नजीब पर फर्जी खबर,टीओआई के क्राइम रिपोर्टर राजशेखर झा की आलोचना

0
1109

पंकज श्रीवास्तव,वरिष्ठ पत्रकार-

यह बात साबित हुई कि टाइम्स ऑफ़ इंडिया के क्राइम रिपोर्टर राजशेखर झा ने जेएनयू के ग़ायब छात्र नजीब के बारे में फ़र्ज़ी ख़बर छापी। पुलिस ने ख़बर का खंडन किया है। कहा है कि उसके पास ऐसी कोई ब्राउज़िंग हिस्ट्री नहीं है जिससे पता चले कि नजीब गूगल पर आईएसआईएस के बारे में सर्च करता था…

लेकिन इससे एक ख़तरनाक कसौटी भी स्थापित हुई है। यानी कोई मुसलमान अगर गूगल पर आईएस के बारे में सर्च करे तो वह आतंकवादी होगा या बनने की राह पर होगा.. !

हिंदू ऐसा कर सकते हैं। हिंदू नौजवान और छात्र दुनिया के किसी भी विषय पर गूगल कर सकते हैं। पर मुसलमान छात्रों और नौजवानों को पहले पुलिस के बारे में सोचना पड़ेगा। “न्यू इंडिया” में उनके लिए ‘जिज्ञासा’ हराम है !

वे चैनल पत्रकार भी बेहिचक गूगल कर सकते हैं जिनके संपादकों का बिना आईएस का वीडियो देखे खाना नहीं पचता। ये संयोग नहीं कि अजमेर ब्लास्ट के सिद्ध दोषियों को भी वे आतंकवादी नहीं लिखते।

उनके लिए आतंकवादी मुसलमान ही हैं। फिर चाहे वह ब्लास्ट करे या गूगल सर्च। यह महज़ मान्यता नहीं, ज़्यादातर संपादकों का ‘प्रोजेक्ट’ भी है..!

राजशेखर झा यूँ ही फ़र्ज़ी रिपोर्ट नहीं लिखता, वह भविष्य का संपादक है !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

one × three =