संदीप कुमार की चड्डी में न्यूज़ चैनलों की दिलचस्पी क्यों है?

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दिलीप मंडल

संदीप कुमार ने जो किया उससे संदीप कुमार की पत्नी को दिक्कत हो सकती है और आप कह सकते हैं कि होनी चाहिए. वे मुकदमा करें तो बात समझ में आती है. इस आधार पर वे संदीप से तलाक से ले सकती हैं. जिन महिलाओं के साथ संदीप नजर आ रहे हैं, उनके पति केस कर सकते हैं. दोषी पाए गए तो संदीप जेल जाएंगे. एडल्ट्री के केस में. संदीप ने अगर जबर्दस्ती की है तो पीड़ित महिलाएं केस करें. रेप का केस बनेगा. इस हालत में भी जेल जाएंगे.

 

संदीप कुमार की चड्डी में न्यूज़ चैनलों की दिलचस्पी क्यों है?
संदीप कुमार की चड्डी में न्यूज़ चैनलों की दिलचस्पी क्यों है?

लेकिन अरविंद केजरीवाल को क्या समस्या है? अरविंद को संदीप की सेक्स लाइफ से क्या दिक्कत है? संदीप की निजी सेक्स लाइफ में अरविंद का इस तरह दिलचस्पी लेना अच्छा बात नहीं है. अरविंद खाप पंचायत के मुखिया की तरह व्यवहार कर रहे हैं. यह आदमी नेता बनने के काबिल नहीं है. छोटा आदमी, छोटी सोच.

और इन तथाकथित न्यूज चैनलों को किसी की पर्सनल लाइफ दिखाने का क्या हक है? चैनलों में काम करने वालों की निजी सेक्स लाइफ नहीं होती है क्या? वहां सब पत्नीव्रता लोग काम कर रहे हैं क्या? चैनलों के संपादकों के भी तो स्कैंडल होंगे. उन पर कौन बात करेगा? चैनलों में सब कुछ गाय के घी की तरह शुद्ध-शुद्ध चल रहा है क्या?

संदीप के केस में पत्नी समेत तीन महिलाओं और उनके पतियों के अलावा जो भी लोग उछल कूद रहें हैं, वे नीच लोग हैं. क्या मतलब है किसी और की जिंदगी में इस तरह झांकने का. जिनका मामला है, वे निपट लेंगे. आप कौन?





अमेरिका ने बिल क्लिंटन के साथ जो किया, वही एक सभ्य समाज की प्रतिक्रिया होनी चाहिए. क्लिंटन पर सेक्स के कारण नहीं, शपथ लेने के बावजूद झूठ बोलने के कारण महाभियोग चला था.
बिल क्लिंटन की सेक्स लाइफ अगर हिलेरी के लिए समस्या नहीं हैं, तो किसी और को नाक घुसेड़ने की जरूरत नहीं है…सभ्य समाजों का यही सलीका है.

2012: अभिषेक मनु सिंघवी. सेक्स स्कैंडल. सीडी आई.हाई कोर्ट ने प्रसारण पर रोक लगाई. कोई चैनल नहीं दिखा सकता क्योंकि कोर्ट ने आदेश दिया है कि इससे सिंघवी जी की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचेगी.कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ किसी चैनल ने अपील नहीं कि हम सीडी दिखाना चाहते हैं, नहीं कहा कि यह विचार और अभिव्यक्ति की आजादी का मामला है.कोर्ट और मीडिया वे मिलकर केस दबा दिया.सिंघवी फिर से राज्य सभा के सदस्य बने. कांग्रेस के प्रवक्ता पद पर वापसी.2016: संदीप कुमार को यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.पता नहीं क्यों?क्या आप जानते हैं कि एक जैसे मामले में सिस्टम दो तरह से व्यवहार क्यों करता है?

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