखबार रिपोर्टिंग और विश्लेषण के बजाय प्रेस रिलीज पत्रकारिता में जुटे हैं
विनीत कुमार हिन्दी सहित भारतीय भाषाओं को लेकर अभी जो माहौल है, इसमे हिन्दी और क्षेत्रीय अखबारों एवं मीडिया की धारदार भूमिका होनी चाहिए थी लेकिन एकाध को छोड़कर सारे चारण-भाट और त्योहारों में डूबे हुए हैं. किसी मुद्दे को शामिल करने का मतलब ये कतई नहीं होता कि आप सिर्फ उनके पक्ष में ही लिखें,बोलें बल्क...
