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दैनिक भास्कर पर इनकम टैक्स के छापे

dainik bhaskar it raid
दैनिक भास्कर पर आयकर विभाग का छापा

आयकर विभाग के निशाने पर अब मीडिया हाउस भी हैं. नये घटनाक्रम में आयकर विभाग ने दैनिक भास्कर समूह के खिलाफ तलाशी अभियान शुरू किया है. इसी सिलसिले में आज कथित रूप से टैक्स चोरी को लेकर देश भर में कई स्थानों पर दैनिक भास्कर के कार्यालयों की तलाशी ली गयी. दैनिक भास्कर समूह के भोपाल, इंदौर, जयपुर और अहमदाबाद कार्यालयों में छापेमारी की गई है.

समूह के प्रमोटरों के आवासों और कार्यालयों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया.

ख़बरों के मुताबिक ये छापे चैनल द्वारा ‘टैक्स धोखाधड़ी के साक्ष्य’ पर आधारित थे. (एजेंसी)

पाकिस्तानी पत्रकार अजय लालवानी की गोली मारकर हत्या

Pakistani journalist Ajay Lalwani
पाकिस्तानी पत्रकार अजय लालवानी

पाकिस्तानी पत्रकार अजय कुमार लालवानी जिसने इस्लामिक मौलवियों को बेनकाब किया और पाकिस्तान में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई, उनकी नाई की दुकान में बाल काटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्य 31 वर्षीय लालवानी की 17 मार्च को सिंध प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

रॉयल न्यूज टेलीविजन चैनल और उर्दू अखबार डेली पुचानो के लिए एक पत्रकार के रूप में काम करने वाले लालवानी को गुरुवार को पेट, हाथ और घुटने में गोली मार दी गई थी।

पुलिस ने कहा कि एक नाई की दुकान पर उसके बाल काटते समय उसे कई बार गोली मारी गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात लालवानी की अस्पताल में मौत हो गई। घटना सुक्कुर शहर के सालेह पट इलाके में हुई।

राजदीप सरदेसाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का मुकदमा दायर किया

rajdeep sardesai
राजदीप सरदेसाई

सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना का मुकदमा दायर किया है। राजदीप की ओर से अदालती कार्यवाही के संबंध में किए गए ट्वीट के मामले में शीर्ष अदालत ने आस्था खुराना की याचिका पर यह कदम उठाया है। खुराना ने आरोप लगाया है कि राजदीप की ओर से पिछले साल किए गए ट्वीट ने न्यायपालिका पर लांछन लगाने का काम किया है।

खुराना ने पिछले साल इस मामले के लिए अटॉर्नी जनरल (एजी) के. के. वेणुगोपाल से सहमति मांगी थी, लेकिन उन्होंने सरदेसाई के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की सहमति देने से इनकार कर दिया था।

खुराना के वकील ओमप्रकाश के मुताबिक, एजी के इनकार के बाद, याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत में एक नई याचिका दायर की थी, जिसे इस साल 13 फरवरी को आपराधिक अवमानना मामले के रूप में दर्ज किया गया।

आस्था ने अपनी शिकायत में सरदेसाई के ट्वीट को ‘सस्ता पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया है।

याचिकाकर्ता ने दलील देते हुए कहा है कि सरदेसाई का बयान न केवल एक सस्ता प्रचार स्टंट है, बल्कि शीर्ष अदालत और न्यायपालिका के खिलाफ एक तरह से मशीनरी के रूप में विरोध करते हुए भारत विरोधी अभियान के रूप में नफरत फैलाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।

याचिकाकर्ता ने अगस्त 2020 में किए सरदेसाई के ट्वीट का हवाला दिया, जहां उन्होंने अदालत की अवमानना के लिए अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर लगाए गए एक रुपये के दंड की आलोचना की थी और एक अन्य ट्वीट में कहा गया है कि शीर्ष अदालत किसी भी वकील को प्रैक्टिस से हटा नहीं सकती है।

