एनबीए को गैरजरूरी और टीवी टुडे नेटवर्क की जागीर बताने वाले रजत शर्मा उसी के प्रेसिडेंट बन गए

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रजत शर्मा,एडिटर-इन-चीफ,इंडिया टीवी
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इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बने

विनीत कुमार

रजत शर्मा ने कभी एनबीए को गैरजरूरी और टीवी टुडे नेटवर्क की जागीर बताया था-

रजत शर्मा,एडिटर-इन-चीफ,इंडिया टीवी
रजत शर्मा,एडिटर-इन-चीफ,इंडिया टीवी




इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ उसी रजत शर्मा को न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन का प्रेसिडेंट बनाया गया है जिन्होंने साल 2008 में मुंबई बम धमाका मामले एनीबीए की ओर से एक लाख का जुर्माना लगाए जाने के बाद इस संगठन को गैरजरूरी और मनमानी करनेवाला करार दिया था और इंडिया टीवी को इससे अलग कर लिया था.

हुआ यों था कि 26/11 के मुंबई हमले के दौरान इंडिया टीवी ने पाकिस्तान मूल की फरहाना अली जो कि आतंकवादी मामलों की जानकार हैं और सेंट्रल इन्टलीजेंस एजेंसी, यूएसए से जुड़ी रही हैं, उन्हें चैनल ने आतंकवादी मामलों के विशेषज्ञ के बजाय जासूस करार दे दिया जिसका आशय था कि वो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है. इंडिया टीवी ने ये इंटरव्यू रॉयटर से बिना क्रेडिट दिए प्रसारित किया था और जिसमे फरहाना अली की छवि पूरी तरह डैमेज कर दी थी.

इस बात की शिकायत फरहाना अली ने एनबीए से की और उसके बाद इस संगठन ने एक लाख रुपये का जुर्माना और रात के आठ से नौ के बीच लगातार पांच दिनों तक खेद की अलग से पट्टी चलानी थी..लेकिन चैनल ने ऐसा करने के बजाय एनबीए को टीवी टुडे नेटवर्क की जागीर बताते हुए खुद को इससे 10 अप्रैल 2009 को अलग कर लिया. बाद में 17 जुलाई 2009 को इंडिया टीवी ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए दोबारा से सदस्यता लेने की घोषणा की..इस शर्त के साथ इंडिया टीवी और रजत शर्मा वापस गए कि चैनल के तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी को प्रमुख संपादक की श्रेणी में रखा जाए और रजत शर्मा को स्थायी सदस्य के रूप में स्वीकार किया जाए. एनबीए ने ये मांगे मान ली और इंडिया टीवी की छाती चौडी रह गई.

वैसे तो अपने गठन के बाद से एनबीएन ने जिस तरह के फैलले दिए हैं और जैसी हरकतें की हैं, उस हिसाब से देखें तो रजत शर्मा का चेयरमैन होना हैरानी की बात नहीं है. ये आज न कल होना ही था..लेकिन ऐसे समय में जबकि उनका चैनल और स्वयं वो खुद भी मौजूदा सरकार के बजाय उनके प्रधान सेवक के भक्त बन गए हैं..दो चीजें तो बेहद स्षप्ट और अघोषित ही सही लेकिन तय है- एक तो ये कि एनबीए के चेयरमैन की हैसियत से अब वो इस भक्ति को खुल्लाखेल फरुर्खाबादी बनाने में सक्रिय होंगे. दूसरा किसी भी चैनल या कार्यक्रम को लेकर सवाल नहीं किए जाएंगे जो कि सरकार के पक्ष में किए जाने के बावजूद पत्रकारिता के मानदंड को ध्वस्त करते हों और उन चैनलों और खबरों को कसने की पूरजोर कोशिश होगी जो मोदी सरकार के खिलाफ जाते हैं..कुल मिलाकर आप चाहें तो एनबीए की भूमिका आनेवाले समय में उन चैनलों के लिए सरकारी नियंत्रण जैसी होगी जो मोदी सरकार की गतिविधियों से असहमत होते हैं..वहीं उन चैनलों के लिए आश्वस्त करेंगे कि आप उनके नाम की चाहे जितनी उंची सुर चाहो, लगा सकते हो.

रहा मामला इंडिया टीवी की एंकर तनु शर्मा द्वारा एफआइआर करके चैनल पर उत्पीड़न का मामला दर्ज किए जाने का तो एबीए जैसी संस्था इस तरह की नैतिकता को कब मानता आया है जो इंडिया टीवी मामले में अलग से माने.

Rajat Sharma appointed as News Broadcasters Association president

New Delhi: The News Broadcasters Association (NBA), the lobby group for national news television channels, on Wednesday appointed Rajat Sharma, chairman and editor-in-chief of India TV, as its president. The board of NBA appointed Ashok Venkatramani, chief executive of ABP News, as vice president and Anurradha Prasad, chairperson-cum-managing director of News24 Broadcast India Ltd, as the honorary treasurer. The other members of the NBA Board include K.V.L. Narayan Rao, executive vice chairperson at New Delhi Television Ltd (NDTV); Ashish Bagga, director of TV Today Network Ltd; M.K. Anand, managing director and chief executive of Times Global Broadcasting Company Ltd; and Bhaskar Das, chief executive of Zee Media Corporation Ltd.

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