जगदीश्वर चतुर्वेदीमज़ेदार बात यह है कि टीवी चैनलों में जो समस्या सबसे ज़्यादा दिखायी जाती है उसे ही महान समस्या मान लिया जाता है। अब महँगाई का टीवी समाचारों और टाॅकशो में कोई अतापता नहीं है ,लेकिन महँगाई है , लेकिन वह चर्चा से ग़ायब है! इसी तरह अब यूपी में बलात्कार का व्यापक कवरेज है तो यही मानो कि यूपी तो बलात्कार में डूबा है। पहले मुज़फ़्फ़रनगर दंगे की ख़बर थी बाक़ी सब ग़ायब। टीवी की ख़बर को ख़बर और टीवी पर अनुपस्थित ख़बर को ख़बर न मानना इस बात का सबूत है कि हम कितनी कम सूचनाओं से अपनी राय बना रहे हैं और यह हमारी सूचना दरिद्रता को भी दर्शाता है। सच में संचार क्रांति ने हमें सूचना दरिद्र के साथ यथार्थबोध दरिद्र भी बना दिया है। (स्रोत-एफबी)
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