Home Blog Page 30

उत्तरप्रदेश के दो पत्रकारों पर फेक न्यूज मामले में एफआईआर दर्ज

fake news final

फतेहपुर (उप्र)| दो नाबालिग दलित लड़कियों के साथ बलात्कार और उनकी हत्या के बारे में ट्विटर पर फेक न्यूज फैलाने के आरोप में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दो पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ये एफआईआर धारा सिंह यादव नामक शख्स और एक समाचार चैनल के पत्रकार के खिलाफ दर्ज की गई है। इसकी शिकायत असोथर थाना के प्रभारी रणजीत बहादुर सिंह ने की थी।

सिंह ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया कि जब वह चिचनी गांव में गश्त पर थे, तब उन्हें पता चला कि एक निजी चैनल के पत्रकार और धारा सिंह यादव ट्विटर पर दो नाबालिग लड़कियों की हत्या की झूठी खबर फैला रहे हैं।

उन्होंने कहा, ”दोनों लड़कियों की मौत एक तालाब में डूबने से हो गई थी। लेकिन पत्रकार दलित और अन्य समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे थे। पत्रकार ट्विटर पर आधारहीन खबरें फैला रहे थे कि लड़कियों के हाथ और पैर बंधे हुए मिले थे और उनके साथ बलात्कार किया गया और उनकी आंखें निकाल ली गईं। इससे दलित और अन्य समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ रही थी।

उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि नाबालिग लड़कियों की डूबने से मौत हो गई और उनकी आंखों और शरीर के अन्य हिस्सों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

बता दें कि चिचनी में एक तालाब में दो नाबालिग बहनें मृत पाई गईं थी और परिवार ने बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने कहा था कि लड़कियों की मौत डूबने से हुई है। (एजेंसी)

डिजिटल मीडिया में 26% एफडीआई की अनुमति के लिए एक महीने में देनी होगी सूचना

fdi in digital media

डिजिटल मीडिया में अधिकतम 26 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) के फैसले के पालन के लिए संस्थानों को एक महीने के अंदर जरूरी सूचनाएं, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को देनी होंगी। इसको लेकर मंत्रालय ने सोमवार को पब्लिक नोटिस जारी किया है।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 18 सितंबर 2019 को केंद्र सरकार के फैसले का पालन करने के लिए डिजिटल मीडिया के माध्यम से समाचार और करंट अफेयर्स को अपलोड / स्ट्रीमिंग में शामिल करने वाली योग्य संस्थाओं को सुविधा प्रदान करने के लिए यह सार्वजनिक नोटिस जारी किया है।

सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है कि 26 प्रतिशत से कम विदेशी निवेश वाली संस्थाओं को एक महीने के भीतर कई तरह की सूचनाएं देनी होंगी।

मसलन, कंपनी, इकाई और उसके शेयरहोल्डिंग पैटर्न के बारे में विस्तृति जानकारी देनी होगी। कंपनी के प्रमोटर्स, निदेशकों, शेयरधारकों के नाम और पते मंत्रालय को उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही संस्थान का स्थाई खाता संख्या, ऑडिट रिपोर्ट के साथ नवीनतम प्रॉफिट एंड लॉस बैलेंस शीट की भी सूचना मंत्रालय को देनी होगी।

नोटिस में कहा गया है कि मौजूदा समय जिन संस्थानों में 26 प्रतिशत से अधिक एफडीआई है, उन्हें भी संबंधित सूचनाएं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को उपलब्ध करानी जरूरी है। ऐसे संस्थानों को 15 अक्टूबर, 2021 तक एफडीआई को निर्धारित सीमा 26 प्रतिशत के नीचे लाकर मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। प्रत्येक संस्थान को निदेशक मंडल और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की नागरिकता की शर्तो का भी पालन करना होगा। (एजेंसी)

मोदी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्ध है – अमित शाह

amit shah media

आज यानि कि 16 नवंबर को देश भर में प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया से जुड़े कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्ध है और इसका विरोध करने वालों का पुरजोर विरोध करती है।

शाह ने ट्वीट कर लिखा, “हमारी मीडिया बिरादरी अपने महान राष्ट्र की नींव को मजबूत बनाने की दिशा में अथक प्रयास कर रही है। मोदी सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्ध है और इसका विरोध करने वालों का पुरजोर विरोध करती है।”

गृह मंत्री ने कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ मीडिया की भूमिका की खुलकर तारीफ करते हुए इसे ‘उल्लेखनीय’ माना।

इस अवसर पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक वेबिनार में दिए एक संदेश में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी इसी बात को दोहराया कि “प्रेस की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है”, लेकिन साथ ही इस स्वतंत्रता को ‘जिम्मेदाराना’ करार दिया।

