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Mega Virtual Media Fest Vritika2020 at DME

Mega Virtual Media Fest Vritika2020 at DME

NOIDA: The second day of VRITIKA 2020, inter-college mega virtual Media Fest, saw top-notch performances and competitions all through the day. The conference is being organised in association with Lal Bahadur Shastri Institute of Management, Dwarka.

Brilliant performances by various participants joining from different parts of the country amazed the judges and the audience equally. Mobile film making, News writing Hindi & English, Digital poster making, Just a minute and Anchor hunt were the competitions upped the ante on Day 2.

Dr Ambrish Saxena, Professor and Dean, DME Media School, appreciated all the participants and encouraged them to compete in more such competitions to polish their skills. Dr Susmita Bala, Professor and Head, DME Media School, expressed her happiness over the participation of the students from different parts of the country. “Virtika has become a brand in just two years”, she added.

Earlier on Day 1 of Vritika 2020, six enthralling competitions took place. Vaishnavi of PGDAV and Anuja Saklani of DME Law School bagged the first and second positions in RJ Hunt competition respectively. Kartik Vasudev of DME stood first and Sameer Salman of ISOMES secured the second position respectively in Photography competition. Lakshay Bisht of DME and Nitika Singh from K.R Manglam University secured first positions while Nupur Chanana from Amity University, NOIDA and Geeta Jha from Government PG College bagged second positions in Creative writing English and Hindi competitions respectively. Zeenat Jahan from Chaudhary Charan Singh University, Meerut, and Shubham Sharma from DME were the winner and runner up respectively for Media Debate competition. Vishal Sharma from UPES Dehradun and Goransh of IMS Ghaziabad were the winner and runner up in Singing competition.

Around 150 young media students and professionals from 62 different colleges, institutes and universities across India are participating in 18 different events like Creative Writing, Media Debate, RJ Hunt, Digital Poster making, Photography, Anchor Hunt, Media Quiz to name a few.

The media fest will witness the felicitation of notable journalists and media personalities on November 07, 2020 for their remarkable work for the society with the Ganesh Shankar Vidyarthi Award for Value-based journalism.
vritika 2020

फर्जी एकाउंट्स पर फेसबुक की मार

facebook

फेसबुक ने 1,196 अकाउंट, इंस्टाग्राम से 994 दुर्भावनापूर्ण अकाउंट को हटा दिया है, साथ ही इसने फर्जी 7,947 पेज और 110 ग्रुप्स भी हटा दिए हैं।

अक्टूबर में, फेसबुक ने अकाउंट, पेज और ग्रुप्स के 14 नेटवर्क हटा दिए। उनमें से आठ – जॉर्जिया, म्यांमार, यूक्रेन और अजरबैजान से थे जिन्होंने अपने देशों में घरेलू ऑडियंस को टारगेट किया और छह नेटवर्क – ईरान, मिस्र, अमेरिका और मेक्सिको से हटाए जो अपने देशों के बाहर के लोगों पर फोकस्ड थे।

म्यांमार में, इसने 36 फेसबुक अकाउंट, छह पेज, दो ग्रुप और एक इंस्टाग्राम अकाउंट को हटाया जो एक पीआर एजेंसी ओपनमाइंड से लिंक है।

फेसबुक ने एक बयान में कहा, हमने इस नेटवर्क को म्यांमार में नवंबर चुनाव से पहले इस क्षेत्र में संदिग्ध समन्वित इनऑथेन्टिक बिहेवियर की हमारी सक्रिय जांच के हिस्से के रूप में पाया।

सोशल नेटवर्क ने म्यांमार में लोगों द्वारा संचालित 10 फेसबुक अकाउंट, 8 पेज, 2 ग्रुप और 2 इंस्टाग्राम अकाउंट को भी हटा दिया। ये घरेलू ऑडियंस पर केंद्रित थे।

अमेरिका में, फेसबुक ने 202 फेसबुक अकाउंट, 54 पेज और 76 इंस्टाग्राम अकाउंट को हटाया, जो एक अमेरिकी मार्केटिंग फर्म, रैली फोर्ज से जुड़े हुए थे और टर्निग पॉइंट यूएसए और इनक्लूसिव कंजर्वेशन ग्रुप की ओर से काम कर रहा है।

फेसबुक ने कहा, हम दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रगति कर रहे हैं, लेकिन जैसा कि हमने पहले कहा है, यह एक निरंतर प्रयास है। हम लगातार आगे रहने के लिए सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। (एजेंसी)

रवीश को अर्णब का तो बंगला दिखाई दिया लेकिन डॉ प्रणय रॉय और राजदीप का बंगला नहीं दिखा !

ravish kumar arnab goswami

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर रवीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लेख लिखा था जिसमें व्यंग्य में उन्होंने अर्नब के आलिशान घर का भी जिक्र करते हुए लिखा था – ( अर्णब की पत्रकारिता रेडियो रवांडा का उदाहरण है – रवीश कुमार )

