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रामायण का दूरदर्शन पर फिर से होगा प्रसारण, लॉकडाउन में जय श्रीराम!

सिद्ध रामायण धारावाहिक का एक बार फिर दूरदर्शन नेशनल पर प्रसारण

देश में वर्तमान कोरोना वायरस की स्थिति और 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान घर में रहने वाले लोगों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती ने शनिवार, 28 मार्च 2020 से रामानंद सागर के रामायण धारावाहिक का दूरदर्शन पर एक बार फिर प्रसारण करने का फैसला किया है।

केन्‍द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह घोषणा करते हुए खुशी जाहिर की कि रामायण का एक बार फिर प्रसारण किया जा रहा है।

प्रसारण रोजाना 2 स्लॉट् में होगा, सुबह 9 बजे से सुबह 10 बजे तक और रात 9 बजे से रात 10 बजे तक। शाम के स्लॉट में श्रृंखला का अगला एपिसोड दिखाया जाएगा।

इस धारावाहिक में लोगों की भारी रुचि और इसके दोबारा प्रसारण की जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया गया है। प्रसार भारती के सीईओ श्री शशि शेखर वेम्पति ने दूरदर्शन की टीम को बधाई दी जिसने इसके लिए युद्ध स्तर पर काम किया। श्री वेम्पति ने सागर परिवार को दूरदर्शन के लिए सामग्री उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया।

प्रसार भारती कोविड-19 के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। समाचार सेवा प्रभाग हिंदी और अंग्रेजी में सुबह 8 से 9 बजे और शाम 8 बजे से 9 बजे तक विशेष बुलेटिन प्रसारित कर रहा है। डीडी न्यूज और डीडी इंडिया द्वारा अनेक विशेष कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं।

रामायण दिखाने की मांग –
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों कोरोनावायरस के कारण 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी तो भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय सहित तमाम लोगों ने सोशल मीडिया पर ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के प्रसारण की मांग उठाई थी। इसके बाद प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने बीते 26 मार्च को फिर से प्रसारण के संकेत दिए थे।

रामायण की लोकप्रियता –
‘रामायण’ का लेखन से लेकर निर्देशन रामानंद सागर ने किया था। इसलिए इस टीवी सीरीज को ‘रामानंद रामायण’ भी कहा जाता है। कुल 78 एपिसोड वाले इस धारावाहिक का देश मे पहली बार मूल प्रसारण 25 जनवरी, 1987 से लेकर 31 जुलाई, 1988 तक हुआ था। इस दौरान हर रविवार को सुबह साढ़े नौ बजे यह धारावाहिक टीवी पर आता था। तुलसीदास के ‘रामचरित मानस’ पर आधारित इस धारावाहिक का जब पहली बार देश में प्रसारण होना शुरू हुआ तो इसके प्रसारण के समय मानो देश ठहर जाता था। लोग कामकाज छोड़कर सुबह साढ़े नौ बजे ही टीवी से चिपक जाते थे। हालांकि उस वक्त बहुत कम घरों में टेलीविजन थे, तो जिनक घर सुविधा होती थी वहां पड़ोसियों की भीड़ उमड़ पड़ती थी। 1987 से 1988 तक चले प्रसारण के दौरान ‘रामायण’ देश ही नहीं दुनिया में सबसे अधिक देखा जाने वाला धारावाहिक बन गया था। जून 2003 तक लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में यह विश्व के सर्वाधिक देखे जाने वाले पौराणिक धारावाहिक के रूप में दर्ज रहा।

प्रधानमंत्री मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेडियो जॉकीज़ से बातचीत

प्रधानमंत्री ने रेडियो जॉकीज़ के साथ बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कई रेडियो जॉकीज़ (आरजे) के साथ बातचीत की। उन्होंने  कोविड-19 के बारे में जागरूकता फैलाने में आरजे लोगों द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये प्रशंसनीय बात है कि लॉकडाउन में भी आरजे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं और घर से अपने कार्यक्रम रिकॉर्ड कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने कार्यक्रमों की पहुंच के माध्यम से सभी आरजे लाखों भारतीय परिवारों के सदस्यों की तरह हैं। लोग न केवल उन्हें सुनते हैं बल्कि उनकी बात का पालन भी करते हैं। ये आरजे लोगों की बड़ी जिम्मेदारी है कि वे न केवल अंधविश्वासों को दूर करें बल्कि लोगों को प्रोत्साहित भी करें।

विशेषज्ञों के विचारों और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी प्रसारित करने के अलावा प्रधानमंत्री ने इन रेडियो जॉकी से कहा कि वे लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों के संबंध में आने वाली प्रतिक्रियाएं भी मुहैया करवाएं ताकि सरकार उनका समाधान कर सके।

