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गूगल लेंस की पहचानने की क्षमता 15 अरब तक पहुंची

google lens

गूगल लेंस की पहचानने की क्षमता लगातार बढ़ रही है और अब वह 15 अरब चीजों की पहचान कर सकता है। दो साल पहले तक गूगल लेंस सिर्फ एक अरब चीजों की पहचान कर सकता था। गूगल लेंस आपको स्मार्टफोन के कैमरे से चीजों को देखता है और उनकी पहचान करता है। इनमें पौधे, जानवर, लैंडमार्क और कई अन्य चीजें शामिल हैं।

गूगल ने कहा है कि अगर आप नई भाषा सीख रहे है तों गूगल लेंस आपके लिए 100 भाषाओं का अनुवाद कर सकता है। इनमें स्पेनिश और अरेबिक भी शामिल हैं। आप गूगल लेंस की मदद से शब्दों को साफ आवाज में सुन सकते हैं।

गूगल लेंस एंड्रायड और आईओएस प्लेटफार्म पर मौजूद है और यह आपके बच्चे को होमवर्क कराने में भी मदद कर सकता है।

शॉपिंग में गूगल लेंस आपकी सबसे अधिक मदद कर सकता है। खासतौर पर ऐसी चीजों के लिए जिन्हें आप खोज रहे हैं लेकिन जिनके बारे में आप साफ शब्दों में बता नहीं सकते।

लेंस की मदद से आप अपने मनचाहे प्रॉडक्ट का फोटो या फिर स्क्रीनशॉट लेकर उसे आसानी से खोज सकते हैं। (एजेंसी)

सबसे बड़े डीडॉस साइबर हमले को गू्गल ने रोका

cyber attack

गूगल ने कहा है कि साइबर सुरक्षा खतरे जैसे डिस्ट्रीब्यूटेड डिनाइल-ऑफ-सर्विस (डीडीओएस) वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह हर आकार के व्यवसाय और उपयोगकर्ता के भरोसे को नुकसान पहुंचा रहे हैं। टेक दिग्गज ने खुलासा किया है कि उसके बुनियादी ढांचे ने सितंबर 2017 में ऊंची बैंडविथ वाले 2.5 टीबीपीएस डीडॉस के हमले को नाकाम किया था।

गूगल ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, “हमारे हजारों आईपी को एक साथ निशाना बनाने के बावजूद हमले का हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।”

हमलावर ने चकमा देने के लिए कई नेटवर्क का उपयोग करके 167 एमबीपीएस (प्रति सेकंड लाखों पैकेट) से 1,80,000 सीएलएडीएपी, डीएनएस और एसएमटीपी सर्वरों को उजागर किया था।

कंपनी ने आगे कहा, “यह हमलावरों के अच्छी तरह से साधन संपन्न होने की बात को दशार्ता है क्योंकि यह हमला, एक साल पहले मिराई बॉटनेट पर हुए 623 जीबीपीएस की तुलना में 4 गुना बड़ा था। यह अब तक का सबसे उंची -बैंडविड्थ का हमला था।”

डीडॉस हमला बेवजह का ट्रैफिक बढ़ाकर पीड़ित की सेवा को बाधित करती है। हालांकि यह हमला उपयोगकर्ता के डेटा को उजागर नहीं करता है और समझौता करने के लिए भी नहीं कहता है। लेकिन यदि सिस्टम में आई रुकावट को जल्दी नहीं हटाया जाता तो यह उपयोगकर्ताके विश्वास को खोने का कारण बनता है।

गूगल ने यह भी कहा कि हमलावर सिस्टम को बाधित करने के लिए लगातार नई तकनीकें विकसित कर रहे हैं।

गूगल ने कहा, “हम भविष्य में होने वाले हमलों के अपेक्षित आकार का अनुमान लगा सकते हैं। लिहाजा हमें अप्रत्याशित चीजों के लिए तैयार रहना जरूरी है।”

कंपनी ने हाल ही में ‘क्लाउड आर्मर मैनेज्ड प्रोटेक्शन’ की घोषणा की है जो उपयोगकर्ताओं को अपनी तैनाती को सरल बनाने, लागतों का प्रबंधन करने और एप्लिकेशन की सुरक्षा के जोखिम को कम करने में सक्षम बनाता है।

गूगल ने कहा कि यह इंटरनेट समुदाय के दूसरे लोगों के साथ काम कर रहा है ताकि वह उस इंफ्रास्ट्रक्चर की पहचान करके खत्म कर सके, जिनके जरिए ये हमले किए गए। (एजेंसी)

गूगल ने चीन से संबंधित 3000 फर्जी यूट्यूब चैनलों को बंद किया

youtube lock for content

चीन से संबंधित फर्जी यूट्यूब चैनलों पर गूगल ने लगाम कसी है और हजारों की संख्या में उन्हें बंद कर दिया है. पूरी रिपोर्ट –

