एनडीटीवी के रवीश कुमार के नाम खुली चिठ्ठी
सेवा में,
श्री रवीश कुमार,
प्रबंध संपादक,एनडीटीवी इंडिया
नमस्कार !
[caption id="attachment_30014" align="alignleft" width="255"]
ब्रजेश कुमार, समाजसेवी[/caption]
आपने कुछ दिन पहले प्राइम टाइम में बिजली को लेकर देश भर का लेखा जोखा प्रस्तुत किया, उसमे उत्तर प्रदेश को आपने प्रमुखता से रखा उसके लिय बधाई ! उत्तर प्रदेश का प्रमुखता से आना लाजिमी है क्यूंकि अभी चुनाव है तो उसका हक़ “नयकी बहुरिया” की तरह है !
रवीश जी हमलोग भी एक बिजली की लड़ाई लड़ रहे है. ये लड़ाई बिहार के सबसे बड़े ग्राम “यजुआर”(जजुआर) को लेकर है जो कि सांसद आदर्श ग्राम परियोजना में संसदीय क्षेत्र मुजफ्फरपुर से चयनित है !
लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी इस गाँव को बिजली मयस्सर नहीं हुई है, जबकि बिजली के खम्भे 40 साल पहले लग गए थे ! जनप्रतिनिधियो तक यजुआर गांव की बात पहुंचाई गयी, मगर परिणाम अभी तक नकारात्मक ही रहा !
बिजली बहाली की मांग को लेकर 26 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकदिवसीय प्रदर्शन का आयोजन भी किया गया. लेकिन सरकार गहरी निंद्रा में है और सत्ता के मद में उसकी तंद्रा टूट ही नहीं रही. प्राइम टाइम में कभी इनपर भी गौर फरमाएं. उम्मीद करता हूँ कि अँधेरे से उजाले की इस मुहिम को आप आवाज़ देंगे.
सादर
ब्रजेश कुमार,
मुजफ्फरपुर,बिहार.
ब्रजेश कुमार, समाजसेवी[/caption]
आपने कुछ दिन पहले प्राइम टाइम में बिजली को लेकर देश भर का लेखा जोखा प्रस्तुत किया, उसमे उत्तर प्रदेश को आपने प्रमुखता से रखा उसके लिय बधाई ! उत्तर प्रदेश का प्रमुखता से आना लाजिमी है क्यूंकि अभी चुनाव है तो उसका हक़ “नयकी बहुरिया” की तरह है !
रवीश जी हमलोग भी एक बिजली की लड़ाई लड़ रहे है. ये लड़ाई बिहार के सबसे बड़े ग्राम “यजुआर”(जजुआर) को लेकर है जो कि सांसद आदर्श ग्राम परियोजना में संसदीय क्षेत्र मुजफ्फरपुर से चयनित है !
लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी इस गाँव को बिजली मयस्सर नहीं हुई है, जबकि बिजली के खम्भे 40 साल पहले लग गए थे ! जनप्रतिनिधियो तक यजुआर गांव की बात पहुंचाई गयी, मगर परिणाम अभी तक नकारात्मक ही रहा !
बिजली बहाली की मांग को लेकर 26 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकदिवसीय प्रदर्शन का आयोजन भी किया गया. लेकिन सरकार गहरी निंद्रा में है और सत्ता के मद में उसकी तंद्रा टूट ही नहीं रही. प्राइम टाइम में कभी इनपर भी गौर फरमाएं. उम्मीद करता हूँ कि अँधेरे से उजाले की इस मुहिम को आप आवाज़ देंगे.
सादर
ब्रजेश कुमार,
मुजफ्फरपुर,बिहार.