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न्यूज़ इंडिया में एंकर करूण कुमार की एंट्री, मिली बड़ी ज़िम्मेदारी

anchor karun kumar in news india
न्यूज इंडिया में एंकर करुण कुमार

न्यूज इंडिया के साथ एंकर करुण कुमार की नयी पारी – Anchor Karun Kumar with News India in Hindi

ज़ी न्यूज़, आजतक, एनडीटीवी, इंडिया टीवी और न्यूज़ नेशन की शानदार 8 साल की पारी के बाद जल्द ही वरिष्ठ पत्रकार और जाने-माने न्यूज़ एंकर करूण कुमार की नई इनिंग न्यूज़ इंडिया के साथ शुरू हो रही है। ख़बर है करूण कुमार को न्यूज़ इंडिया में डिप्टी एक्सक्यूटिव प्रोड्यूसर की जिम्मेदारी सौंपी गई और मैनेजिंग एडिटर पशुपति शर्मा की ज्वाइनिंग के बाद करूण कुमार का टीम में आना न्यूज़ इंडिया के लिए एक बड़ी कामयाबी है।

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एंकर करुण कुमार का परिचय – Anchor Karun Kumar Introduction in Hindi

बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले करूण कुमार ने 1997 में आकाशवाणी पटना से बतौर अनाउंसर- न्यूज़ रीडर अपने करियर की शुरुआत की थी। 1998 में जब दिल्ली में उस वक्त के इकलौते 24 घंटे के न्यूज चैनल टीवीआई की शुरुआत हुई तो करूण कुमार उस टीम का हिस्सा भी रहे। करूण कुमार ने बतौर न्यूज़ एंकर अपनी स्टाइल बनाई, अपनी पहचान बनाई। चीख-चिल्लाहट से दूर वो संजीदा तरीके से न्यूज दर्शकों तक पहुंचाते हैं और दर्शकों के साथ एक सीधा कनेक्ट बनाते हैं।

करुण कुमार 2000 में जैन न्यूज़ गए और वहां भी बेहतर पारी खेली। स्पोर्ट्स में गहरी रूचि रखने वाले करुण कुमार ने ज़ी न्यूज़, आजतक में बेहतरीन पारियां खेली हैं। वो स्टूडियो तक खुद को कैद नहीं रखते बल्कि जब भी मौका मिलता है कैमरा और ट्राईपोड उठाकर टीम के साथ फील्ड रिपोर्टिंग के लिए निकल पड़ते हैं।

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करूण कुमार ने 2006 में एनडीटीवी इंडिया ज्वाइन किया। यहां उन्होंने न्यूज़ इंडस्ट्री की कई बारीकियां सीखीं। यहां का सबसे यादगार लम्हा 2008 में अंडर 19 वर्ल्ड कप कवर करना रहा जिसमें विराट कोहली की अगुआई में भारत ने क्वालालंपुर में ट्रॉफी जीती। करूण कुमार टीम इंडिया के साथ ही घर लौटे। इस फ्लाइट में सिर्फ दो ही पत्रकार थे, करूण कुमार और उनके वीडियो जर्नलिस्ट साथी।

करूण कुमार इंडिया टीवी, न्यूज एक्सप्रेस में छोटी पारियों के बाद 2012 में न्यूज नेशन चैनल आए तो यहां डट गए। आप न्यूज नेशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रहे। स्पोर्ट्स हेड के तौर पर आपने कई सारे प्रयोग किए और न्यूज नेशन के अलहदा दिखने में अपनी अहम भूमिका निभाई। न्यूज नेशन में करीब 8 साल की लंबी पारी के दौरान आपने ऑस्ट्रेलिया में 2015 में आयोजित क्रिकेट वर्ल्ड कप कवरेज की, सचिन तेंदुलकर का फेयरवेल मैच और उनके इंटरव्यू की यादें आपको आज भी रोमांचित कर जाती हैं।

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अब एक बार फिर करुण कुमार एक न‌ए चैनल न्यूज़ इंडिया की लॉन्चिंग टीम के साथ जुड़ गए हैं। उनका एक ही संकल्प है… कामयाबी की नई इबारत लिखेंगे, मीडिया इंडस्ट्री का एक मजबूत स्तंभ बनेंगे।

इंडिया न्यूज की नींद उड़ाने आ गया न्यूज इंडिया !

news india logo

न्यूज इंडिया (News India) के लॉन्च (Launch) होने की खबर से परेशान इंडिया न्यूज (India News) !

