इलाहाबाद में कुंभ मेले की खबरों के बीच एक दुखद खबर आयी है…श्री अरूण कुमार अग्रवाल का निधन हो गया है…वे अंतर्राष्ट्रीय श्रोता समाचार नामक पाक्षिक अखबार के संपादक थे और पत्रकारिता और पत्रकारों की खबर लेते रहते थे..खिंचाई करने से भी नहीं चूकता था उनका अखबार…
दो दशक तक यही अखबार मीडिया की भीतरी हलचलों का केंद्र रहा…हालांकि इलाहाबाद में उनको बड़े पत्रकार पत्रकार नहीं मानते थे…कहते थे कि कपड़े की थान नापने वाला बनिया है…अरूणजी खुद भी अपने को पत्रकार होने का दावा नहीं करते थे…लेकिन मैने उनको करीब से देखा है…वे खांटी पत्रकार थे..ईमानदारी से आजीविका के लिए और काम करते हुए पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा की…
आज की मुख्यधारा की पत्रकारिता में भले ही उनको हाशिए पर रखने की कोशिश हुई हो लेकिन उनके जैसे प्रतिबद्ध इंसान के कामों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है…आज के दौर के कई भारी पत्रकार श्रोता समाचार के संवाददाता रहे थे…वे खुद में एक बड़ी किताब थे…






