फ्रांस में 'Charlie Hebdo' पत्रिका पर हमले के बाद भारतीय मीडिया 'चार्ली' व 'शार्ली' के चक्रव्यूह में कुछ इस कदर फंसी कि एनडीटीवी इंडिया जैसा प्रतिष्ठित चैनल भी असमंजस में फंस कर गलती कर बैठा. एनडीटीवी ने पहले 'चार्ली एब्दो' लिखा और बाद में 'शार्ली एब्दो' पर आया.
सिक्ता देव ने जब बुलेटिन पढ़ा तब एनडीटीवी इंडिया के स्क्रीन पर आया - 'चार्ली'. लेकिन जब सुशांत सिन्हा खबर पढ़ने आए तब 'चार्ली' हो गए 'शार्ली'. देखिए नीचे दोनों तस्वीर. वैसे ये अच्छी बात है कि गलती का पता चलते ही एनडीटीवी ने शब्द का सही उच्चारण लिखना शुरू कर दिया. देखें तस्वीर -
तस्वीर - 1
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असमंजस में एनडीटीवी - चार्ली या शार्ली[/caption]
तस्वीर - 2
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असमंजस में एनडीटीवी - चार्ली या शार्ली[/caption]
असमंजस में एनडीटीवी - चार्ली या शार्ली[/caption]
तस्वीर - 2
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असमंजस में एनडीटीवी - चार्ली या शार्ली[/caption]
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