आसाराम रावण है तो दीपक चौरसिया राम हैं क्या?

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शुभांकर

समाचार चैनलों द्वारा आसाराम की अंधाधुंध कवरेज पर कुछ टिप्पणियाँ :

1.आजतक की ख़बरें देखकर मासूमियत से आप सोंचेंगे तो एक बार लगेगा कि आजतक आसाराम के बहाने धर्म के नाम पर चल रहे पाखंड को मिटाना चाहता है और इसलिए ताबड़तोड़ ख़बरें चला रहा है. लेकिन माफ कीजियेगा ऐसा बिल्कुल भी नहीं. पूरा मामला टीआरपी रेस में अव्वल नंबर पर बने रहने की है. बताते चले कि आजतक ही वह चैनल है जिसने सबसे पहले धार्मिक कार्यक्रम ‘धर्म’ नाम से शुरू किया था.

2.आसाराम से बड़े पाखंडी समाचार चैनल हैं. आसाराम के खिलाफ आज जितनी ख़बरें दिखाई जा रही वह ख़बरें पहले कहाँ दफ़न थी?

3.न्यूज़ चैनलों ने इस साल ‘आसाराम’ को ‘रावण’ करार दिया. आजतक ने फोटोशॉप की मदद से आसारम को दस सिरों वाला रावण के रूप में भी दिखा दिया. उस हिसाब से तो इंडिया न्यूज़ के दीपक चौरसिया शायद अपने आप को राम समझ रहे होंगे. आखिर आसाराम को ही पकड़ कर दीपक, इंडिया न्यूज़ को दस नंबर से चार नंबर पर ले आए.

4.निर्मल बाबा की तरह आसाराम ने भी समाचार चैनलों को विज्ञापन दे दिया होता तो क्या आसाराम के खिलाफ ऐसे ही ख़बरें चलती?

5.समाचार चैनलों की कमाई का बड़ा हिस्सा उनपर चलने वाले विज्ञापनों से आता है. यही वजह है कि पावर प्राश से लेकर निर्मल बाबा तक का विज्ञापन समाचार चैनलों पर बेधड़क चलता है. ख़ैर इसपर कोई आपत्ति नहीं. लेकिन यह पाखंड क्यों किया जा रहा है? एक तरफ आसाराम की दिन – रात रगड़ाई और दूसरी तरफ निर्मल बाबा का विज्ञापन कई चैनलों पर चल रहा है. क्या वाकई समाचार चैनल धर्म के नाम पर फैले पाखंड को खत्म करना चाहते हैं या फिर उनका एजेंडा कुछ और है?

मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार की कुछ टिप्पणियाँ :

1. आसाराम पर लगातार और धुंआधार कवरेज सामाजिक जागरुकता के बजाय मीडिया की निजी खुन्नस और इगो का नतीजा है. शुरुआती दौर में आसाराम और उनके अनुयायियों ने एक के बाद एक चैनलों का जिस तरह मजाक उड़ाया, हुज्जत की..वो खबर और स्पेशल प्रोग्राम की शक्ल में हमारे सामने है. अगर इस खबर का संबंध पाखंड़, अंधविश्वास और यौन उत्पीड़न के खिलाफ लोगों को जागरुक करने से होता तो वो उसी निर्मल बाबा के विज्ञापन को उसी रफ्तार से नहीं चला रहे होते. अब ये निजी खुन्नस थोड़ी ठंडी पड़ती कि आज फिर अनुयायियों द्वारा मीडिया के कैमरे तोड़े जाने की घटना ने और मामले को हरा कर दिया..इस पूरे प्रकरण को मैं आसाराम से कहीं ज्यादा पीआर एजेंसी की हार मानता हूं.

2. आसाराम को लेकर कोई अपडेटस देखने होते हैं, मैं सीधे इंडिया न्यूज पर जाता हूं. जैसे बिजनेस की खबर के लिए सीएनबीसी आवाज या इटी नाउ..इसे कहते हैं चैनल की ब्रांडिंग..बकवास तो लगभग सारे चैनल दिखाते हैं लेकिन इसी में कोई अलग से पहचान बना ले रहा है तो बड़ी बात है..नहीं तो इंडिया न्यूज को पूछता था कौन ?

