खबर की राजनीति, बाजार और विवशता, एसपी सिंह स्मृति व्याख्यान में वक्ताओंं ने रखी अपनी राय

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वीरेन्द्र कुमार यादव

MK CKONNCLAVE 2014-1वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय मीडिया में अपनी पहचान छोड़ने वाले एसपी सिंह की पुण्यतिथि के मौके पर 27 जून को नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मीडिया के मुद्दे पर व्यापक बहस हुई। उस दिन हम भी दिल्ली में थे। वहां हम फॉरवर्ड प्रेस के संवाददाताओं की कार्यशाला और पांचवां स्थापना दिवस में शामिल होने गए थे। मीडिया खबर के संपादक पुष्कर जी ने कार्यक्रम की सूचना दी थी। इस कारण बहस को सुनने और शामिल होने का का मौका मिला।

एसपी सिंह स्मृति व्याख्यान का आयोजन मीडियाखबर.कॉम ने किया था। इसका विषय था-लोकसभा चुनाव में समाचार चैनलों की भूमिका। इस मुद्दे पर हुए विमर्श में स्पष्ट रूप से दिखा कि ‘राजनीति, बाजार और विवशता’ के चक्रब्यूह में खबर कहींं पीछे छूटती जा रही है। खबरों का अर्थशास्त्र भी उसे अपाहिज बनाता जा रहा है। पत्रकार एनके सिंह ने कहा कि समाचार चैनलों को विज्ञापन सबसे कम मिलता है। ऐसे में राजस्व वसूली के लिए खबरों के साथ मजबूरी व विवशता बन जाती है। मुकेश कुमार ने कहा कि परिस्थितियां बदली हैं और मालिक ही सर्वोपरि हो गया है। अब मिनिमम गर्वनमेंट और मैक्सीमम कॉरपोरेट की अवधारणा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब मीडिया से बदलाव या आंदोलन की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। इस मौके पर राहुल देव, आशुतोष, अलका सक्सेना, सतीश के सिंह, निमिष कुमार आदि ने भी अपने विचार रखे।

इस सेमिनार में एक बात निकल कर आयी कि स्थितियां अब पत्रकारों के हाथों के निकलकर मालिकों के हाथों में कैद हो गयी हैं। खबरों का चयन और प्रकाशन सभी मालिकों के व्यावसायिक हित पर निर्भर हो गया है। खबरों की डेटलाइन और डेडलाइन पर ही पत्रकारों की सुनी जाती है। हेडलाइन भी अब बनिया यानी मालिक तय करता है। मालिक के व्यावसायिक हित से तय होता है। यही कारण है कि खबरों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव को मीडिया के लिए सीजन कहा जाने लगा है यानी सही-गलत तरीके से धन उगाही का मौसम होता है। वक्ताओं ने इस बात भी चिंता जतायी कि न्यूज कंटेंट पर कम पैसे खर्च किए जा रहे हैं। स्कूप खबरों की संभावना कम हो गयी है। चुनावों में एक उम्मीदवार दूसरे उम्मीदवारों के खिलाफ खबर देते हैं और उसी के आधार पर खबर बनायी जाती है। चुनावी खबरों के लिए उम्मीदवारों द्वारा भरा जाने वाला शपथ पत्र आधार बन गया है। कार्यक्रम में शामिल लोगों के प्रति मीडिया खबर के संपादक पुष्कर जी ने आभार व्यक्त किया और शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।

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