टीवी पर कोरोना प्रभाव, रिपोर्टरों को रहता है स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस वार्ता का इंतजार

मोदी सरकार के एक आईएएस अफसर की प्रेस कान्फ्रेंस का हर रोज सबको इंतजार रहता है। ये आईएएस अफसर कोई और नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल हैं। इन दिनों अक्सर वह शाम चार बजे नेशनल मीडिया सेंटर पर प्रेस कान्फ्रेंस कर देश को कोरोना का ताजा हाल सुनाते हैं।

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लव अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव

टीवी चैनलों पर स्वास्थ्य की खबरे लम्बे समय से लापता थी. कोरोनावायरस के संक्रमण ने हेल्थ रिपोर्टिंग को एक नया आयाम दे दिया.अब हरेक रिपोर्टर को स्वास्थ्य मंत्रालय प्रेस वार्ता का इन्तजार होता है.

देश में कोरोना वायरस के गहराते संकट के बीच आजकल मोदी सरकार के एक आईएएस अफसर की प्रेस कान्फ्रेंस का हर रोज सबको इंतजार रहता है। ये आईएएस अफसर कोई और नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल हैं। इन दिनों अक्सर वह शाम चार बजे नेशनल मीडिया सेंटर पर प्रेस कान्फ्रेंस कर देश को कोरोना का ताजा हाल सुनाते हैं। मसलन, देश में अब तक कितने लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हुए, कितनी मौतें हुईं और सरकार क्या कर रही है, जनता को क्या करना चाहिए।

आंध्र प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय में अहम भूमिका निभा रहे लव अग्रवाल की पहचान इनोवेटिव आईएएस अफसर की रही है। उनके साथ काम कर चुके लोग बताते हैं कि टेक्नोलॉजी की मदद से स्वास्थ्य सिस्टम को सुधारने में लव अग्रवाल रुचि लेते हैं। वह ऐसे अफसर हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में जागरूकता को बहुत जरूरी मानते हैं।

मूलत: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले लव अग्रवाल आंध्र प्रदेश काडर के आईएएस अफसर हैं। वह आईआइटियन भी हैं। आईआईटी-दिल्ली से 1993 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद लव ने बाद में सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की। 1996 में उन्हें आंध्र प्रदेश काडर मिला। आंध्र प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के वह निदेशक रहे। उन्होंने वहां शिक्षा के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी काम किया। वह आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त भी रहे।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में लीक से हटकर चलाई गई कई योजनाओं से कारण लव अग्रवाल सुर्खियों में रहे। वर्ष 2016 के बाद लव अग्रवाल को लगा कि केंद्र सरकार में काम करना चाहिए। उन्होंने प्रतिनियुक्ति मांग ली। अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, इसलिए प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हुआ और मोदी सरकार ने उन्हें 28 अगस्त, 2016 को स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव (जेएस) बनाया। इस पद पर उनकी नियुक्ति पांच साल के लिए हुई है। यानी वह 2021 तक इस पद की जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

46 वर्षीय लव अग्रवाल के जिम्मे स्वास्थ्य मंत्रालय में ग्लोबल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, टेक्नोलॉजी, पब्लिक पॉलिसी की जिम्मेदारी है। लव लीक से हटकर काम करने और योजनाओं को सही तरीके से जनता के बीच ले जाने में रुचि लेते हैं। मोदी सरकार उन्हें कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष रखने का मौका दे चुकी है। वह विश्व स्वास्थ्य की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

लव अग्रवाल ने इस साल जनवरी में जी20 देशों के हेल्थ वर्किं ग ग्रुप के सम्मेलन में मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना का प्रजेंटेशन दिया था। लव जी20 देशों के लिए डिजिटल हेल्थ टास्क फोर्स बनाने की भी वकालत कर चुके हैं।

मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कई देशों के साथ सहयोग और करार करने में भी लव अग्रवाल अहम भूमिका निभा चुके हैं। पिछले साल उन्होंने स्वास्थ्य सचिव डॉ. प्रीति सूदन के साथ ‘यूएस इंडिया हेल्थ डॉयलाग’ में भी शामिल रहे। (एजेंसी)

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