हिन्दी का एक नया चैनल न्यूज इंडिया पूरे जोर-शोर के साथ लॉन्च होने वाला है। फिल्मसिटी (Filmcity) में दफ्तर बन गया है। मैनेजिंग एडिटर के पद पर जी हिंदुस्तान से आए वरिष्ठ पत्रकार पशुपति शर्मा (Pashupati Sharma) ज्वाइन कर चुके हैं। उसके अलावा भी कई धाकड़ लोग चैनल के साथ जुड़े हैं और यह सिलसिला जारी है। चैनल के कंटेन्ट की योजना भी चरम पर है। सूत्रों की माने तो चैनल ने समाचार चैनलों की दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए कई नए कान्सेप्ट (concept) पर आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार कर ली है और चैनल लॉन्च होते ही इनका प्रसारण शुरू हो जाएगा। न्यूज इंडिया की इन तैयारियों को देखते हुए टेलीविजन न्यूज की दुनिया में हलचल तेज है। चर्चा-परिचर्चा और गॉसिप का दौर तेज है।

न्यूज इंडिया और इंडिया न्यूज में नाम का टकराव

न्यूज इंडिया और इंडिया न्यूज एक से ही नाम प्रतीत होते हैं। अंतर के नाम पर सिर्फ इतना है कि एक का इंडिया आगे है और न्यूज पीछे तो दूसरे का न्यूज आगे और इंडिया पीछे है। बहरहाल इतना तो तय है कि नाम को लेकर दर्शकों को असमंजस जरूर होगा। ऐसे में न्यूज इंडिया को तो इसका फायदा मिलेगा, लेकिन इंडिया न्यूज को घाटा होगा। वैसे भी नाम के लिए संघर्षरत इस चैनल की हालत पहले से ही दयनीय है।

न्यूज इंडिया के आने से इंडिया न्यूज की पहचान का संकट गहराएगा

इंडिया न्यूज अपने लांचिंग के समय से ही पहचान के संकट से गुजर रहा है। लेकिन उसका यह संकट घटने की बजाए बढ़ता ही रहा। दीपक चौरसिया (Deepak Chaurasia) जैसे दिग्गजों को भी चैनल ने आजमाया, लेकिन बात फिर भी नहीं बनी। दीपक चौरसिया के फेस वैल्यू (Face Value) से जो दर्शक इंडिया न्यूज के स्क्रीन पर खींचे थे वो दीपक के जाते ही उनके साथ दूसरे चैनल के स्क्रीन पर शिफ्ट हो गए। ऐसे में पहचान का संकट जस-का-तस यूँ ही बना रहा। ऐसे में मिलते-जुलते नाम वाले चैनल न्यूज इंडिया के आने से इंडिया न्यूज के पहचान का संकट और अधिक गहरा जाएगा। यदि न्यूज इंडिया ने सालभर में दर्शकों के बीच अपनी थोड़ी सी भी पैठ बना ली तो फिर इंडिया न्यूज के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा होना तय है। इंडिया न्यूज की दिक्कत है कि उसके काफी बाद आए समाचार चैनलों (रिपब्लिक भारत, टीवी9, न्यूज नेशन) ने न केवल अपनी पहचान बनाई , बल्कि टीआरपी (TRP) चार्ट में भी उनका प्रदर्शन इंडिया न्यूज से कहीं बेहतर रहा।

