आधुनिक समाज के ' पंडितजी ' हैं ये ब्रांड एंबेसडर ...!!
तारकेश कुमार ओझा मेरे स्वर्गीय पिता के दसवें पर श्मशान घाट पर कर्मकांड कराने वाले महाब्राह्णण ने कुछ घंटे की पूजा के एवज में परिजनों से मोटी रकम वसूल ली। तिस पर तुर्रा यह कि पुरानी जान - पहचान के चलते उन्होंने अपनी ओर से कोई विशेष मांग नहीं रखी। जो दे दिया , उसी में संतोष कर लिया। वर्ना गोदान से ल...
