
न्यूज एक्सप्रेस ने एक बार फिर भारतीय रेल की कलई खोली है। हमने खुलासा किया है कि रेलवे कैसे मुसाफिरों की सुरक्षा और सुविधा के नाम पर उनके साथ गंदा मजाक कर रहा है।
हमारे खोजी पत्रकार आयुष पंडित और प्रशांत यादव ने इस दौरान राजधानी और शताब्दी के सुपरवाइजरों और ड्राइवरों समेत 8-10 रेलवे कर्मचारियों से बात की जिसमें रेलवे कर्मचारियों ने खुलासा किया कि… रेलवे में चीन के बने घटिया सामान इस्तेमाल किए जा रहे हैं…
रेल कर्मचारियों ने हमें बताया कि कोहरे के दौरान रेलगाड़ियों में एंटी फॉग डिवाइस और जीपीएस सिस्टम काम नहीं करता… और रेलवे में कमीशनखोरी होती है. रेलवे ड्राइवरों ने बताया कि वे 12 से 14 घंटों तक काम करते हैं जबकि नियम के मुताबिक उनकी ड्यूटी 8-10 घंटे की होती है।
हमारे इस स्टिंग ऑपरेशन में रेलवे कर्मचारियों के खुलासे ने रेलवे अधिकारियों के उन दावों की हवा निकाल दी है जिसमें रेलवे अधिकारी ये दावा कर रहे थे कि कोहरे से निपटने के लिए रेलवे के पास आधुनिक उपकरण मौजूद हैं और यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए रेलवे अपनी ओर से पूरी तरह तैयार है।
फर्ज कीजिये दामिनी का दोस्त सुधीर चौधरी को कहता कि आपको ये नैतिक अधिकार नहीं !
लंबे समय तक जेल में रहने के कारण जी न्यूज के संपादक औऱ बिजनेस हेड सुधीर चौधरी का चेहरा जो लोग नहीं देख पा रहे थे, अब देख पा रहे हैं. उन्हें लख-लख बधाई. वैसे भी चैनल के संपादक की शोभा न्यूजरुम में अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते रहने में ही है न कि अन्याय और भ्रष्टाचार करने पर जेल चले जाने से. कुछ अपराधियों को तो अपराध से मुक्त रखा ही जा सकता है. है कि नहीं ?
फर्ज कीजिए कि दामिनी का दोस्त सुधीर चौधरी से कहता- आपको ये नैतिक अधिकार नहीं है कि आप अन्याय के खिलाफ हमसे सवाल कर सकें. ये अधिकार आप खो चुके हैं तो वाकई हिन्दी सिनेमा का कोई सुपरहिट डायलॉग हो जाता लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया. कुछ बुद्धिजीवी फिल्मकारों के भरोसे छोड़ दिया.
Poojaditya Nath सुधीर चौधरी को देख के एक राजस्थान कि कहावत याद आ गयी… “नकटे तेरी नाक कटी? नाता बोला नहीं, वो तो और ऊंची हो गयी.” सुधीर चौधरी बेहतरीन अदाकार हैं…पत्रकार नहीं अदाकार….