शब्दों के लिए ऐसे लिया जाता है स्टैंड

दिल्ली में हुए सामुहिक दुष्कर्म के खिलाफ सभ्य समाज ने कड़ा प्रतिकार किया. न्यूज़ चैनलों ने लगातार खबरें दिखाकर दुष्कर्म के खिलाफ ऐसी जागरूकता फैलाई कि आंदोलन की लौ जल उठी.
हाँ ये जरूर है कि न्यूज़ चैनलों पर इस संदर्भ में कुछ गलतियाँ भी हुई, कुछ तमाशे हुए और कुछ विवाद भी. दरअसल सामुहिक दुष्कर्म के खिलाफ ऐसी व्यापक कवरेज पहले कभी भी नहीं हुई थी. इसलिए इसकी भाषा से लेकर विजुअल की सीमा के दायरे से भी चैनल अनभिज्ञ थे.
अपनी – अपनी नैतिकता और समझ के हिसाब से चैनलों ने इसकी कवरेज की और वैसी ही भाषा का इस्तेमाल किया. इसी संदर्भ में टीवी टुडे ग्रुप के चैनल हेडलाइन्स टुडे में भाषा और शब्दों को लेकर न्यूज़ रूम के अंदर काफी बहस और मेलबाजी हुई.
बिग बॉस-6 की विजेता उर्वशी ढोलकिया बन गयी हैं. ग्रैंड फिनाले में आज इसकी घोषणा हुई. महिलाओं में पिछले सीजन में जूही परमार और चौथे सीजन में श्वेता तिवारी ‘बिग बॉस’ की विजेता रहीं थीं. अंतिम तीन में उर्वशी, सना और इमाम पहुंचे थे. इमाम ने कड़ी टक्कर दी लेकिन दर्शकों ने उर्वशी के पक्ष में ज्यादा वोट देकर उन्हें विजेता बना दिया.
विज्ञापन अब कंटेंट का हिस्सा होती है. दर्शकों को पता भी नहीं चलता और विज्ञापन हो जाता है. दबंग-2 में सलमान जिस सरिया से गुंडों की धुनाई करते हैं उसमें एक सरिया कंपनी का विज्ञापन छुपा है. कल शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म में मटरू की बिजली का मंडोला में शक्तिभोग आटा का विज्ञापन कंटेंट के साथ शामिल होकर दिखता है. सिनेमा तो सिनेमा न्यूज़ चैनलों में भी ये प्रयोग धड़ल्ले से होने लगा है. ताजा उदाहरण सीएनएन –आईबीएन पर सागरिका घोष का शो फेस द नेशन है जिसमें पोर्ट्रेऐल ऑफ वूमेन इन सिनेमा पर परिचर्चा के बहाने ‘इंकार’ फिल्म का प्रोमोशन किया गया और शायद ढेरों दर्शकों को पता भी नहीं चला होगा. मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार की एक टिप्पणी :
ये आप भी कहां-कहां की बात सामने ले आते हैं छत्तीसगढ़ वालों..? आपके पूरे राज्य में टैम का एक भी बक्सा नहीं है.. किस मुंह से आप हाई टीआरपी वाले दिल्ली मुंबई की बराबरी करने चले आए..? आप भ्रष्टाचारियों, बलात्कारियों के बीच रह रहे हैं तो इसमें टीवी चैनलों का क्या कुसूर..?





