गवर्नेंस नाउ के दीपक रस्तोगी को केसी कुलिश इंटरनेशनल मेरिट अवार्ड

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राष्ट्रपति 30 अक्टूबर को करेंगे सम्मानित

‘गवर्नेंस नाउ’ के को-ऑर्डिनेटिंग एडिटर दीपक रस्तोगी को ‘केसी कुलिश अवार्ड फॉर एक्सेलेंस इन प्रिंट जर्नलिज्म’ का ‘मेरिट अवार्ड’ प्रदान करने की घोषणा की गई है। 3० अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार समारोह रखा गया है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी पुरस्कार प्रदान करेंगे। राजस्थान पत्रिका समूह द्बारा अखबारी जगत में उल्लेखनीय पत्रकारिता के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। इसके लिए दुनिया भर के अखबारों में छपी खोजी खबरों की समीक्षा की जाती है। वर्ष 2०1० में केन्द्रीय विषय था- ‘क्रूसेड अगेन्स्ट करप्शन’ (भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग)।

‘केसी कुलिश अवार्ड फॉर एक्सेलेंस इन प्रिंट जर्नलिज्म’ की जूरी ने दीपक रस्तोगी की जमीन घोटाले पर खोजी खबरों की सिरीज को मेरिट अवार्ड श्रेणी में शीर्ष पर रखा। कोलकाता समेत बंगाल के विभिन्न हिस्सों में कुल 57,००० एकड़ जमीन के घोटाले को लेकर नई दुनिया के नई दिल्ली संस्करण में 13 दिसंबर 2००9 से 2० फरवरी 2०11 के बीच पांच खोजी खबरें छपी थीं। इन खोजी खबरों का व्यापक असर हुआ। वाममोर्चा की एक पूर्व सांसद के पति, बेटे, दामाद, दो उद्योगपतियों समेत तीन दर्जन से अधिक गिरफ्तार किए गए। सरकारी एजेंसियों ने फिलिप्पींस और सिंगापुर में हवाला से धन भेजे जाने की जांच शुरू की। टाइम्स ऑफ इंडिया में ‘सेंसिटिव टेक टू न्यू फर्म अंडर अ क्लाउड’ शीर्षक से छपी रिपोर्ट को अवार्ड श्रेणी पुरस्कार के लिए चुना गया है।

‘क्रूसेड अगेन्स्ट करप्शन’ की जूरी के सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं- सैम मिलर (बीबीसी के भारत प्रमुख), टीएन शेषन (पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त), प्रॉन्जय गुहा ठाकुरता (वरिष्ठ पत्रकार), जीबी एंडरसन (न्यूयार्क टाइम्स की न्यूज सर्विस डिवीजन के वाइस प्रेसीडेंट), एचके दुुआ (राज्यसभा सदस्य, हिंदुस्तान टाइम्स के पूर्व संपादक और इंडियन एक्सप्रेस के पूर्व प्रधान संपादक), पीयूष पांडे (विज्ञापन गुरू), एन राम (द हिंदू के पूर्व प्रधान संपादक और कम्युनिस्ट विचारधारा के चिंतक), अरुणा राय (पूर्व आईएएस और समाजसेवा में मैग्सेसे पुरस्कार विजेता), एस गुरुमूर्ति (मीडिया सलाहकार), वाईके अलघ (पूर्व केन्द्रीय मंत्री और जाने-माने शिक्षाविद), बकुल ढोलकिया (आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर और विश्व बैंक के सलाहकार) और एन रविचंद्रन (आईआईएम इंदौर के निदेशक)।

हिंदी पत्रकारिता में पिछले 23 साल से सक्रिय दीपक रस्तोगी देश के जाने-माने मीडिया हाउसेज में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। बेहद लो प्रोफाइल मेंटेन
करने वाले दीपक रस्तोगी को संपादकीय की हर विधा पर मजबूत पकड़ के साथ ही प्रोडक्शन और मार्केटिंग की भी नब्ज का जानकार माना जाता है। प्रिंट, टेलीविजन और वेब पत्रकारिता में समान रूप से कमांड रखने वाले दीपक रस्तोगी `जनसत्ता’,कोलकाता, `ज़ी न्यूज़’ (ब्यूरो चीफ, बंगाल), `राजस्थान पत्रिका’ (संपादकीय प्रभारी, कोलकाता और जयपुर), `अमर उजाला’ (समाचार संपादक, प्रभारी- सी डेस्क, कॉरपोरेट मुख्यालय, नोएडा), `नई दुनिया’ (रीजनल एडिटर, कोलकाता और दिल्ली) में काम कर चुके हैं।

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