इंडिया टीवी (India TV) और इंडिया न्यूज (India News) में नाम के टकराव का इतिहास

इंडिया टीवी और इंडिया न्यूज दो अलग – अलग नाम है। लेकिन उसके बावजूद दर्शक कन्फ्यूज हुए। इसका फायदा उस व्यक्त इंडिया न्यूज ने उठाया था। अब इतिहास फिर से एक बार अपने आप को दुहरा रहा है। लेकिन इस बार संकट इंडिया न्यूज के लिए न्यूज इंडिया लेकर आ रहा है। देखते हैं कि इस चुनौती का सामना इंडिया न्यूज कैसे करता है?

न्यूज़ इंडिया के मैनेजिंग एडिटर बने पशुपति शर्मा

Pashupati Sharma appointed as Managing Editor of Channel News India
न्यूज इंडिया के प्रबंध संपादक के पद पर पशुपति शर्मा की नियुक्ति

फ़िल्म सिटी से जल्द लॉन्च होने वाले नेशनल न्यूज़ चैनल न्यूज़ इंडिया के मैनेजिंग एडिटर बने पशुपति शर्मा : Pashupati Sharma appointed as Managing Editor of Channel News India

वरिष्ठ पत्रकार पशुपति शर्मा (Pashupati Sharma) की नई पारी को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे कयासों पर विराम लग चुका है। ज़ी मीडिया ग्रुप के नेशनल न्यूज़ चैनल जी हिन्दुस्तान (Zee Hindustan) से इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ पत्रकार पशुपति शर्मा ने फ़िल्म सिटी से जल्द लॉन्च होने वाले हिंदी नेशनल न्यूज़ चैनल न्यूज़ इंडिया (News India) की कमान संभाल ली है। पशुपति शर्मा ने न्यूज़ इंडिया में बतौर मैनेजिंग एडिटर (Managing Editor) ज्वाइन किया है, इस बार पशुपति शर्मा अपने करियर की सबसे बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं, ऐसे में जितनी बड़ी जिम्मेदारी है, उतनी ही ज्यादा चुनौतियां भी हैं।

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पशुपति शर्मा इससे पहले कई नए चैनलों की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रह चुके हैं। जी हिंदुस्तान के अलावा टोटल टीवी (Total TV), न्यूज़ 24 (News24), न्यूज़ नेशन (News Nation) की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रहे। जुलाई 2020 में ज़ी हिन्दुस्तान की रिलॉन्चिंग (Re-Launching) के वक्त आप ने काफी मेहनत की और ज़ी मीडिया (Zee Media) के सीईओ पुरुषोत्तम वैष्णव (Purushottam Vaishnava) की अगुवाई में कई नए प्रयोग किए। महज 2 हफ्तों में एंकरलेस फॉर्मेट (Anchorless format) में ज़ी हिन्दुस्तान का कलेवर बदल गया। इस दौरान कई ऐसे प्रोग्राम (Program) लॉन्च किए गए जो कंटेंट के साथ-साथ फॉर्मेट की वजह से भी चर्चा में रहे। सुबह हो गई, 6 का छक्का, सत्ते पे सत्ता, ख़बरों का टॉप एंगल और वंदे मातरम कुछ ऐसे शुरुआती शो रहे, जिनकी चर्चा रही। इनमें से कुछ शो को ENBA अवॉर्ड्स हासिल हुए। शमशेर सिंह (Shamsher Singh) ने जब नवंबर 2020 में जी हिन्दुस्तान में अपना पद संभाला तो पशुपति शर्मा नई टीम के साथ भी जी-जान से जुटे रहे। नतीजा ये रहा कि जी हिंदुस्तान को मार्केट में एक नई पहचान मिली। आप कंटेंट प्लानिंग से लेकर एग्जीक्यूशन तक टीम को एकजुट करके रात दिन मेहनत करते रहे।

