मीडिया में दलित आ भी जाये तो करेंगे क्या?
मीडिया में दलितों की भागीदारी और उनके सरोकरों की क्या स्थिति है सब जानते हैं। किस तरह उन्हें आने नहीं दिया जाता या उनके लिए दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं । फॉरवर्ड प्रेस के मई13 के अंक में ‘जातीय पैकेजिंग के टी.वी. चैनल’ में वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया ने दलितों के मीडिया में आने और उनके प्रवेश पर अघोष...
