क्‍या यह बिहारियों के साथ अन्‍याय नहीं है?

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कुमुद सिंह

स्टेटस 1 – जनता के लिए ट्रेन पर्याप्‍त मात्रा में नहीं है। जनता के लिए बस पर्याप्‍त मात्रा में नहीं है। जनता के लिए दक्षिण से उत्‍तर बिहार जाने के लिए पुल पर्याप्‍त मात्रा में नहीं है। लेकिन हमारे राजा साहेब को पटना से गया जाने के लिए हेलीकॉप्‍टर का तेल जनता मुहैया करा देती है, उड कर ऐसे पहुंच जाते मानो हेलीकॉप्‍टर पर चढने के लिए राजा बने हैं, बाकी तो फैसला लेने में साहेब डरते ही हैं। खूब घूमिये राजा साहेब, बाकी जनता तो भेड-गाय की तरह यात्रा करती ही रही है। आपके उडनखटोले का तेल नहीं घटेगा। बाकी गांधी सेतु के जाम का आप क्‍या कर लेंगे।

स्टेटस 2 – ट्रेन की भीड पर हल्‍ला मचा कर सभी बिहारियों को गरीब और मजदूर ही साबित करने की चालाकी कर रहे हैं। जबकि सच्‍चाई यह है कि 10 करोड जनता के लिए बिहार में केवल एक एयरपोर्ट खुला हुआ है और चंद हवाई जहाज ही बिहार अा रहे हैं, जिसके कारण हवाई किराया के रूप में बिहारियों से किसी दूसरे प्रदेश के मुकाबले ज्‍यादा वसूला जा रहा है। क्‍या यह बिहारियों के साथ अन्‍याय नहीं है, कम से कम त्‍योहार के मौसम में तो हवाई सेवा कुछ शहरों के लिए अतिरिक्‍त शुरु करना चाहिए। अबे सब पंजाबी मजदूर ही हो क्‍या। जगन्‍नाथ का बेटबा भी बिहार आता होगा।

(स्रोत-एफबी)

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