सुजीत ठमके
आईएसआईएस की बड़ी स्टोरी जब ब्रिटेन का न्यूज़ चैनल ब्रेक करता है

देश में सैकड़ों न्यूज़ चैनल है जिसमें से कुछ राष्ट्रीय और कुछ क्षेत्रीय स्तर के हैं. इनमें से कुछ बिजनेस के भी हैं. लेकिन इस बड़ी स्टोरी का किसी को पता नहीं. वैसे तो दिनभर ब्रेकिंग न्यूज़ की पट्टी चलाते रहते हैं मगर जहाँ असल ब्रेकिंग न्यूज़ है वहां नहीं पहुँच पाते. अब इस बड़ी स्टोरी को भारत के किसी चैनल को बहुत पहले ही ब्रेक कर देना चहिये था. मगर अफ़सोस ब्रिटेन का एक चैनल इसका खुलासा करता है और भारतीय चैनल उसका पिछलग्गू बनकर फौलोअप. इससे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ और क्या हो सकती है?
दरअसल भारत के इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म करने वाले जर्नलिस्ट को सोर्सेस को बढ़ाना होगा। साथ में नयी तकनीक को समझकर उसके औजारों को पत्रकारिता का हथियार बनाना पड़ेगा. नहीं तो भारत के अंदर की ब्रेकिंग न्यूज़ यूँ ही ब्रिटेन में ब्रेक होगी और भारतीय चैनल और उसके पत्रकार हाथ मलते रह जायेंगे.
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चैनल4 ने मेहदी का कैसे पता लगाया ?
मेहदी की गिरफ्तारी के बाद सवाल उठ रहा था कि आखिर चैनल फोर ने उससे कैसे संपर्क किया और कैसे जाना कि वो IS का ट्विटर अकाउंट हैंडल करता था . इस बारे में खुफिया सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक चैनल फोर ने पूरी प्लानिंग के साथ मेहदी से उसका सच कबूलवाया था.
आतंकवादी संगठन IS के नापाक हरकत पर नजर जमाए चैनल फोर को कुछ समय पहले भनक लगी थी कि कि बैंगलूरू में काम करनेवाला मेहदी मसरूर बिस्वास IS के ट्विटर अकाउंट को हैंडल करता है. इस जानकारी के बाद चैनल फोर ने खुद को जेहादी जॉन की टीम के फाइटर बताकर मेहदी मशरूर से संपर्क साधा .
मेहदी को नहीं पता था कि खुद को जेहादी बताने वाले चैनल 4 के पत्रकार थे क्योंकि चैनल 4 की टीम ने खुद को ब्रिटिश फाइटर बताया. चैनल 4 के पत्रकारों ने मेहदी की तारीफ करते हुए कहा कि वो आईएसआईएस के लिए शानदार काम कर रहा है. चैनल फोर के पत्रकारों की बात में मेहदी फंसता चला गया . इसके बाद चैनल फोर ने मेहदी से पूछा कि वो इराक में होने की बजाय बैंगलूरू में क्यों है ?
इसके जवाब में मेहदी ने कहा कि वो भी इराक जाना चाहता है लेकिन घर परिवार की जिम्मेदारी की वजह से बैंगलुरू में फंसा हुआ है . इसके बाद मेहदी ने अपना राज खुद खोलते हुए बताया कि वो IS का ट्विट करता है और वो पश्चिम बंगाल का रहनेवाला है.
(स्रोत-एबीपी)