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं, इस बीच गूगल ने जुलाई से सितंबर तक की अवधि में 3,000 से अधिक ऐसे फर्जी यूट्यूब चैनल हटाए हैं, जो चीन से संबंधित एक बड़े स्पैम नेटवर्क का हिस्सा रहे थे। इनके द्वारा अपने चैनल पर चुनाव को प्रभावित किए जाने संबंधी अभियानों को संचालित किया जा रहा था। कंपनी द्वारा इनका सफाया किए जाने के परिणामस्वरूप अब ये अपने चैनल पर दर्शक जुटा पाने में असमर्थ हैं।

शुक्रवार देर रात गूगल ने अपने एक बयान में कहा, “हमने जितने भी वीडियोज के पहचान किए हैं, उनमें से अधिकतर में लोगों के देखे जाने की संख्या दस से भी कम हैं और इस पर भी असली के यूजर्स के मुकाबले इन्हें स्पैम अकांउट्स से ही देखे गए हैं, जो वर्तमान में सक्रिय नहीं है।”

गूगल थ्रेट एनालिसिस ग्रुप टीएजी से शेन हंटले ने कहा, “हालांकि इन नेटवर्क्‍स के द्वारा पोस्ट तो नियमित तौर पर किया जाता रहा है, लेकिन इनमें स्पैम कंटेंट की अधिकता रही है। हमने यूट्यूब पर प्रभावी ढंग से दर्शकों तक इनकी पहुंच नहीं देखी है।”(एजेंसी)

ऑनलाइन इवेंट्स के लिए जूम का नया प्लेटफॉर्म-ऑनजूम

OnZoom

कोरोना युग में वीडियो मीटिंग एप ज़ूम सुपरहिट रहा और अब इसी को देखते हुए इसे और विस्तार देते हुए कंपनी ने ऑनलाइन इवेंट्स के लिए नया प्लेटफॉर्म ऑनजूम नाम से लॉन्च किया है।

यह प्लेटफॉर्म उन पेड यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो इसके माध्यम से फिटनेस क्लासेज, कन्सर्ट्स, स्टैंडअप और म्यूजिक लेसंस जैसे इवेंट्स क्रिएट, होस्ट और मोनेटाइज कर सकते हैं।

इस नए प्लेटफॉर्म के माध्यम से मेजबान अपना व्यवसाय बढ़ा सकते हैं और अपनी पहुंच नए ऑडिएंस तक कर सकते हैं।

जूम ने अपने नए प्लेटफॉर्म को यूज करने के लिए यूजर्स को कई सुविधाएं दी हैं। जैसे कि वे इस पर टिकट गिफ्ट कर सकते हैं और साथ ही साथ एक अटेंडी डैशबोर्ड भी क्रिएट कर सकते हैं।

जूम ने कहा है कि नए प्लेटफॉर्म की सेवाएं बुधवार से अमेरिकी यूजर्स के लिए पब्लिक बेटा पर उपलब्ध हो गई हैं। (एजेंसी)

प्रसार भारती और समाचार एजेंसी PTI का नाता टूटा

prasar bharti ne pti se nata toda

समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) को बड़ा झटका लगा है। प्रसार भारती ने उससे अपना नाता तोड़ लिया है। प्रसार भारती अब अन्य घरेलू समाचार एजेंसियों से नए प्रस्ताव आमंत्रित करेगा।

देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी पीटीआई, एक बोर्ड द्वारा चलायी जाती है जिसमें प्रमुख अखबार समूहों के मालिक शामिल होते हैं और यह एक नॉन प्रॉफिट ट्रस्ट है।

प्रसार भारती का ये फैसला पीटीआई के भारत-चीन संघर्ष पर कवरेज को अनुचित पाए जाने के चार महीने बाद आया है।

सूत्रों ने कहा कि प्रसार भारती पीटीआई के सबसे बड़े ग्राहकों में से एक है, और यह पीटीआई को 6.75 करोड़ रुपये सालाना भुगतान करता है।

इस बारे में पीटीआई और यूएनआई दोनों को पत्र भेजा गया है।

सूत्रों ने कहा कि प्रसार भारती पीटीआई और यूएनआई सहित सभी समाचार एजेंसियों से नए प्रस्तावों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

इस साल जून में समाचार एजेंसी द्वारा कथित राष्ट्र-विरोधी रिपोर्ट पर अपने संबंध को समाप्त करने की धमकी देते हुए प्रसार भारती ने एक पत्र भेजा था।

पीटीआई ने चीनी राजदूत सून विडोंग के साथ एक साक्षात्कार किया था, जिसमें उन्होंने भारत-चीन हिंसक गतिरोध के लिए भारत को दोषी ठहराया था, जिसमें 20 भारतीय बहादुर शहीद हो गए थे।

सूत्रों ने कहा कि जून में बोर्ड की बैठक से ठीक पहले पीटीआई को एक पत्र भेजा गया था, जहां प्रसार भारती ने पीटीआई द्वारा राष्ट्र विरोधी रिपोटिर्ंग पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। प्रसार भारती ने यह सूचित किया था कि पीटीआई का संपादकीय रुख ठीक नहीं है।

सरकारी सूत्रों का दावा है कि प्रसार भारती पीटीआई को काफी पैसा दे रहा था जो अक्सर कई करोड़ में था। (एजेंसी)

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