अभय कुमार दुबे जैसे टीवी एक्सपर्ट का आंकलन कितना सतही था
वेद उनियाल इस चुनाव में यही लगा कि टीवी के कुछ राजनीतिक समीक्षकों को थोड़ा दौड़ धूप जरूर करनी चाहिए। लोगों के मन की थाह लेने चाहिए। 1960 -70 के जो आकड़े उनके पास हैं वे अब काम नहीं होते। न उनके चाहने से वोट स्विंग होते हैं , न उनकी चाहत से वोट सधे चले जाते हैं। लोग अब वोट की बाजीगरी में नहीं पड़ते।...
