संदर्भ - अजीत अंजुम ने की पत्रकार से फिल्मकार बने ज़ैग़म इमाम की तारीफ़
अजीत अंजुम[/caption]
मेरी कहानी आपके बिना अधूरी है। मेरे संघर्ष को दिशा देने में आपकी बड़ी भूमिका है...दिल्ली में अखबार में काम करते हुए टीवी की नौकरी के लिए न जाने किस किस के पैरों पे गिरा, रोया, गिड़गिड़ाया लेकिन कभी किसी ने मदद नहीं की। मैं सबसे कहता था एक बार लिखवा के देख लीजिए...किसी के पास इतनी फुर्सत नहीं थी कि मेरी दो लाइन देख सके। मैं उन अभागों में था जिसे टेलीविजन में टेस्ट देने का मौका तक नहीं मिलता था।
महीने के 10 हजार पाने वाले हारे हुए अखबार के रिपोर्टर को आपने प्राइम टाइम का कामयाब टीवी प्रोड्यूसर बना दिया। मेरे शब्दों के तीर को कमान, मेरे सपनों को आसमान... दिल्ली से लेकर मुंबई तक हर जगह सिर्फ आप आप आप ही थे। मैंने हमेशा सोचा कि मेरे जीवन की बड़ी उपलब्धि आपको समर्पित करूंगा...मेरे फिल्म यकीनन छोटी है लेकिन मेरी झोली में मौजूद सबसे बड़ा तोहफा है....ये तोहफा आपको समर्पित है सर। सादर। @fb
ज़ैग़म इमाम[caption id="attachment_7934" align="alignleft" width="300"]
अजीत अंजुम[/caption]
मेरी कहानी आपके बिना अधूरी है। मेरे संघर्ष को दिशा देने में आपकी बड़ी भूमिका है...दिल्ली में अखबार में काम करते हुए टीवी की नौकरी के लिए न जाने किस किस के पैरों पे गिरा, रोया, गिड़गिड़ाया लेकिन कभी किसी ने मदद नहीं की। मैं सबसे कहता था एक बार लिखवा के देख लीजिए...किसी के पास इतनी फुर्सत नहीं थी कि मेरी दो लाइन देख सके। मैं उन अभागों में था जिसे टेलीविजन में टेस्ट देने का मौका तक नहीं मिलता था।
महीने के 10 हजार पाने वाले हारे हुए अखबार के रिपोर्टर को आपने प्राइम टाइम का कामयाब टीवी प्रोड्यूसर बना दिया। मेरे शब्दों के तीर को कमान, मेरे सपनों को आसमान... दिल्ली से लेकर मुंबई तक हर जगह सिर्फ आप आप आप ही थे। मैंने हमेशा सोचा कि मेरे जीवन की बड़ी उपलब्धि आपको समर्पित करूंगा...मेरे फिल्म यकीनन छोटी है लेकिन मेरी झोली में मौजूद सबसे बड़ा तोहफा है....ये तोहफा आपको समर्पित है सर। सादर। @fbM
Media Khabar
Staff Writer · Media Khabar
