[caption id="attachment_28850" align="aligncenter" width="1005"]
नोट बदलने से आम आदमी की परेशानी का जिक्र करते राजदीप सरदेसाई[/caption]
[caption id="attachment_10599" align="alignleft" width="150"]
दिलीप मंडल[/caption]
वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल सोशल मीडिया पर कई बार प्रख्यात पत्रकार राजदीप सरदेसाई की पत्रकारिता पर सवाल उठा चुके हैं.इसी कड़ी में उन्होंने एक बार फिर राजदीप पर निशाना साधा है.इस बार पत्रकारिता से ज्यादा उनकी जाति को लेकर उन्होंने निशाना बनाया हैं. वे लिखते हैं -
आपको मेरी बात समझ में आती नहीं है। वरना मैं कब से कह रहा हूँ कि प्रगतिशील ब्राह्मणवाद ज़्यादा ज़हरीला है। लंबे समय तक प्रगतिशील रहने के बाद राजदीप सरदेसाई ने ठीक समय पर जनेऊ पत्रकारिता कर दी।
देखें आज के हिंदुस्तान टाइम्स में राजदीप का लेख।
राजदीप की सुविधा यह है कि इसके बावजूद वे निष्पक्ष और प्रगतिशील माने जाएँगे। वहीं, मैंने आज तक कभी किसी चुनाव में पूर्वानुमान नहीं लगाया। फिर भी मुझे वह सुविधा हासिल नहीं होगी।
नोट बदलने से आम आदमी की परेशानी का जिक्र करते राजदीप सरदेसाई[/caption]
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दिलीप मंडल[/caption]
वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल सोशल मीडिया पर कई बार प्रख्यात पत्रकार राजदीप सरदेसाई की पत्रकारिता पर सवाल उठा चुके हैं.इसी कड़ी में उन्होंने एक बार फिर राजदीप पर निशाना साधा है.इस बार पत्रकारिता से ज्यादा उनकी जाति को लेकर उन्होंने निशाना बनाया हैं. वे लिखते हैं -
आपको मेरी बात समझ में आती नहीं है। वरना मैं कब से कह रहा हूँ कि प्रगतिशील ब्राह्मणवाद ज़्यादा ज़हरीला है। लंबे समय तक प्रगतिशील रहने के बाद राजदीप सरदेसाई ने ठीक समय पर जनेऊ पत्रकारिता कर दी।
देखें आज के हिंदुस्तान टाइम्स में राजदीप का लेख।
राजदीप की सुविधा यह है कि इसके बावजूद वे निष्पक्ष और प्रगतिशील माने जाएँगे। वहीं, मैंने आज तक कभी किसी चुनाव में पूर्वानुमान नहीं लगाया। फिर भी मुझे वह सुविधा हासिल नहीं होगी।M
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Staff Writer · Media Khabar
