उड़ी हमले के बाद भारतीय मीडिया की थू-थू
थू-थू तो हो गई है. और आगे भी होगी. दरअसल मीडिया, खासकर हिन्दी मीडिया (अब तो अंग्रेजी वाले भी बौराने लगे हैं, जैसे क्विंट) ऐसी घटनाओं के बाद ज्यादा अंधराष्ट्रवादी हो जाता है. इसका सीधा सा कारण ये है कि पूरी मीडिया में एक खास वर्ग के लोगों के पास ही कमान होती है, जो पाकिस्तान से व्यक्तिगत खुन्नस खाए र...