प्रधानमंत्री ने आरजे लोगों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक कहानियों और मामलों का प्रसार करें, खासकर उन रोगियों के संबंध में जो कोरोनोवायरस संक्रमण से पूरी तरह से उबर चुके हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की कहानियों को फैलाएं जिससे ये पूरा देश एक साथ आ सके। उन्होंने आरजे लोगों से ये भी कहा कि वे राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों, नर्सों, वार्ड बॉय आदि स्थानीय नायकों के योगदान को सभी के सामने रखें और उसका जश्न मनाएं।

सहानुभूति के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वायरस से संक्रमित होने की सामाजिक आशंकाओं के कारण डॉक्टरों, स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों और एयरलाइन कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की कहानियों को बताना महत्वपूर्ण है, ताकि इस तरह की चुनौतियां दूर हों। उन्होंने पुलिस कर्मियों के समर्पण के बारे में जनता को शिक्षित करने के महत्व को भी रेखांकित किया जो जनता की सहायता के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए, साथ ही यह भी जोड़ा कि जहां पुलिस को कठोर तरीके अपनाने से बचना चाहिए वहीं अनुशासन को लागू करना भी आवश्यक है। इस महामारी से लड़ने के लिए 130 करोड़ भारतीयों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक के रूप में कार्य करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस कठिन समय में गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए कई उपायों की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण है कि इन घोषणाओं के बारे में जानकारी अपेक्षित लाभार्थियों तक तेजी से और समय पर पहुंचे। प्रधानमंत्री ने कहा कि जन संचारकों के रूप मेंआरजे अपने श्रोताओं को घोषणाओं के बारे में बताने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक दूरी और सेल्फ-क्वॉरंटीन के महत्व के बारे में शिक्षित करने में एक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

अपनी प्रतिक्रिया में रेडियो जॉकीज़ ने प्रधानमंत्री को आरजे बिरादरी का हिस्सा कहकर ही पुकारा क्योंकि वे 2014 से रेडियो पर व्यापक रूप से सफल ‘मन की बात’ कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की ‘जनता कर्फ्यू’ की पुकार और अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को धन्यवाद देने के उनके अभिनव विचार को मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया की ओर इशारा करते हुए इन आरजे ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि वे इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्र की आवाज के रूप में अपनी भूमिका निभाकर खुश होंगे।

प्रधानमंत्री ने पाया कि अफवाहों के प्रवाह को रोकने में सार्वजनिक प्रसारणकर्ता ऑल इंडिया रेडियो की विशेष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इन आरजे से अनुरोध किया कि वे भी अफवाहों के प्रसार को रोकने की दिशा में काम करें।

प्रधानमंत्री ने आरजे लोगों से आग्रह किया कि वे समाज में रचनात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण को सुनिश्चित करने के संबंध में काम करें। उन्होंने कहा कि ‘कोविड-19 द्वारा खड़ी की गई चुनौती का मुकाबला करने की कुंजी सकारात्मकता के साथ एकजुटता के दृष्टिकोण में निहित है।’

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने भी इस बातचीत में भाग लिया।

दुनियाभर के अखबार और पोर्टल के लिए लांच हुआ नया प्लेटफॉर्म

sd e media library

कोलकाता / इंदौर : डिजिटल दुनिया में हर कोई पाठक चाहते है डिजिटल लाइब्रेरी जहाँ पाठक देश दुनिया के समस्त भाषा के अख़बार/ मैगज़ीन / न्यूज़ पोर्टल एक स्थान पर प्राप्त करना चाहते है ऐसे में सच्चा दोस्त न्यूज़ समूह ने हिंदी इंग्लिश सहित देश दुनिया के विभिन्न भाषाओँ में प्रकाशित हजारों समाचार पत्रों / न्यूज़ पोर्टल / मैगज़ीन को एक मंच पर उपलब्ध करवाने के लिए SD e-MEDIA LIBRARY का शुभारम्भ किया है.

यह डिजिटल लाइब्रेरी कम्प्यूटर / लेपटॉप / टेबलेट / मोबाइल सहित एंड्रॉयड टीवी पर भी सक्रिय है. साथ ही सच्चा दोस्त समूह के SD e-MEDIA LIBRARY का एंड्राइड ऍप भी गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. उक्त डिजिटल लाइब्रेरी की लॉन्चिंग करते हुए कंपनी के सीईओ विनायक अशोक लुनिया ने बताया बताया की यह ऐप पाठकों को एक ही मंच पर समस्त मीडिया संस्थानों से जोड़ने में मददगार शाबित होगा तो वहीँ मीडिया संस्थानों को भी स्थानीय पाठकों के अलावा देश दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में पाठको को अपने साथ जोड़ने में काफी सहयोगी साबित होगा.