दलील में कहा गया है कि बाद में उनके द्वारा इस ट्वीट को हटा दिया गया था, लेकिन इसे मीडिया में भारी प्रचार मिला है और इसने शीर्ष अदालत की निष्पक्षता पर फिर से सवाल उठाया है, जो न्यायपालिका के लिए एक बड़ा खतरा है।

याचिका में कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि सरदेसाई ने शीर्ष अदालत के फैसले का अपमान किया है। (एजेंसी)

टीवी एंकर के खिलाफ रिपब्लिक टीवी की शिकायत पर कोर्ट ने संज्ञान लिया

arnab goswami journalist
arnab goswami journalist

दिल्ली की एक अदालत ने रिपब्लिक टीवी की मूल कंपनी की ओर से टाइम्स नाउ की एंकर नविका कुमार के खिलाफ कथित व्हाट्सएप चैट के संबंध में रिपब्लिक टीवी और उसके संस्थापक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए दायर मानहानि शिकायत पर संज्ञान लिया है। इस कथित व्हाट्सअप चैट का टीआरपी घोटाला मामले में मुंबई पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में उल्लेख किया गया है।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट चंदरजीत सिंह ने मामले में संज्ञान लिया और मामले को पूर्व समन साक्ष्य के लिए 8 जून के लिए निर्धारित कर दिया। रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ और संस्थापक अर्नब गोस्वामी के चैट से संबंधित 18 जनवरी को नविका कुमार द्वारा दिए गए बयानों के बारे में एआरजी आउटलियर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत दर्ज कराई।

49 पृष्ठ की शिकायत में कहा गया है, “नविका कुमार ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के संस्थापक पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और राज्य के सरकारी सिक्रेट को लीक करने का आरोप लगाते हुए बेबुनियाद और निराधार दावे किए, जिससे पूरे संगठन पर खतरा पैदा हो गया।”

कंपनी ने बताया कि आपत्तिजनक शो को 85,000 से अधिक व्यू मिले, इसलिए शिकायतकर्ता कंपनी की मानहानि का दायरा काफी बड़ा है।

शिकायतकर्ता ने आगे कहा, “टीआरपी घोटाला मामले में मुख्य रूप से व्हाट्सएप चैट के संबंध में मुंबई पुलिस की चार्जशीट के दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया।”

एआरजी आउटलियर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने यह भी कहा कि अभियुक्त इर्ष्यालु है और शिकायतकर्ता की कंपनी की सफलता की बराबरी करने के लिए इस आपत्तिजनक शो को प्रसारित किया गया।

कंपनी ने अदालत से शिकायत का संज्ञान लेने और भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि के लिए सजा) के तहत आरोपी को सजा देने का अनुरोध किया था।

हिंदी अख़बार भी कोरोना के टीके को टीका नहीं, वैक्सीन लिख रहे हैं!

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हिंदी अख़बार भी कोरोना के टीके को टीका नहीं, वैक्सीन लिख रहे हैं। भाषा ऐसी बरतनी चाहिए, जो हरेक तक निर्बाध पहुँच जाए। अख़बार गाँव-क़स्बों में भी पढ़े जाते हैं। टीवी वे भी देखते हैं जो साक्षर नहीं। उन्हें वैक्सीन शब्द ज़्यादा समझ आएगा या टीका?

ऐसे ही, आज अख़बारों ने ख़ूब लिखा है कि वैक्सीन का ‘ड्राई रन’ किया गया। क्या इसका अर्थ हर कोई समझ लेगा? टीके कैसे लगेंगे, इसके विभिन्न चरणों का दिखावटी प्रयोग यानी अभ्यास भर किया गया है। जयपुर में सिर्फ़ एक अख़बार में मुख्य ख़बर के साथ यह खुलासा देखने को मिला कि “ड्राई रन क्या है”। …

ड्राई रन, मॉक ड्रिल जैसे प्रयोगों के हिंदी समानार्थी रचना/बरतना मुश्किल काम नहीं। पर अंगरेज़ी के रास्ते आने वाली ख़बरों की शायद यही नियति है।

(वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी के वॉल से साभार)

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