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न्यूज नेशन हुआ ऑन एयर, चैनल का पहला लुक

ajay kumar news anchor

आखिरकार ‘न्यूज नेशन’ को ऑन एयर करने में कामयाब हुए ‘शैलेश’

news nation ajay kumar

वरिष्ठ पत्रकार ‘शैलेश’ तमाम बाधाओं को पार करते हुए अल्फा मीडिया ग्रुप के चैनल ‘न्यूज़ नेशन’ को लॉन्च करने में आखिरकार सफल हो ही गए.

आज वसंत पंचमी के दिन चैनल को टेस्ट रन पर डाल दिया गया.

पहला बुलेटिन मंजे एंकर ‘अजय कुमार’ ने पढ़ा.

साथ में चैनल का वेबसाइट भी लॉन्च किया गया.

देखने के लिहाज से चैनल का पहला लुक अच्छा लग रहा है. उम्मीद करते हैं कंटेंट में भी कुछ नयापन देखने को मिलेगा.

वैसे नाम के किच – किच में चैनल की लॉन्चिंग पहले टल गयी थी.

लेकिन नाम बदलने के बाद चैनल का टेस्ट रन शुरू हो गया. आप भी देखें न्यूज़ नेशन का पहला लुक.

 

ओम थानवी जनसत्ता के जरिए क्या प्रोमोट कर रहे हैं?

जनसत्ता की संपादकीय को लेकर प्रो.जगदीश्वर चतुर्वेदी की एक टिप्पणी :

ओम थानवी किस तरह के साहित्यविवेक को जनसत्ता के जरिए प्रमोट कर रहे हैं,इसकी बानगी देखें और विचार करें कि आखिरकार हिन्दी के ये स्वनामधन्य संपादक-लेखक-प्रोफेसर किस तरह के नजरिए का प्रचार कर रहे हैं,यहां कुछ बानगी देखें- ये अंश हैं उस लेख के जो कल जनसत्ता के संपादकीय पन्ने पर छपा है,लेखक हैं शंभुनाथ,इन विचारों को देखकर आप वाह-वाह ही कर सकते हैं,यहां अंश दिए जा रहे हैं। यह बनागी है उस खतरे की जो हमारे बीच में मौजूद है। पढ़ें और आज की शाम मजा लें-

1. “अभिव्यक्ति की आजादी आज सिर्फ उनके पास है, जिनके पीछे विदेशी पूंजी खड़ी है। कोई बढ़े तो, कोई मिटे तो सब विदेशी पूंजी की लीला है।”

2. विदेशी पूंजी ही आज हर आजादी की गंगोत्री है।

3. आज जब सलमान रुश्दी, अरुंधति राय, कमल हासन, आशीष नंदी आदि की अभिव्यक्ति की आजादी छिनने की बात उठती है तो समझ में नहीं आता कि अगर इन्हें ही अभिव्यक्ति की आजादी नहीं मिली हुई है, तो किन्हें मिली हुई है।

इंडिया टुडे पड़े रहो , आउटलुक तुम भी कम नहीं

प्लेटफार्म पर समय बिताने के लिये पत्रिकाएं उलट पलट रहा था। इंडिया टुडे दिखी। कुछ पन्ने पलटे। वापस रख दिया। आउटलुक हाथ में आई। पंडित रविशंकर से जुड़ा लेख दिखा ले लिया।

इंडिया टुडे पड़े रहो, कल तक कोई ले ही लेगा। न भी लें तो इसके बिना कौन सा इंडिया टहक जायगा। सेक्स सर्वे और तमाम चिलगोजइयां मुबारक हों। फरवरी में सर्वाये होते तो और रिजल्ट मिलता।

आउटलुक भी कोई दूध का धुला नहीं है। कवर पेज पर नग्न साधु छापा है अग्रभाग टांगों से छिपाये हुए। आजकल साधु सन्यासी भी मॉडलिंग करने लगे हैं। एक वो महामण्डलेश्वर की जुगत में है। हिंदू धर्म के पहरूए चाय पीने गये हैं।

(सतीश पंचम के एफबी वॉल से )

भोपाल में 5 मार्च को सम्मानित होंगें गिरीश पंकज

भोपाल, 14 फरवरी,2013। साहित्यिक पत्रिका ‘सद्भावना दर्पण’ के संपादक गिरीश पंकज को पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से 5 मार्च, 2013 को सम्मानित किया जाएगा। भोपाल के रवींद्र भवन में सायं 4 बजे आयोजित इस समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार विजयबहादुर सिंह, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्ववविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला, समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल चतुर्वेदी(बिलासपुर), वरिष्ठ पत्रकार डा. हिमांशु द्विवेदी(रायपुर) मौजूद होंगे।

पटना में सत्ता की निरंकुशता के खिलाफ सड़क पर पत्रकार

राज्य सरकार द्वारा बिहार के अखबारों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के विरोध में पटना में निकाले गये मार्च में स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों, सामाजिक कार्य़कर्ता, विश्वविद्यालय के शिक्षक, वकील समेत अनेक मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हुए. इस विरोध मार्च का आयोजन बिहार प्रेस फ्रीडम मूवमेंट ने किया था.

बिहार प्रेस फ्रीडम मूवमेंट ने प्रेस परिषद की जांच रिपोर्ट में बिहार की पत्रकारिता को खतरे में बताये जाने पर आज पटना में प्रेस फ्रीडम मार्च का आयोजन किया. राज्य सरकार द्वारा बिहार के ज्यादा तर अखबारों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के विरोध में पटना में निकाले गये इस मार्च में स्थानीय. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों, सामाजिक कार्य़कर्ता, विश्वविद्यालय के शिक्षक, वकील समेत अनेक मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हुए.

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