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न्यूज़ इंडिया चैनल के मैनेजिंग एडिटर के तौर पर एक अच्छी टीम खड़ी करना पशुपति शर्मा के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है, इस काम के लिए इंडस्ट्री के बेहतरीन लोग उनके टच में है। दो दशकों में अपने प्रोफेशनल अंदाज और निजी रवैये से पशुपति शर्मा ने जो छवि गढ़ी है, उसका फायदा उन्हें मिल रहा है। न्यूज़ इंडिया चैनल की शुरुआती टीम में कई बड़े चैनलों से लोग जुड़ चुके हैं। इस टीम में मीडिया इंडस्ट्री के कुछ बड़े नाम और बड़े चेहरे जल्द ही जुड़ने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया की टीम में कुछ पुराने चेहरे होंगे लेकिन कोशिश यही है कि युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका दिया जाए। न्यूज़ इंडिया में आउटपुट, इनपुट, ग्राफिक्स, टेक्निकल, कैमरा, पीसीआर से लेकर एंकर तक जॉइन कर चुके है सभी विभागों में हेड की नियुक्ति हो चुकी है। चर्चा ये भी है कि न्यूज़ इंडिया में मजबूत प्रोफेशनल टीम बन रही है, जो कुछ नया सोचने और करने में यकीन करती है। नेशनल चैनल की लॉन्चिंग के फौरन बाद कई रीजनल चैनल, आध्यात्मिक चैनल के अलावा इंटरटेन्मेंट चैनल का प्लान भी है।

पशुपति शर्मा दिन रात नए चैनल की लॉन्चिंग की तैयारियों में जुटे हैं। पशुपति शर्मा का मानना है कि ख़बरें सबके पास एक जैसी होती हैं लेकिन प्रजेंटेशन का तरीका अलग-अलग होता है। लिहाजा उनकी कोशिश न्यूज इंडिया को एक नये कलेवर में दर्शकों के बीच लाने की है।

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पशुपति शर्मा का संक्षिप्त परिचय – Brief introduction of Pashupati Sharma

Pashupati Sharma, managing editor, news india
Pashupati Sharma, managing editor, news india

करीब 2 दशक से मीडिया में सक्रिय पशुपति शर्मा मूल रूप से बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अच्छा खासा अनुभव है। दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, लोकायत से आप ने प्रिंट का अनुभव बटोरा। टोटल टीवी से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आपका सफर शुरू हुआ और इसके बाद कभी पीछे मुड़ने की जरुरत नहीं पड़ी। टीवी टुडे ग्रुप, न्यूज़ 24, इंडिया टीवी में बतौर प्रोग्राम प्रोड्यूसर आपने धाक जमाई। न्यूज़ नेशन में आउटपुट में बतौर सीनियर उन्हें प्लानिंग और एग्जीक्यूशन का मौका मिला। न्यूज़ नेशन में बतौर लीडर उन्होंने खुद को विकसित भी किया और साबित भी किया। इंडिया न्यूज़ में कार्तिकेय शर्मा ने बतौर आउटपुट हेड उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। संकट काल में जब इंडिया न्यूज़ में बतौर मैनेजिंग एडिटर कई नाम बदले, उन्होंने टिक कर पूरी टीम को एकजुट रखा। ज़ी हिन्दुस्तान में आउटपुट लीड के तौर पर एंट्री की। जीवन के उतार-चढ़ाव से घबराने की बजाय नई चुनौतियां लेने का हौसला पशुपति शर्मा की फितरत है और यही वजह है कि उन्होंने न्यूज़ इंडिया की लॉन्चिंग की जिम्मेदारी ली और पूरे जुनून के साथ इस काम में जुट गए हैं। और जल्द ही ये चैनल एक नई धार के साथ अनुभवी टीम के साथ सभी प्लेटफार्म पर नज़र आएगा, जिस पर चौबीसों घंटे काम चल रहा है।