IARC द्वारा विश्व स्तर पर हुआ सर्टिफाइड
साथ ही श्री लुनिया ने बताया की IARC द्वारा कंटेंट रेटिंग से सर्टिफाइड SD e-MEDIA LIBRARY ऑस्ट्रेलियाई क्लासिफिकेशन बोर्ड – ऑस्ट्रेलिया, इंडिकेटिव क्लासिफिकेशन (ClassInd) – ब्राज़ील, एंटरटेनमेंट सॉफ्टवेयर रेटिंग बोर्ड (ESRB) – नार्थ अमेरिका, गेम रेटिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन कमिटी (GRAC) – साउथ कोरिया, पैन यूरोपियन गेम इनफार्मेशन (PEGI) – यूरोप, एंटरटेनमेंट सॉफ्टवेयर सेल्फ-कण्ट्रोल (USK) – जर्मनी सहित IARC रिकग्नाइजेशन ऑस्ट्रेलिया डे, MEFFY अवार्ड्स, ब्राज़ीलियाई गवर्नमेंट होनोरेड IARC, इन्नोवेशंस- IT अवार्ड्स के द्वारा सर्टिफाइड है.

वेबसाइट – http://emedialibrary.sdnews.in/
एंड्राइड ऍप ऑन प्ले स्टोर – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wSDemedialibrary_10338776

कोरोनावायरस से स्पेन के दो पत्रकारों की मौत

कोरोनावायरस के कारण स्पेन में दो खेल पत्रकारों की मौत हो गई है। अंतर्राष्ट्रीय खेल पत्रकार संघ (एआईपीएस) की रिपोर्ट के मुताबिक 59 साल के जोस मारिया कैनडेला और 78 साल के थॉमस डिएज वाल्डेस की गुरुवार को इस भयंकर बीमारी के कारण मौत हो गई। जोस रेडियो नेशनल डे स्पेन (आरएनई) के लिए काम करते थे तो वहीं थॉमस मोटरप्वाइंट नेटवर्क एडिटर्स के महानिदेशक थे। वह साथ ही 30 साल तक स्पेन के अखबार एएस के रिपोर्टर भी थे।

आरएनई ने बताया है कि जोस का निधन कोरोनावायरस के कारण हुआ है। वह अपने घर में अकेले मृत पाए गए। जोस के दोस्त और एआईपीएस के सदस्य प्रिटो ने कहा कि उनका आज यानि शुक्रवार को जांच होनी थी लेकिन इससे पहले ही वो खत्म हो गए।

उन्होंने कहा, “वह कमजोर महसूस कर रहे थे, लेकिन उनकी जांच आज (शुक्रवार) को होनी थी। वो यहां स्पेन में जांच नहीं कर रहे हैं। उनके भाई ने आखिरी बार उनसे बात की थी।”
(एजेंसी)

यूट्यूब भारत में वीडियो स्ट्रीमिंग गुणवत्ता में कमी करेगा

लॉकडाउन के कारण पूरा देश अपने – अपने कमरे में सिमट गया. इससे इन्टरनेट पर दवाब बढ़ गया है. इसी को देखते हुए यूट्यूब ने भारत में वीडियो स्ट्रीमिंग गुणवत्ता में कमी करेगा.

वीडियो स्ट्रीमिंग दिग्गज यूट्यूब ने बुधवार को घोषणा की कि वह भारत में उपयोगकर्ताओं के लिए स्ट्रीमिंग की गुणवत्ता को कम करेगा। यह निर्णय कोरोनोवायरस महामारी को देखते हुए लिया गया, ताकि लोग यहां अपना तनाव कम कर सकें।

भारत में डिफॉल्ट वीडियो गुणवत्ता एसडी या 480पी पर स्विच हो जाएगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उपयोगकर्ता अभी भी हाई डेफिनेशन पर स्विच कर सकते हैं यदि वे चाहते हैं।

हालांकि, उन्हें गुणवत्ता को मैन्युअल रूप से चालू करना होगा।

गूगल के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “हम इस अभूतपूर्व स्थिति के दौरान सिस्टम पर तनाव को कम करने के लिए दुनिया भर में सरकारों और नेटवर्क ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

प्रवक्ता ने कहा, “पिछले हफ्ते, हमने घोषणा की कि हम यूरोपीय संघ में मानक परिभाषा के लिए यूट्यूब पर सभी वीडियो को अस्थायी रूप से डिफॉल्ट कर रहे हैं। इस संकट की वैश्विक प्रकृति को देखते हुए हम आज से वैश्विक स्तर पर उस बदलाव का विस्तार करेंगे।”

नेटफ्लिक्स और अमेजान प्राइम वीडियो सहित स्ट्रीमिंग दिग्गजों ने बैंडविड्थ की जरूरतों को कम करने के लिए अपनी गुणवत्ता भी कम कर दी है। यह कमी इंटरनेट की स्थिरता को बनाए रखने के लिए है। (एजेंसी)

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