(अम्बरीश कुमार,वरिष्ठ पत्रकार)-
एनडीटीवी पर दशहरा के मौके पर अच्छी चर्चा हुई .कादंबनी शर्मा ने बेहद शालीनता और सहजता से यह चर्चा कराई .उस दौर में जब ज्यादातर एंकर बिना उत्तेजित हुए ,,बिना चीखे चिल्लाए दो शब्द न बोल पाते हो ऐसी सहजता सुखद लगी .रावण भी स्टूडियों में रहे .अच्छे सवाल उठे .हम लोगों ने बचपन में रामलीला देखी और बहुत कुछ सीखा भी .आज की पीढ़ी खासकर शहरी समाज अब रामलीला कम देखता है .रामायण तो दूर की बात है .भारतीय समाज पर रामायण का बहुत ज्यादा असर है तो बहुत एशिया के बहुत से देशों पर भी .
(फेसबुक से साभार)
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