ज़ी न्यूज़ – नवीन जिंदल उगाही प्रकरण के कारण ज़ी न्यूज़ की साख को जबरदस्त झटका लगा और एक तरह से सालों में बनी – बनायी उसकी प्रतिष्ठा ख़ाक में मिल गयी. लेकिन उसी साख पर मरहम लगाने का काम चुनाव आयोग ने किया है. ‘आपका वोट आपकी ताकत` कैंपेन के लिए ज़ी न्यूज को केंद्रीय चुनाव आयोग ने नेशनल मीडिया अवार्ड से नवाजा है. दरअसल ये कैम्पेन एक तरह से पेड न्यूज़ के खिलाफ भी था. लेकिन बदले हालत में उसी पेड न्यूज़ के सबसे बड़े मामले में खुद ज़ी न्यूज़ आज की तारीख में फंसा हुआ है. ऐसे में इस अवार्ड को देने से पहले केंद्रीय चुनाव आयोग को एक बार विचार जरूर करना चाहिए था. वैसे ये बात भी है कि जब इस अवार्ड के लिए ज़ी न्यूज़ का नाम चुना गया था तब ज़ी न्यूज़ – नवीन जिंदल विवाद नहीं हुआ था.
बहरहाल ज़ी न्यूज़ को मिले इसी अवार्ड पर अपनी प्रतिक्रिता एफबी पर देते हुए मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार व्यंग्यात्मक लहजे में टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि, ‘हमें गणतंत्र दिवस की बधाई देने से पहले जी न्यूज को दीजिए बधाई. उसे राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है. उसे चुनाव आयोग,भारत की तरफ से आपका वोट,आपकी ताकत अभियान के लिए ये सम्मान दिया गया है. पिछले दिनों जी-जिंदल मामले में इसके संपादक और बिजनेस हेड सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर आहलूवालिया पर दलाली के आरोप लगे और खासा दिन जेल में बिताने पड़े..साख में लगे बट्टे के बीच ये पुरस्कार डैमेज कंट्रोल का काम करेगा.’

निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘मटरू की बिजली का मंडोला’ हाल – फिलहाल आयी. फिल्म को मिली – जुली प्रतिक्रिया मिली. अपने – अपने नजरिये से लोगों ने फिल्म को देखा और सराहा. मसलन वामपंथ विचारधारा वाले इसमें वामपंथी विचारधारा की धार खोजते नज़र आये तो पक्के शराबियों ने मंडोला से शराब पीने के लिए कुछ भी कर गुजरने की प्रेरणा ढूँढ ली. लेकिन इन सब के बीच हेडलाइन्स टुडे ने अपने लिए विज्ञापन का आइडिया जुगाड़ लिया.





