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इंडिया टीवी के ऐतराज के बीच अनुराग मुस्कान की इंडिया न्यूज़ में एंट्री

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एंकर अनुराग मुस्कान ने अपनी नयी पारी की शुरुआत इंडिया न्यूज़ के साथ की है. किसी ज़माने में वे स्टार न्यूज़ (अब एबीपी न्यूज़) के साथ थे. वहां से  वे राज्यसभा टीवी में आए.

लेकिन वहां ज्यादा दिन नहीं टिक पाए और फिर इंडिया टीवी का रूख किया. ऐसा लग रहा था कि वे अब वहां सेट हो गये हैं और इंडिया टीवी में लंबी पारी खेलेंगे तो फिर अचानक उसपर ब्रेक लगाते हुए उन्होंने इंडिया न्यूज़ का रूख किया.

सहारा समय का बजट प्रोमो या पैसों की बर्बादी ?

sahara samay logo

किसी कंपनी का पैसा और संसाधन कैसे बरबाद किया जाता है, उसकी ताजा मिसाल सहारा समय चैनल का यह बजट प्रोमो है।

बजट स्‍पेशल टीम में वॉयस ओवर के लिए ओमपुरी को और विशेषज्ञता के लिए राजेश रपडि़या जैसे संपादकों को हायर किया गया है।

बजट के बहाने कंपनी की कुछ प्रच्‍छन्‍न योजनाएं भी हैं। इसके बावजूद 2 मिनट का यह लंबा प्रोमो ओमपुरी की कड़कती आवाज़ को घटिया शब्‍दों के सहारे हास्‍यास्‍पद बना देता है।

मालिक का खाता सील हो गया, लेकिन पत्रकारों के कान पर जूं नहीं रेंग रही। वही पुरानी काहिली, मूर्खता और हरामखोरी जारी है। परिवार हो तो ऐसा…

(पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव के एफबी वॉल से)

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में छात्र मिलन समारोह संपन्न

भोपाल/16 फरवरी 2013/माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के परिसर में आज नई एवं पुरानी पीढियों का संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय की स्थापना काल से अब तक अध्ययन कर चुके विद्यार्थी एवं वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों के मिलन एवं अनुभव साझा करने के इस समारोह में पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थी, सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं पूर्व कुलपतियों ने एक साथ मुलाकात की और बीते दिनों को याद किया। तथा भविष्य की पत्रकारिता के दशा और दिशा पर चिंतन किया।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एकदिवसीय पूर्व विद्यार्थी मिलन समारोह मंे मुख्य वक्ता के रूप मंे वरिष्ठ पत्रकार श्री राहुल देव आमंत्रित थे। पूर्व कुलपति एवं वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र, राधेश्याम शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार रामशरण जोशी, सांसद उदयप्रताप सिंह, विधायक विश्वास सारंग तथा विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रो. बी.के.कुठियाला ने इस समारोह में अपने विचार व्यक्त किये। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मीडिया जगत की चुनौतियों के बारे में बताया साथ ही इन चुनौतियों से निपटने के कुछ सूत्र भी बताये।

महिला पत्रकार पर भद्दे कमेंट का मामला

तिरूवनंतपुरम। केंद्रीय मंत्री व्यालार रवि एक महिला पत्रकार पर भद्दे कमेंट के मामले में विवाद में घिर गए हैं। रवि एक वीडियो में इस महिला पत्रकार पर भद्दा कमेंट करते दिख रहे हैं। ये महिला पत्रकार व्यालार रवि से 1996 सूर्यनेल्ली गैंगरेप केस में फंसे पी जे कुरियन से जुड़ा सवाल पूछ रही थीं। इस वीडियो में रवि महिला पत्रकार से ये कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि क्या उन्हें कुरियन से कोई व्यक्तिगत परेशानी है। मुझे लगता है कि ऐसा ही कुछ है। क्या आपके और कुरियन के बीच अतीत में कुछ हुआ है। इस टिप्पणी को लेकर केरल में महिला पत्रकारों का गुस्सा उबल पड़ा है और वे विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

टीवी कमर्शियल्स की मांएं सिर्फ मैगी नूडल ही क्यों बनाती हैं?

Hats off to City Scan system designers mom!

आजकल टेलीविजन पर एक विज्ञापन आता है। एक क्ला्सरूम है, जिसमें ढेर सारे बच्चे बैठकर चित्र बना रहे हैं। बच्चे् चित्र बना रहे हैं कि उनके मम्मी -पापा क्या काम करते हैं। एक बच्चा अपने चित्र को नरेट कर रहा है। वह कहता है, मेरी मम्मा सिटी स्कैन सिस्टम डिजाइन करती हैं और मेरे पापा पावर जनरेशल सिस्टम बनाते हैं। उसने सिटी स्कैन मशीन और अपनी मम्‍मा का एक रंगीन चित्र बनाया है। ये विज्ञापन है जैपनीज कंपनी तोशिबा का। ये विज्ञापन मुझे बहुत पसंद है क्योंकि शायद पहली बार किसी विज्ञापन में मां सिटी स्कै‍न सिस्टजम डिजाइन कर रही है। वरना हमें तो अब तक यही लगता था कि टीवी कमर्शियल्सस की मांएं सिर्फ :

-अपने बच्चों को ताकतवर बनाने के लिए कॉम्प्लान पिलाती हैं।

– दो मिनट में मैगी नूडल तैयार कर देती हैं।

– ऑल आउट लगाकर मच्छर भगाती हैं।

– विक्स वेपोरब से बच्चे की बंद नाक खोलती हैं

– ऐसे साबुन से कपड़े धोती हैं, जिससे उनके हाथ नर्मो-नाजुक बने रहें।

– दिन-रात इसी चिंता में घुली जाती हैं कि कौन-सा तेल इस्तेमाल करूं कि पति का कोलेस्टॉल घटे

– हार्पिक से टॉयलेट को कीटाणु रहित बनाती हैं।

– टेस्टि में बेस्ट मम्मी और एवरेस्ट् हैं

– रोज खाने में ऐसा मसाला इस्ते‍माल करने की कोशिश करती हैं कि पति घर पर ही खाना खाए।

– प्रेस्टीज कुकर में फटाफट खाना बनाकर पति और उसके बॉस को खुश कर देती हैं, पति को इंक्रीमेंट मिल जाता है। इसलिए ये विज्ञापन थोड़ा अलग है। पहली बार टेलीविजन स्क्रीन पर किसी बच्चे की मां सिटी स्कैन सिस्ट़म डिजाइन कर रही है। जरूर उसकी मां उसे बहुत प्यार भी करती होगी, उसकी फेवरेट डिश भी पकाती होगी, जुखम होने पर विक्स भी लगाती होगी। क्योंकि ये सारे काम तो कोई भी इंसान करता है, लेकिन जीवन बड़ा और अर्थपूर्ण सिर्फ मैगी पकाने और विक्स् लगाने से नहीं बनता ना। ये एड अलग है, वरना अब तक तो धर्मग्रंथों और हिंदुस्तानी समाज के कुंद जेहन नियमों की तरह मॉडर्न टेलीविजन भी औरतों को यही बताता रहा है कि मैगी पकाने, विक्स लगाने और क्रैक क्रीम से अपनी एडि़यों की दरारें मिटाने में ही उनके जीवन की सार्थकता है। Hats off to City Scan system designers mom!

( इंडिया टुडे की पत्रकार मनीषा पाण्डेय के फेसबुक वॉल से साभार)

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