11 COMMENTS

  1. चैनल वाले भी दूध के धुले नहीं।पर हमें इससे क्या लेना देना है?
    आसाराम जैसे राक्षस का असली चेहरा जनता के सामने पूरी तरह आना चाहिए और वो आ भी रहा है।हाँ देखना ये है कि धर्मभीरु जनता इससे कोई सबक लेती है या वही मूर्खतापूरण रवैया अपनाती है यानी ऐसे कमीनों की लच्छेदार बातों में आकर धन व समय बर्बाद करना।

    • दूध के धुले नहीं हैं तो, आधे घंटे के CREATIVE क्लिप को देखकर आप ऐसी राय न देते …
      .४० वर्षों से जो देश के विकास में भागीदार हैं उसे नज़रंदाज़ न करते …..
      एक बार आश्रम की SITE PER पर LOGIN कीजिये सच्चाई सामने आ जाएगी …

  2. लोग कहते हैं कि संतो की गुण अवगुण के बारे में पुराणों, गीता और रामायण में में लिखा है। रामायण तो पढ़ते हैं पर यह नहीं पढ़ते है। गीता प्रेस गोरखपुर की गोस्वामी तुलसीदासकृत राम चरित्र मानस ‘रामायण’ के उत्तर काण्ड में दोहा नंबर ३६ से ४१ में लिखा है संत असंत भेद बिलगाई। प्रनतपाल मोहि कहहु बुझाई॥संतन्ह के लच्छन सुनु भ्राता। अगनित श्रुति पुरान बिख्याता॥3॥ कृपया पढने का लोग कष्ट तो करें.

    समस्या धर्म की नहीं है, समस्या तो धर्म के ठेकेदारों, स्वार्थी दलालों, पाखंडी संतो, मौलवियों, अज्ञानी अन्धभक्तों, अन्ध्श्रधालुओं और धार्मिक व्यापारियो की है जो धर्म को अधर्म और अमानवीय बना देते हैं।

  3. are aaj tak pehle apne website se nangi aurtein ki photo nikal de warna kahi admi intna kamukh na ho jaye k teri biwi ko hi utha le …

  4. inko babu lal nagar ghar pe khane pe bulata he aur ye log sachhe balatkari ko safe rakhte he taki inki biwi ko hath na lagaye koi..

  5. Savadhaan ! kya ye media sach , imandari aur sabhi aadarsho ko manta hai? Ans. : nhi kabhi nhi , ye to apane maa-baap ke nahi huye. kyo ? Ans. :kyo ki inke maa baap ne vo shiksha hi na di jisase manata ka utthan ho. par sab media vaisi nhi hai , aur unhe pranam hai……

  6. Kans bhi apne aapko bhagwaan manta tha par kya hua ye to chote se chote bacche ko bhi pata hai. Duryodhan aur shakuni ne shree krushna ke samne bhi unhe mayavi aur kapti kaha tha to aaj ke samay me ye Deepak CHORasia apne aapko ram kah raha hai to samhaj lena chahiye ki asli ram to ASARAM (Bapuji) hi hai.