” मैं अर्णब का घर देखकर हैरान रह गया।मैं तो बस अर्णब के घर की ख़ूबसूरती में समा गया। कल्पनाओं में खो गया। ड्राईंग रूम की लंबी चौड़ी शीशे की खिड़की के पार नीला समंदर बेहद सुंदर दिख रहा था। अरब सागर की हवाएं खिड़की को कितना थपथपाती होंगी। यहां तो क़ैदी भी कवि हो जाए। मुझे इस बात की खुशी हुई कि अर्णब के दिलो दिमाग़ में जितना भी ज़हर भरा हो घर कैसा हो, कहां हो, कैसे रहा जाए इसका टेस्ट काफी अच्छा है। उसमें सौंदर्य बोध है। बिल्कुल किसी नफ़ीस रईस की तरह जो अपने टी-पॉट की टिकोजी भी मिर्ज़ापुर के कारीगरों से बनवाता हो। मैं यकीन से कह सकता हूं कि अर्णब के अंदर सुंदरता की संभवानाएं बची हुई हैं। लेकिन सोचिए रोज़ समंदर के विशाल ह्रदय का दर्शन करने वाले एंकर का ह्रदय कितना संकुचित और नफ़रतों से भरा है। “

रवीश के इसी लेख पर एनडीटीवी के पूर्व पत्रकार ‘समरेन्द्र सिंह’ ने तंज कसते हुए लिखा –

रवीश कुमार जी ने अर्णब के सुंदर मकान की तारीफ की है। जिन दिनों मैं एनडीटीवी में था उन दिनों डॉ प्रणय रॉय भी बंगले में रहते थे। दिल्ली की पॉश कॉलोनी ग्रेटर कैलाश में उनका बंगला था। किराए का था या खरीदा हुआ ये मैं नहीं जानता। लेकिन रहते वो बंगले में ही थे। राजदीप सरदेसाई ने भी तभी पंचशील में बंगला बनाया था। शेखर गुप्ता तो सैनिक फॉर्म्स में रहते हैं। घर परिवार के सदस्यों के साथ उनके पास विदेशी नस्ल के सात कुत्ते भी हैं। इसका जिक्र खुद उन्होंने किया है। शेखर गुप्ता का टेस्ट भी बहुत फाइन है। सौंदर्यबोध अच्छा है। शेखर गुप्ता एनडीटीवी से भी जुड़े रहे हैं।

एनडीटीवी से लंबे समय तक जुड़े एक पत्रकार का बंगला पृथ्वीराज रोड पर है। दिल्ली के लुटियंस जोन में। एनडीटीवी में कई ऐसे लोग हैं जो बंगलों में रहते हैं। लेकिन रवीश को अर्णब का बंगला दिखाई दिया। बाकी लोगों का बंगला दिखाई नहीं दे रहा है। जिन दिनों एनडीटीवी घाटे में चल रहा था उन दिनों भी विक्रम चंद्रा को करोड़ों रुपये की तनख्वाह मिलती थी। खुद प्रणय रॉय और राधिका रॉय भी करोड़ों रुपये बतौर पगार लेते थे। एनडीटीवी के शेयरों का भाव 500 रुपये से गिर कर 30 रुपये हो गया था और हजारों शेयर होल्डर बर्बाद हो गए थे, लेकिन उसके मालिक और सीईओ करोड़ों रुपये की पगार उठाते थे। रवीश कुमार को उन लोगों पर भी दो शब्द कहने चाहिए।

मैं इस मसले पर ज्यादा बोलना नहीं चाह रहा था। लेकिन रवीश जी को रोते हुए देख कर लगता है कि एनडीटीवी पर भी कुछ वीडियो बनने चाहिए। एनडीटीवी ने अनगिनत फिक्सिंग की है। एक अधिकारी ने उन्हें दूरदर्शन पर प्रोग्राम दिया तो उसके दामाद को पॉलिटिकल एडिटर बना दिया। दूसरे अधिकारी ने एक नया प्रोग्राम दिया तो उसकी बहू को एंकर बना दिया। एनडीटीवी फिक्सिंग के आधार पर ही खड़ा हुआ। चुनाव के बीच सरकार बनाने और सरकार गिराने के हिसाब से रिपोर्टिंग की है। खुद रवीश कुमार और डॉ प्रणय रॉय ने ऐसी रिपोर्टिंग की है। आधे घंटे और एक घंटे के विशेष बनाए हैं। मैं इन सबको केंद्र में रख कर सीरीज बना रहा हूं। अगले कुछ दिन में मैं बोले भारत पर पहला लिंक शेयर करूंगा। अगर आपने बोले भारत को सब्स्क्राइब नहीं किया है तो कर लीजिए। आपको खबर मिलती रहेगी।

(लेखक के फेसबुक वॉल से साभार)

भारत के स्मार्टफोन बाजार में जबरदस्त उछाल

samsung mobile

कोरोना की वजह से भले पूरी दुनिया के बाजारों में मंदी छायी हुई है, लेकिन भारत का स्मार्टफोन बाजार इससे अछूता है।

