गुड़गाँव में जीवा आयुर्वेदिक क्लिनिक का उद्घाटन

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विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ प्रताप चौहान ने सेक्टर-51, गुड़गाँव में जीवा आयुर्वेदिक क्लिनिक का उद्घाटन किया
विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ प्रताप चौहान ने सेक्टर-51, गुड़गाँव में जीवा आयुर्वेदिक क्लिनिक का उद्घाटन किया

विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ प्रताप चौहान ने सेक्टर-51, गुड़गाँव में जीवा आयुर्वेदिक क्लिनिक का उद्घाटन किया

प्रेस विज्ञप्ति

गुड़गाँव, 5दिसंबर2014रू आज की दुनिया में लाइफस्टाइल से जुड़ी तकलीफें महामारी की तरह बढ़ चुकी हैं। हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और मधुमेह दुनियाभर में बढ़ती हुई मृत्युदर का बड़ा कारण हैं। जीवा आयुर्वेद क्लिनकों की श्रृंखला में 5 दिसंबर, 2014शुक्रवार को सेक्टर-51, गुड़गाँव के नए क्लीनिक का उद्घाटन करते हुए डॉ चौहान ने कहा कि, ‘‘समय से पहले होने वाले 80 फीसदी हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह को आयुर्वेद से रोका जा सकता है।’’

आयुर्वेद सिर्फ लक्षणों से राहत नहीं देता, बल्कि रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बल देता है, पाचन बेहतर करता है और उन्हें कुल मिलाकर सेहतमंद जिंदगी जीने की दिशा में आगे ले जाता है। हैल्थकेयर में जीवा आयुर्वेद को आयुर्वेद पद्धति के अनुसार उपचार करने और लाइफस्टाइल विकारों के रोगियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित दवाइयां बनाने में विशेषज्ञता हासिल है।

भारत में 6.13 करोड़ मधुमेह रोगियों के साथ दुनिया के सबसे अधिक रोगी हैं। डॉ चौहान के मुताबिक पिछले कई सालों से औसतम बंसवतपम पदजांम में वृद्धि दर्ज की गई है। घर में बने साधारण खाने के बजाय, ज्यादा से जयादा लोग आसानी से उपलब्ध प्रोसेस्ड फूड अपना रहे हैं। भारत में बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों का यह भी एक बड़ा कारण है।

जीवा आयुर्वेद को असाध्य कही जाने वाली अनेक बीमारियों, जैसे हाइपरटेंशन, मधुमेह, माइग्रेन, हृदय रोग, अस्थमा, मोटापा आदि के उपचार में विशेषज्ञता हासिल है। खासतौर पर तैयार की गई हर्बल दवाओं, सटीक खुराक और सही जीवनशैली की मदद से अनेक बीमारियों के अप्रत्यक्ष लक्षणों को कम किया जा सकता है।

आयुर्वेद का प्राचीन विज्ञान, दवाओं, खान-पान के तरीकों और जीवनशैली सहित उपचार की विस्तृत पद्धति उपलब्ध कराता है। जाने-माने आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉप्रताप चौहान का मानना है कि यह लाइफस्टाइल बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को ये बिना किसी दुष्प्रभावों के अनेक लाभ पहुंचाते हैं।

जीवा आयुर्वेद हर घर को प्रामाणिक आयुर्वेद लेने के मिशन के साथ काम कर रहे प्रमुख आयुर्वेद उपचार संगठन भी आयुर्वेद में दुनिया का पहला और सबसे बड़ा टेलीमेडिसिन अभ्यास चला रही है। जीवा टेलीमेडिसिन सेंटर के माध्यम से जीवा भी छोटे शहरों और उनके दरवाजे पर प्रामाणिक सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उपचार और दवाओं के साथ उन्हें प्रदान गांवों में मरीजों को बाहर तक पहुँचाता है।

इस नए क्लीनिक के अलावा, जीवा आयुर्वेद के 35 क्लीनिक देश के दस राज्यों में कार्यरत हैं। मधुमेह, जोड़ों का दर्द, पाचन विकार, माइग्रेन और बालों व त्वचा से जुड़ी समस्याओं के उपचार में जीवा आयुर्वेद को विशेष अनुभव और क्षमता प्राप्त है।

