राघव बहल के ‘क्विंट’ की मिट्टी में मिली साख

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‘उड़ी’ हमले के बाद भारतीय मीडिया में अचानक से एक ऐसी खबर उड़ी कि सनसनी मच गयी. खबर ये आयी कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा पार कर 20 आतंकवादियों को मार गिराया. सोशल मीडिया में भारतीय सैनिकों के इस अभियान और सरकार के इस कदम को लेकर कहा-सुनी भी होने लगी. लेकिन न तो सेना की तरफ से और ना सरकार की तरफ से कोई बयान आया. बाद में इस खबर को सरकार और सेना की तरफ से सिरे से खारिज कर दिया गया. उसके बाद भारतीय मीडिया की जमकर लानत-मलानत हुई. वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने लिखा –

ओम थानवी,वरिष्ठ पत्रकार

जंग के नाम पर कैसा उन्माद छाया है कि झूठी ख़बरें गढ़ी और फैलाई जा रही हैं। तसल्ली की बात है कि सरकार ने इसका तुरंत खंडन जारी किया है।

दूसरी तरफ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने खबर को जान-बूझकर फैलाये जाने पर लिखा – So who pushed story that Indian forces have crossed LOC and killed 20 PAK terrorists? And with what intent?

वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने अफ्सोस जताते हुए लिखा कि – “Sadly #UriAttack exposing us journos brutally. From war-mongering to fake claims that embarrass our Army. A nuke state deserves better media”

राघव बहल
राघव बहल

वहीं डायचे वेले की वेबसाईट ने भारतीय मीडिया की इस झूठी खबर पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि – “मीडिया का काम खबर देना है. न कि सरकार को फैसला लेने के लिए मजबूर करना. उड़ी हमले के बाद भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. युद्ध क्या ऐसा खेल होता है कि नतीजे की परवाह किये बिना युद्ध का माहौल बनाया जाने लगा. एक मीडिया हाउस ने तो यह तक रिपोर्ट किया कि भारतीय सेना ने एलओसी पारकर कई आंतकवादियों को मार गिराया है. सूत्रों के हवाले की गई रिपोर्ट ने सनसनी और असमंजस फैलाने के अलावा कुछ नहीं किया.”

दरअसल इस खबर को नेटवर्क18 के पूर्व मालिक राघव बहल के डिजीटल मीडिया वेंचर की वेबसाईट ‘द क्विंट’ ने फैलाई थी जिसके बाद दूसरे वेबसाइटों और मीडिया संस्थानों ने इसे क्विंट के हवाले से अपने यहाँ जगह दी.

क्विंट ने खबर को एक्सक्लूसिव बतात्ते हुए लिखा – “Exclusive: 20 terrorists neutralised in a cross-LoC op by the Indian Army in response to #UriAttack | @NandyGram https://www.thequint.com/uri-attack/2016/09/21/uri-avenged-2-india-paras-special-forces-cross-loc-uri-sector-jammu-and-kashmir-pakistan-neutralise-20-terrorists …”

लेकिन जब खबर गलत हुई तो क्विंट की लानत – मलानत हुई और इस तरह क्विंट की साख बनने से पहले ही ख़ाक हो गयी. अक्सर ब्रेकिंग न्यूज़ के चक्कर में न्यूज़ चैनलों से गलती होती है और वे निशान पर होते हैं. लेकिन अब डिजीटल मीडिया सनसनी फ़ैलाने में उनपर भी भारी पड़ रहा है.




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