रवीश भक्तों ने मोदी भक्तों को भी फेल कर दिया !

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सांकेतिक तस्वीर




यदि रवीश के अनुसार कुछ ब्राह्मण या क्षत्रिय लोगो द्वारा ,दलितों पर अत्याचार किये जाने के कारण सम्पूर्ण ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज दोषी है तो फिर रवीश कुमार के बड़े भाई ब्रजेश पांडेय के द्वारा किये गए कुकर्म के लिए रवीश भी दोषी हैं…….

-सुजाता मिश्रा-

सुजाता मिश्रा

हद यह है कि जो फ़र्ज़ी सेक्यूलर भीड़ नाबालिग के यौन शोषण के आरोपी रवीश कुमार के भाई बृजेश पांडेय के खिलाफ नही बोल पा रही , इस मुद्दे पर पत्रकार रवीश कुमार की चुप्पी के खिलाफ नही बोल पा रही वो अब पीड़ित लड़की के ही विरुद्ध बोल रही है …वो लड़की जो बाकायदा कह रही है कि “हमे न्याय नही मिला तो हम आत्मदाह कर लेंगे” ये लोग उसे ही “बड़े आदमी की बेटी” होने के चलते अपराधी साबित कर रहे है। पता नही और कितना गिरेंगे लोग?

भाई रवीश कुमार मजबूर है , अपने भाई के खिलाफ कैसे जाए, पर पत्रकार रवीश कुमार कैसे खामोश है? जीवन भर खुद को दलितों का मसीहा बताने वाला आज कमजोर क्यों पड़ गया? मैं बिल्कुल मानती हूँ कि किसी एक व्यक्ति के कृत्य से दूसरे व्यक्ति का चरित्र तय नही होता, पर मेरी यह सोच रवीश जैसे पत्रकारों पर लागू नही होती, क्योंकि इन्ही लोगो ने देश भर से ढूंढ – ढूंढ के ऐसे मामले जनता के सामने रखे है जहां किसी उच्च वर्गीय व्यक्ति द्वारा किसी निम्न समाज की महिला का शोषण हुआ हो, और उन घटनाओं के आधार पर इन लोगो ने देश भर में ऐसा माहौल बना दिया कि उच्च जाति में जन्म लेना ही शोषक होने का पर्याय बनता गया, यही वजह हैं जनाब रवीश खुद अपने नाम के आगे अपने असली सरनेम “पांडेय” की जगह “कुमार” लगाये बैठे हैं। अतः यदि रवीश के अनुसार कुछ ब्राह्मण या क्षत्रिय लोगो द्वारा ,दलितों पर अत्याचार किये जाने के कारण सम्पूर्ण ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज दोषी है तो फिर रविश के बड़े भाई बृजेश पांडेय के द्वारा किये गए कुकर्म के लिए रवीश भी दोषी हैं…….

बृजेश पांडेय कांग्रेसी है अतः उसे एक दलित लड़की के शोषण का अधिकार भी खुद ही मिल जाता है … क्योंकि “सेक्यूलर यौन शोषण शोषण न भवति , उन्मुक्तता भवति” … वैसे गज़ब संयोग है पिछले साल फरवरी में ही रवीश कुमार (पांडेय) ने जेएनयू मुद्दे के चलते अपने शो “प्राइम टाइम” के दौरान एनडीटीवी की स्क्रीन काली की थी, अब एक साल बाद उनके बड़े भाई बृजेश पांडे ने दलित लड़की का यौन शोषण कर , सेक्स रैकेट चला उनका मुंह ही काला कर दिया। बचपन में सुना था “जो दूसरों के लिए गड्ढे खोदता है वो खुद एक दिन उसी गड्ढे में गिरता है” …रवीश ने टीवी स्क्रीन काली की थी उनके भाई ने एक कदम आगे बढ़कर उनका ही मुंह काला कर दिया ……..कल ही कहीं पढ़ रही थी ब्लात्कार पीड़ित,या यौन शोषण पीड़ित महिला को मुंह छुपाने की जरूरत नही है,मुंह तो बलात्कारी और दुराचारी को छुपाना चाहिए…वास्तव में मुंह तो काला उसका ही होता है… इस पूरे मामले पर रविश कुमार की चुप्पी गलत है,और उससे भी गलत हैं वो लोग जो रवीश का बचाव करने की हड़बड़ी में अपराधी बृजेश पांडेय का बचाव कर रहे हैं… एक बच्ची का शोषण हुआ है ,यह अहम् मुद्दा है, रवीश को बचाने के लिए अब लोग उस बच्ची पर ही सवाल उठा रहे हैं…. मोदी के भक्तों को फेल कर दिया इन रवीश के भक्तों ने…नास्तिक भक्त।

@fb

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