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ABP ने ग़लत जानकारी देकर मुझसे फोनो लिया – संजय निरुपम

Sanjay Nirupam abp news
संजय निरुपम का एबीपी न्यूज पर आरोप

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (Khel Ratna Award) भारत में खेलों के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। लेकिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इसका नाम बदलने की घोषणा की और इसका नाम हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (Major Dhyan Chand Khel Ratna Award) रख दिया गया। इसके बाद राजनीति के गलियारों से लेकर मीडिया (media news in hindi) की चौपाल में यही चर्चा-परिचर्चा का विषय बना हुआ। इसी संदर्भ में एबीपी न्यूज (abp news) ने कॉंग्रेस के नेता संजय निरुपम (sanjay nirupam) से प्रतिक्रिया ली।

संजय निरुपम ने प्रतिक्रिया देने के बाद यह आरोप लगाया कि एबीपी न्यूज ने उन्हे गलत जानकारी देकर फोनो लिया। स्वाभाविक है कि वे एबीपी पर दिए गए अपने ही बयान से इत्तेफाक नहीं रखते। अब इसमें एबीपी की गलती है या संजय निरुपम की, यह कहना तो मुश्किल है। वैसे नेताओं की जुबान फिसलती है तो उसका ठीकरा वे मीडिया पर ही फोड़ने की कोशिश करते हैं। वैसे इतनी बड़ी खबर से संजय निरुपम अनजान कैसे रह गए! गौरतलब है कि नेता से पहले वे पत्रकार भी रह चुके हैं। फिलहाल पढिए ट्विटर पर दिया उनका बयान –

अभी
@ABPNews
ने ग़लत जानकारी देकर मुझसे फोनो लिया।
मुझे बताया गया कि मेजर ध्यान चंद को राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार दिया गया है।
मैने कहा सराहनीय कदम है।
बाद में पता चला कि राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल कर ध्यान चंद जी के नाम किया गया है।
यह ओछी हरकत है।
मेरा विरोध।

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पत्रकारिता विवि और जयनारायण व्यास विवि के बीच एमओयू

MoU between Journalism University and Jaynarayan Vyas University
MoU between Journalism University and Jaynarayan Vyas University

जयपुर। हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय, जयपुर और जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के बीच पत्रकारिता के क्षेत्र में उच्चतर शिक्षा और शोध के लिए समझौता (एमओयू) किया गया है। इस समझौते से दोनों विश्वविद्यालयों के पत्रकारिता के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को लाभ होगा।

समझौते पर पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी और जोधपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पीसी त्रिवेदी ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत तय हुआ है कि दोनों विश्वविद्यालय यहाँ के विभिन्न अकादमिक और ढाँचागत संसाधनों का इस्तेमाल एक-दूसरे के विकास के लिए करेंगे। साथ ही, शिक्षण और शोध की के क्षेत्र में जानकारियों का आदान प्रदान भी करेंगे।

एमओयू के तहत नवाचार-क्रियान्वन की एक रूपरेखा तय की गई है। दोनों कुलपतियों की इस पर चर्चा हुई, साथ ही एमओयू की प्राथमिकता को तय करते हुए एक कार्ययोजना बनाने पर सहमति बनी।

इस अवसर पर पत्रकारिता विवि के कुलसचिव डॉ. गुंजन सोनी, वित्त नियंत्रक कुसुम धारवाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ आलोक कुमार श्रीवास्तव, उप कुलसचिव डॉ नीलम उपाध्याय और वरिष्ठ शैक्षणिक सलाहकार प्रो. एके नगावत भी मौजूद रहे।

पत्रकारिता विवि के कुलपति ने प्रो त्रिवेदी को संविधान की विशाल समरूप प्रति (रेप्लिका) भेंट की। इसकी प्रतियाँ राजस्थान एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोदशंकर दवे के सौजन्य से उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ साझा करने के लिए प्राप्त हुई हैं। (विज्ञप्ति)

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