चैनलों के एग्जिट पोल पर पत्रकार 'अभिषेक श्रीवास्तव' की चुटकी1-आरएसएस के एक पढ़े-लिखे मित्र ने फ़ोन किया। बोले- 'ये क्या हो रहा है गुरु? हम लोग भी खींच-खांच के दो सौ पहुंचा रहे हैं लेकिन टीवी वाले तो अत्त कर दिए हैं! कल्पना के बाहर है जो वो दिखा रहे हैं। आप ही सच बताइये।' मैंने सलाह दी, 'टीवी बंद कर के सो जाइये। परसों सब ठीक हो जाएगा।' मेरे आश्वासन से उन्हें राहत मिली है। शुक्रिया कह कर वे सोने चले गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि परसों टीवी गलत साबित होगा। 2-एग्जिट पोल वालों को जनता सीआईडी का आदमी समझती है। जैसे ही वो पूछता है, "आपने किसे वोट दिया", लोग सतर्क हो जाते हैं डर के मारे कि कहीं जाकर बीजेपी के लम्पटों को खबर न कर दे ये आदमी और कुटाई शुरू हो जाए। इसीलिए आम लोग एग्जिट पोल वालों को एक स्वर में कहते हैं, "जी, मोदीजी को...!" विश्वास न हो तो अभी बनारस के किसी परिचित को फ़ोन कर के जांच लें। सड़क पर भाजपाई आग मूत रहे हैं। मित्र बता रहे थे, "अरे यार, कुल नरक कइले हउवन। डर लगत हव कि बहरे निकले पर कहीं मार न दें सारे...!" मेरी नेक सलाह है कि परसों दोपहर 12 बजे तक सो जाइये। उसके बाद टीवी खोलिए। दुनिया बेहतर बरामद होगी।
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Staff Writer · Media Khabar
