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ज़ी न्यूज को तगड़ा झटका, वरिष्ठ पत्रकार रवि पराशर ने भी अलविदा कहा

ब्लैकमेलिंग प्रकरण की आंच से ज़ी न्यूज़ की साख क्या ख़ाक हुई, एक – एक कर वरिष्ठ पत्रकारों ने भी चैनल का साथ छोड़ना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में नया नाम ‘रवि पराशर’ का है.

हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और संभवतया सहारा ज्वाइन कर सकते हैं. उनके इस्तीफे की वजह भी वही है जिसके कारण पिछले कुछ महीनों में दो दर्जन से अधिक पत्रकार (सीनियर) चैनल छोड़कर जा चुके हैं.यानी ब्लैकमेल के आरोपी संपादक के अधीन काम करना. वाकई में ये दुष्कर कार्य है.

रवि पराशर का ज़ी न्यूज़ से बहुत पुराना नाता रहा है. वे तकरीबन 12 सालों से ज़ी न्यूज़ के साथ काम कर रहे थे. ज़ी न्यूज़ के न्यूज़रूम इंचार्ज भी वही थे. ऐसे में उनका जाना ज़ी न्यूज के लिए ठीक नहीं रहेगा. वैसे भी वे टिक कर काम करने वाले पत्रकार हैं. ज्यादा संस्थान नहीं बदलते. अब तक के अपने करियर में वे बहुत कम जगह ही गए और शायद अब भी नहीं जाते, यदि ज़ी में ऐसी परिस्थितियां नहीं बनती.

विश्व रेडियो दिवस के बारे में क्या आप जानते हैं?

radio world day

विश्व रेडियो दिवस : 13 फ़रवरी को सारी दुनिया में विश्व रेडियो दिवस मनाया जाता है। यूनेस्को ने सबसे पहले विश्व-स्तर पर रेडियो दिवस मनाने की शुरुआत की थी। यूनेस्को के पेरिस स्थित मुख्यालय में इस अवसर पर विशेष समारोह का आयोजन किया गया है। दुनिया की प्रमुख रेडियो प्रसारण कम्पनियों को इस समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इनमें रेडियो रूस भी शामिल है।

रेडियो रूस दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी रेडियो प्रसारण कम्पनियों में से एक है। रेडियो रूस ने आज से 80 साल पहले अपने प्रसारण शुरू किए थे। आज रेडियो रूस के प्रसारण दुनिया की 44 भाषाओं में दुनिया के सभी महाद्वीपों के निवासी सुनते हैं।

विश्व रेडियो दिवस मनाने की शुरुआत हाल ही में की गई है। यूनेस्को ने सन् 2011 में ही विश्व-स्तर पर रेडियो दिवस मनाने का निर्णय लिया। 13 फ़रवरी का दिन ‘विश्व रेडियो दिवस’ के रूप में इसलिए चुना गया क्योंकि 13 फ़रवरी सन् 1946 से ही रेडियो यू०एन०ओ० यानी सँयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अपने रेडियो प्रसारण की शुरुआत की गई थी।

जनसुलभ साहित्यमाला की 12 पुस्तकों का विमोचन

जनसुलभ साहित्यमाला की 12 पुस्तकों का विमोचन विश्व पुस्तक मेले में संपन्न हुआ. अनेक गणमान्य साहित्यकार और साहित्यप्रेमी उपस्थित थे. ये 12 पुस्तकें हैं-

कहानी

कमरा नंबर 103 : सुधा ओम ढींगरा

इमराना हाज़िर हो : महेशचंद्र द्विवेदी
कहानियाँ अमेरिका से : सं. इला प्रसाद
कुत्तेवाले पापा : मीना अग्रवाल
प्रेमचंद की कालजयी कहानियाँ : सं. डॉ. कमलकिशोर गोयनका
लघुकथाएँ मानव-जीवन की : सं. सुकेश साहनी, रामेश्वर कांबोज ‘हिमांशु’

नैतिकता की बात होने पर निशाने पर टीवी – एन.के.सिंह

भारतीय मीडिया और नैतिकता का संकट पर गोष्ठी

media

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) और गांधी शांति प्रतिष्ठान की ओर से गांधी शांति प्रतिष्ठान में “भारतीय मीडिया और नैतिकता का संकट”, पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें अनेक गण्यमान्य पत्रकार एवं राजनीति, समाजसेवी और चिंतक उपस्थित रहे। एनयूजे (आई) के अध्यक्ष विजय क्रांति के स्वागत भाषण के साथ परिचर्चा की शुरूआत हुई। विजय क्रांति ने वर्तमान समय में मीडिया की नैतिकता के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम की शुरूआत पूर्व आईपीएस और सोशल एक्टिविस्ट किरण बेदी ने की। अपने संबोधन में किरण बेदी ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता पर व्यावसायिकता थोड़ी हावी हो रही है। भारतीय मीडिया इस समय नैतिकता के संकट का सामना कर रहा है। जिस तरह समाचार मीडिया, मनोरंजन और दूरसंचार के क्षेत्र में तेज विकास हो रहा है, उसके कारण व्यावसायिक पत्रकारिता, जनसंपर्क, विज्ञापन और मनोरंजन की सीमाएं आपस में घुल-मिल गई हैं। उन्होंने कहा कि सवाल यह है क्या नए पत्रकार इन सीमाओं को जानते हैं और क्या वे कारोबारी फायदे व मौलिक नफे-नुकसान के लिए इसे कुर्बान करने के लिए तैयार हैं ? जानदार पत्रकारिता लोकतंत्र की धुरी होती है जो हमेशा नैतिकता के पालने से ही पनपती है। आज यह आम धारणा हो गई है कि व्यावसायिक पत्रकारिता पर नैतिकता की पकड़ ढीली पड़ गई है।

Journalism University organising an Alumni Meet on 16th February

Bhopal/13 Feb. 2013/ Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism & Communication is organising on Alumni Meet on 16 February 2013. The programme is scheduled to begin at 10.00 AM at University campus situated at M P Nagar, Zone I. This programme has been organised to meet and exchange experiences of the old & new students. Apart from ex-student and the present students, the ex-employees, ex-officers and ex-vice chancellor will also participate in the meet. The chief guest of the meet is honorable Shri Laxmikant Sharma, the Higher education and Public Relations Minister of the M.P. Govt. The keynote speaker is senior journalist Shri Rahul Dev. The Ex-vice chancellor of the university Shri Achutanand Mishra, Shri Ramsharan Joshi, Dr. Nandkishore Trikha, Shri Sanjay Salil, Shri Majoj Manu & Shri Omkarashwar Pandey are also among the senior journalist to felicitate the occassion.

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