डॉ चौहान के अनुसार, हाइपरटेंशन के लिए आयुर्वेद पद्धति से किया गया उपचार समस्या की जड़ को पहचानता है और फिर उपयुक्त जड़ी-बूटियों द्वारा इसकी जड़ को समाप्त किया जाता है। ऐसा होने के लिए पाचन का बेहतर होना और जठराग्नि का सशक्त होना बहुत महत्वपूर्ण है। दूसरे, हृदय में जमा हो चुके विषाक्त पदार्थों को हटाना होता है। आखिर में मस्तिष्क को आराम पहुंचाने वाली तकनीकें आती हैं – इनमें ध्यान, योग और प्राणायाम शामिल हैं।
अपनी बात को सामने रखते हुए डॉ चौहान ने बताया कि, “आयुर्वेद के विशेषज्ञ किसी भी प्रकार की लाइफस्टाइल बीमारी का उपचार करते हुए अनुवांशिक, पर्यावरण या शारीरिक, सभी प्रकार के कारकों पर ध्यान देते हैं।”

आयुर्वेद के अनुसार, कोई भी व्यक्ति स्वस्थ तब कहा जाता है जब जठराग्नि संतुलित और दोष साम्य अवस्था में हों, तीनों अपशिष्ट (मल, मूत्र और पसीना) सामान्य व संतुलित स्तर पर निकलें, सभी इंद्रियां सामान्य रूप से कार्य करें, और शरीर, मस्तिष्क व चेतना के बीच सही तालमेल हो। जब भी इन प्रणालियों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो रोग की शुरुआत हो जाती है।

डॉ चौहान कहते हैं कि, “जैसे-जैसे टैक्नोलोजी ने शारीरिक श्रम का स्थान लिया, मनुष्य के शरीरिक कामकाज करने में कमी पाई गई है-यह अनेक प्रकार के विकारों के बढ़ाने का महत्वपूर्ण कारण है। हमारी सुस्त जीवनशैली, मधुमेह, हाइपरटेंशन, मोटापा और हृदय से जुड़ी तकलीफों के लिए बढ़िया बिछौने की तरह हो गई है।”

उन्होंने कहा कि, “आयुर्वेद को स्वयं उपचार करने का विज्ञान माना जाता है क्योंकि यह हमें मनुष्य की उन संभावनाओं और बुद्धि को साधने में मदद करता है, जो शरीरिक, भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक तत्वों से मिल कर बनती है। जब हम अपनी भीतरी चेतना को पा लेते हैं, तो प्राकृतिक रूप से स्वस्थ, सही, सुव्यवस्थित और संतुष्ट जीवन व्यतीत करते हैं। तब हम सही मायनों में लाइफस्टाइल बीमारियों को जड़ से दूर कर पाएंगे।”

कंपनी विवरण
जीवा आयुर्वेद को असाध्य कही जाने वाली और अनेक लाइफस्टाइल बीमारियों, जैसे आर्थराइटिस और अन्य जोड़ों के दर्द व हड्डियों के विकार, पाचन की तकलीफें, हाइपरटेंशन, मधुमेह, स्री रोग व त्वचा रोग के उपचार में विशेषज्ञता हासिल है। ये आमतौर पर आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ठीक न होने वाले रोग हैं। जीवा आयुर्वेद अपने टेलीमेडिसिन सेंटर और क्लीनिकों के जरिए हर महीने करीब 25 हजार रोगियों तक पहुंचता है। जीवा आयुर्वेद टेलीमेडिसिन सेंटर, फरीदाबाद, हरियाणा दुनिया में अपनी तरह का अकेला ऐसा हेल्थ सेंटर हैं, जहां 300 से अधिक आयुर्वेदिक डॉक्टर और सलाहकार देश के 1200 छोटे-बड़े शहरों के रोगियों को सलाह देते हैं। कंपनी की अपनी भ्।ब्ब्च् और ळडच् प्रमाणित निर्माण इकाई भी है, जहां 600 से अधिक प्राकृतिक, सुरक्षित और शुद्ध दवाओं का निर्माण किया जाता है।

ब्रांड एम्बेस्डर
डॉप्रताप चौहान, डायरेक्टर, जीवा आयुर्वेद देश-विदेश दोनों में चिकित्सा के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम है। दिल्ली विश्व विद्यालय से सिल्वर मेडल प्राप्त डॉ चौहान, आयुर्वेद के वरदान का प्रचार-प्रसार करने के लिए 30 से अधिक देशों की यात्रा कर चुके हैं। उनके बेहद पसंद किए जाने वाले शिक्षाप्रद टीवी शोज ने प्रमाणिक आयुर्वेदिक उपचारों को देश के कई छोटे-बड़े शहरों में लाखों घरों तक पहुंचाया है।

(प्रेस विज्ञप्ति)

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