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5,233 articles from the original Media Khabar
अनिल चमड़िया संसद की एक स्थायी समिति ने पेड न्यूज के मामले में जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। उसने पेड न्यूज के संदर्भ में मीडिया की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है। लेकिन जनप्रतिनिधियों के विज्ञापनदाता के रूप में विकास और उसकी पूरी प्रक्रिया को समझने की उसने जहमत नहीं उठाई है। समिति...
करवाचौथ पर कुछ दिलचस्प कार्टून (सौजन्य : फेसबूक) 1. 2. 3.
जॉन सरकार नई दिल्ली।। पहले कुर्ते, फिर ऐक्शन विडियो गेम, फिर मिठाइयां, फिर टी स्टॉल्स, फिर विडियो ऐल्बम और अब नमो सैफरन एक्स नाम का स्मार्ट फोन लॉन्च। 'नमो' प्रॉडक्ट पर काम कर रही एक कंपनी का दावा है कि ब्रैंड नरेंद्र मोदी को समर्पित नमो सैफरन एक्स नाम का स्मार्टफोन आईफोन 5 को टक्कर देगा। जानकारों क...
कार्टूनिस्ट : अमरेन्द्र प्याज बना सोना सोना ही सोना
झुंझुनू,21 अक्टूबर। राजस्थान के झुंझुनू जिला मुख्यालय पर पत्रकारों की प्रेसवार्ता आयोजित करवाने वालो आयोजकों के पसीने छूट रहे है। अभी तक यह चलन रहता आया था कि प्रेसवार्ता में एक अखबार या न्यूज चैनल से एक ही प्रतिनिधि शिरकत करते थे। जिससे आयोजक उसी के अनुरूप व्यवस्थाएं करते थे। लेकिन अब प्रेस वार्ता...
विवेक कुमार सिन्हा बिहार की राजनीति में समस्तीपुर जिला एक विशेष पहचान रखता है। लोकतंत्र में चुनाव और चुनाव में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बिहार में हिन्दुस्तान अखबार बेशक नंबर वन के पोजीशन पर काबिज है लेकिन चुनावी सीजन में प्रतिस्पर्धा अखबारों की तुलना में उसे पाठकों का विश्वास जीतना होगा...
दलाली के देवता -- आपने 25-30 करोड़ रूपए खर्च भी कर दिये पर चैनल कहीं दिखता नहीं है ? -- भाई जी 20-25 करोड़ और खर्च करने पड़ेंगे तब डिस्ट्रीब्यूशन ठीक होगा और फिर कहीं जाकर चैनल दिखेगा. --तो आपने चैनल खोला क्यूँ है ? --देखिये सच ये है कि...आप जानते है हमारी चिट् फंड कम्पनी है...छोटे छोटे शहरों में पत्रक...
नदीम एस.अख्तर कल ही इस बात का जिक्र कर रहा था कि हिन्दी और अंग्रेजी के न्यूज चैनलों में कितना फर्क होता है. महाखजाने की महाकवरेज ने इस अंतर को और साफ कर दिया. अंग्रेजी न्यूज चैनलों ने देश को बता दिया कि उनकी सोच, उनका विजन, न्यूज सिलेक्शन, दर्शकों के प्रति जवाबदेही और अपने पेशे के प्रति ईमानदारी की...
नदीम एस.अख्तर कहते हैं हिन्दी और अंग्रेजी पत्रकारिता में अंतर नहीं. लेकिन महाखजाने की महाकवरेज में हिन्दी-अंग्रेजी की सोच का अंतर साफ दिख रहा है. अंग्रेजी के चैनलों ने सोने की खोज को 'राष्ट्रीय मिशन' नहीं बनाया है. वे इसे रूटीन खबर के रूप में ले रहे हैं. रेगुलर बुलेटिन में एक न्यूज स्टोरी. बस. महाकव...
लीजिए प्रेस पर सवार दूधवाला ! लालबत्तियों की तर्ज पर प्रेस का स्टीगर का भी अपना क्रेज है. लालबत्ती लगाने में ज्यादा जतन करना पड़ता है लेकिन प्रेस का स्टीगर लगाने के लिए उतनी मशक्कत नहीं करनी पड़ती. जब मर्जी आए छाप लो. नहीं तो खुद ही प्रेस वाला बन जाओ. किसी भी ऐरे - गैरे नत्थू खैरे अखबार वाले से आईडी क...