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 17 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। ग्लोबल रिसर्च फर्म इंटरनेशनल डेटा कॉपोर्रेशन (आईडीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में भारत के लिए कुल 5.43 करोड़ स्मार्टफोन शिपमेंट (बिक्री) हुई है। सालाना आधार पर यह 17 फीसदी का उछाल है। आईडीसी के त्रैमासिक मोबाइल फोन ट्रैकर ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में अमेरिका और चीन दोनों बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है। मगर शीर्ष तीन बाजारों में भारत ने ही इस अवधि में एकमात्र ऐसा देश रहा जहां स्मार्टफोन बाजार में उछाल देखा गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल स्मार्टफोन की मांग में ई-कॉमर्स कंपनियों का शेयर काफी ज्यादा रहा है। कुल बिक्री में 48 फीसदी बिक्री ऑनलाइन चैनल के जरिए की गई। ई-रीटेलर्स की बिक्री में सालाना आधार पर 24 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। ग्राहकों को ऑनलाइन ऑफर्स ने अच्छा-खासा लुभाया।

वहीं ऑफलाइन चैनलों में भी वृद्धि दर्ज की गई। सालाना आधार पर इसमें 11 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

आईडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन स्टोर्स की बिक्री में अभी तेजी आएगी, क्योंकि ग्राहकों को यहां ऑफलाइन रीटेल के मुकाबले ज्यादा बेहतर ऑफर मिल रहे हैं।

सैमसंग ने तीसरी तिमाही में 1.21 करोड़ यूनिट की रिकॉर्ड शिपमेंट के साथ 38 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की।

आईडीसी ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर सैमसंग का सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार बन गया है, जो तीसरी तिमाही में अमेरिका से आगे निकल गया है और वैश्विक स्तर पर इसका 15 फीसदी बाजार पर कब्जा हो गया है।

प्रीमियम स्मार्टफोन (500 डॉलर से अधिक) सेगमेंट में सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 91 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इस सेगमेंट में एप्पल, सैमसंग, वनप्लस जैसे ब्रांड का दबदबा दिखा। (एजेंसी)

व्हाट्सएप पेमेंट सर्विस के जरिए अब भेजा जा सकेगा पैसा

whatsapp india

दो साल के इंतजार के बाद व्हाट्सएप पेमेंट सर्विस को 160 से अधिक समर्थित बैंकों के साथ यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) पर लाइव जाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से मंजूरी मिल गई है। भारत में 40 करोड़ से अधिक व्हाट्सएप यूजर्स अब सुरक्षित रूप से दोस्तों और परिवार को पैसे भेज सकते हैं, और भुगतान सुविधा अब आईफोन और एंड्रॉइड उपयोगकतार्ओं के लिए उपलब्ध है। यह ऐप के नए संस्करण में उपलब्ध हैं।

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, “मैं आज उत्साहित हूं कि व्हाट्सएप को पूरे भारत में भुगतान शुरू करने की मंजूरी दी गई है। हम भारत के नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन के साथ इस पर काम कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह सुरक्षित और विश्वसनीय है।”

उन्होंने आगे कहा, “और हमने इसे भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस का उपयोग करके बनाया है, जो किसी के लिए भी विभिन्न ऐप पर तुरंत भुगतान स्वीकार करना आसान बनाता है और साथ ही लोगों के लिए शानदार सेवाएं प्रदान करने के लिए कंपनियों के लिए भी यह सहज होगा।”

भुगतान अब व्हाट्सएप के 10 भारतीय क्षेत्रीय भाषा वर्जन में उपलब्ध है।

जुकरबर्ग ने कहा, “आपको सिर्फ बैंक और उसका डेबिट कार्ड चाहिए जो यूपीआई सपोर्टेड हो और आप इसे सीधे सेट कर सकते हैं। आप इसे व्हाट्सएप के नए संस्करण में पा सकते हैं।”

व्हाट्सएप ने भारत में 2018 में ही पेमेंट फीचर का परीक्षण शुरू कर दिया था, लेकिन रेगुलेटरी बाधाओं और डेटा अनुपालन मुद्दों के कारण फीचर लॉन्च नहीं कर सका।

कंपनी ने सूचना दी, “हमें भारत में पांच अग्रणी बैंकों के साथ काम करने को लेकर खुश है, ये बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक हैं। लोग यूपीआई समर्थित ऐप का उपयोग करके किसी को भी व्हाट्सएप पर पैसे भेज सकते हैं।”

व्हाट्सएप ने कहा कि भुगतान सुविधा को सुरक्षा और गोपनीयता सिद्धांतों के एक मजबूत सेट के साथ डिजाइन किया गया है, जिसमें प्रत्येक भुगतान के लिए एक व्यक्तिगत यूपीआई पिन दर्ज करना शामिल है।

गौरतलब है कि अगस्त में एनपीसीआई द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक को सूचित किया गया था कि व्हाट्सएप ने डेटा लॉकलाइजेशन की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

ब्राजील जून में व्हाट्सएप भुगतान सेवा शुरू करने वाला पहला देश बन गया है।

भारत में व्हाट्सएप भुगतान सेवा अन्य प्रमुख प्रतियोगी जैसे कि पेटीएम, गूगल पे और फोनपे सहित अन्य के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा लाएगा। (एजेंसी)

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