  7. .रोम,यूनान और ग्रीस की संस्कृति को आधुनिकतावालो ने नाश कर दिया अब भारत के संस्कृति को भी नाश करना चाहते है आपको पता है की भारत में ७०० साल मुसलमानों ने शोशन किया,२०० साल अंग्रेजो ने शोशन किया फिर भी भारत की संस्कृति को पूरी तरह से नाश नहीं कर पा रहे है फिर भी काफी हद तक उन्होंने सफलता पाई है…मुसलमानों ने पहले मदिरो को तोड़कर मस्जिद बनवाई..फिर अंग्रेजो ने भारतीय संस्कृति के बारे में अध्ययन किया पुरे भारत में भ्रमण करके ये निष्कर्ष निकला की भारत की संस्कृति की जड़ बहुत मोटी इसे तोडना एक दिन काम नहीं है इसमें १ दशक से ज्यादा भी लग सकते है इसे तोड़ने का उपाय है…
    १ भारत के सभी नागरिक के मन और दिमाग में ऐसा संस्कार डालो की उनकी संस्कृति घटिया और खोखला है जबकि ऐसा है नहीं
    २ भारत की संस्कृति को जीवित और जो मजबूत बनानेवाले है उनपे प्रहार करो हत्या करवा दो या फिर उन्हें बदनाम कर दो
    ३ भारत में ऐसा कानून बनाओ की जिससे भारतवासी एक दुसरे में विखंडित रहे कभी जुड़े नहीं
    भारत के संस्कृति को जीवित और मजबूत बनानेवाले है हमारे संत समुदाय|संतो के ही प्रचार और प्रसार से आज भी हम संस्कृति के प्रति आदर रखते है तो जो संस्कृति को तोड़नेवाले है उनके लिए तो संत उनके मार्ग के रोड़े है…इसलिए बेबुनियाद और झूठे आरोप संतो पे बार बार लगाये जाते है इसके लिए वे सबसे बड़ा प्रचार माध्यम प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मिडिया को लेकर प्रचार करते है…आज हमलोग क्या है की इतने ब्यस्त किया गया की घर-परिवार,आस-पड़ोश से भी बात नहीं कर पाते तो खबर कैसा है झूठा है की सच्चा ये भी डिस्कस नहीं कर पते और मीडिया जो बोलता है उसे ही सच मान लेते है और मिडिया को तो चैनेल चलाना है उसके लिए उसे चाहिए पैसा और जो पैसा देगा मीडिया उसके अनुसार दिखायेगा|अब आप सोचिये की मीडिया में जो कम करते है नौकरी करते है उनके लिए पैसा कहा से आता है पहला तो एडवरटाइजिंग से पैसा आता ही है दूसरा दुसरे किसी को बदनाम करने के लिए भी आज मीडिया का धड़ल्ले से यूज़ हो रहा है| आप बहुत सारे न्यूज़ देखिये जिससे साफ़ दीखता है की कौन कैसा रणनीति कर रहा है हिन्दुओ को कैसे तोड़ने का काम किये जा रहे थोडा विचार करे आप….
    b)शिवा के पास सीडी ,बापूजी ने आरोप कबूल कर लिए,शिल्पी ने उगले कई सनसनीखेज आरोप,आश्रम में काला जादू ,नारायण साईं भगोड़ा है ,साईं ने काबुल किये आरोप ये तथा और भी कई झूठी और बेबुनियाद न्यूज़ इन बिकाऊ मीडिया ने फैलाया एक भी आरोप सिद्ध नहीं हुए……..जो बापूजी के विरोध में कमेंट लिख रहे है उनसे प्रार्थना है की भाई ये बहुत बड़ा षड़यंत्र है बापूजी के विरोध में……इस्पे जरा विचार करो नहीं तो तू ही सिद्ध करके दिखा दे हम मानने को तयार है ………बिकाऊ मीडिया पर भी इनकम टैक्स लगना चाहिए

    c)गाँधी परिवार का मतलब है वेटिकन चर्च का दलाल…..ये जो दलाल (कांग्रेस) है वो पुरे भारत में इसाई बनाने का काम धड़ल्ले से कर रही है ….साउथ इंडिया में इन्होने धाक जमा ली है अब पुरे इंडिया इनका टारगेट है इसलिए इन संतो को बदनाम करने के लिए मीडिया को पैसा देकर बापूजी को बदनाम करने की कोशिश किया जा रहा है

  8. आज कल बेईमान, दूसरो की इज्जत को ताक पर रखने वाले, देश के साथ धोखा करने वाले राम बनने की कोशिश कर रहा है|

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