मिल रही जानकारी के मुताबिक सयद हुसैन ने आर्यन टीवी को अलविदा कह दिया है. आर्यन टीवी बिहार झारखंड के अग्रणी न्यूज़ चैनलों में से एक है. वे चैनल में बतौर एंकर हेड और स्पोर्ट्स एडिटर के तौर पर काम कर रहे थे. उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया. वे नवंबर 2011 से आर्यन टीवी के साथ जुडे हुए थे. इसके...
रमेश यादव पूँजीगत आस्था, भगवाननुमा भक्ति और राजसत्ता की श्रद्धा में आकंठ तक डूबी टेलिविॹन और प्रिंट मीडिया को इन दिनों डौंडिया खेड़ा (उन्नाव) के अलावा कुछ दिखायी नहीं दे रहा है.बिड़ला के बचाव में घुटने पर झुकी केन्द्र सरकार पर मीडिया को शंका नहीं होती.भारत से लूट कर स्विट्ज़रलैंड में रखे गये काले धन...
कार्टूनिस्ट : सागर कुमार महाखजाने की महाकवरेज में समाचार चैनल इस कदर व्यस्त हैं कि उन्हें पता ही नहीं चल रहा कि वे पीपली Live की तर्ज पर डौंडिया खेड़ा Live कर रहे हैं. कार्टूनिस्ट सागर कुमार की नज़र : [caption id="attachment_10464" align="alignright" width="960"] डोडाखेड़ा Live [/caption]
पत्रकारिता के प्रशिक्षण के नाम पर लोगों को गुमराह करने की घिनौनी कोशिश युवा पत्रकार अखिलेश कुमार ने लेख लिखकर यह आक्रोश व्यक्त किया है. लेख में लिखी सारी बातों से सहमति न होने के बावजूद हमने संपादन करना ठीक नहीं समझा. जरूरी है कि युवा पत्रकारों के आक्रोश को दिग्गज पत्रकार भी समझें और जाने - मॉडरेटर...
[caption id="attachment_10447" align="alignright" width="300"] न्यूज़ एक्सप्रेस का साहसिक फैसला [/caption]खबर दिखाना गलत नहीं लेकिन खबर को तमाशा बनाकर दर्शकों के साथ खेलना किसी धोखे से कम नहीं. हिंदी के तमाम बड़े-बड़े समाचार चैनल आजकल इसी खेल में लगे हुए हैं. सबको खजाने की तलाश है. तलाश टीआरपी खजाने क...
नदीम एस अख्तर [caption id="attachment_10440" align="alignright" width="669"] महाखजाने की महाखोज या महातमाशा[/caption]पीपली लाइव-2 का असर : एक चैनल के कर्ता-धर्ता महाखजाने की महाखोज से इतने उत्साहित हुए कि खुद ही एंकरिंग करने बैठे हुए हैं सुबह से. अनवरत कवरेज जारी है. लेकिन अपनी छवि की भद्द पिटने के...
नदीम एस अख्तर पीपली लाइव, पार्ट-2 क्या आपने फिल्म पीपली लाइव देखी है? Anusha Rizvi की इस फिल्म में टीवी मीडिया (खासकर हिन्दी) की भेड़चाल, खबरों के मामले में जानबूझकर अपनाई जाने वाली कमअक्ली, अनावश्यक कम्पिटिशन और तिल का ताड़ बनाकर टीआरपी बटोरने की फितरत को बहुत ही चुटीले अंदाज में दिखाया गया है. साथ...
कुमार कृष्णन मुंगेर। आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र हिन्दी पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर थे। पांच दशक तक पत्रकारिता की सेवा कर सामाजिक सरोकार और मूल्यों को जिंदा रखा तथा कभी कलम को गिरवीं रखने का काम नहीं किया। उनका सरल व्यक्तित्व और आचरण हर किसी को आर्कषित करता था। यही कारण है कि आज मुंगेर उनके पत्रकारित...