फेसबुक पर राजनीतिक कंटेंट देखने वाले महज 6 फीसदी

facebook

फेसबुक पर लोग जो भी कंटेंट देखते हैं या पोस्ट करते हैं, उनमें राजनीतिक कंटेंट सिर्फ 6 फीसदी ही होती है। यहां तक कि अमेरिका में 3 नवंबर के चुनाव के दिन में भी लोगों ने इससे दुगना कंटेंट हैलोवीन का देखा। यह खुलासा सोशल नेटवर्किंग की दिग्गज कंपनी ने खुद किया है।

कंपनी के एनालिटिक्स के वाइस प्रेसिडेंट और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर एलेक्स शुल्त्ज के अनुसार, “चुनाव के समय भी ज्यादातर लोग वही कंटेंट देखते हैं, जो राजनीति के बारे में नहीं होता। इसमें दोस्तों की पोस्ट या पेज शामिल हैं।”

उन्होंने बुधवार को अपने एक बयान में कहा, “उदाहरण के लिए चुनाव के दिन हमने हैलोवीन को लेकर पोस्ट की संख्या राजनीतिक पोस्ट से दोगुनी देखी, जबकि फेसबुक ने अपने न्यूज फीड में कई बार इसे टॉप पर डाला कि लोग मतदान के बारे में पोस्ट करें।”

फेसबुक पर जिन चीजों के बारे में सबसे ज्यादा सार्वजनिक चर्चा होती है वो फेसबुक पेज की पोस्ट होती हैं, जिनमें अन्य कंटेंट के लिंक भी होते हैं।

उन्होंने आगे कहा, “नागरिकों से जुड़ी चर्चाओं पर फेसबुक के प्रभाव को जानने की खासी रुचि है, इसलिए हम लोग ऐसे डेटा साझा करते हैं, ताकि इस पर और अध्ययन किया जा सके। इसके लिए हम फेसबुक ओपन रिसर्च एंड ट्रांसपेरेंसी (फोर्ट) प्रोजेक्ट के जरिए शोधकर्ताओं के समूहों और प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी कर रहे हैं। फेसबुक को उम्मीद है कि अगले साल इस पर पहले शोधपत्र प्रकाशित किए जाएंगे।”

कंपनी ने कहा है, “कैम्ब्रिज एनालिटिका के बाद यह स्पष्ट है कि हमें शोधकर्ताओं के साथ साझेदारी करने और उन्हें डेटा तक पहुंच देने के बारे में कितना ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।” ( एजेंसी)

गूगल पर वर्चुअल दीपावली

google virtual diwali

कोरोनाकाल में सोशल डिस्टेसिंग के दौरान भी लोग त्यौहार का जमकर लुफ्त उठा पाएं, इसे ध्यान में रखते हुए गूगल ने वर्चुअल दीवाली के अनुभव को पेश करने की योजना बनाई है, जिसमें नए ऑगमेंटेड रिएलिटी (एआर) एक्सपीरियंस के माध्यम से भाग लिया जा सकता है। गूगल आर्ट्स एंड कल्चर ने 20 से अधिक सांस्कृतिक गतिविधियों में संलग्न संगठनों के साथ मिलकर दीवाली एट होम को लॉन्च करने की तैयारी में है।

कंपनी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, “रोशनी के इस त्यौहार, तमाम लोककथाओं, हस्तियों, खूबसूरत ²श्यों के माध्यम से कई कहानियां बुनी जाएंगी। वर्चुअली तरीके से अपने स्पेस को दीयों, आतिशबाजियों और अनार से सजाया जा सकेगा और इस तरह से त्यौहार का आनंद लेने का एक और मौका मिलेगा।”

दीवाली से संबंधित कई बातों व पुरानी यादों को छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय, भारतीय संग्रहालय, राष्ट्रीय संग्रहालय सहित कई संस्थानों द्वारा ऑनलाइन प्रदर्शनियों के माध्यम से साझा किया जाएगा।

कंपनी ने कहा, इसमें इंटैरिक्टव कलरिंग बुक जैसी कई मजेदार चीजें होंगी। अपने फोन में से सिर्फ दीवाली सर्च कर इन्हें ढूंढ़कर यूजर्स इनका आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, दीवाली पर लंदन स्थित नेहरू सेंटर के लेखक और निर्देशक अमीश त्रिपाठी और कला इतिहासकार, ब्रॉडकास्टर और पूर्व संग्रहालय निदेशक नील मैकग्रेगर के बीच चर्चा को भी देखा जा सकता है। (एजेंसी)

सोशल मीडिया पर मीडिया खबर

665,311FansLike
4,058FollowersFollow
3,000SubscribersSubscribe

नयी ख़बरें