वार्ता नहीं वेतनमान चाहिए, वरना जारी रहेगा शिक्षकों का आंदोलन

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वार्ता नहीं वेतनमान चाहिए, वरना जारी रहेगा शिक्षकों का आंदोलन
वार्ता नहीं वेतनमान चाहिए, वरना जारी रहेगा शिक्षकों का आंदोलन

प्रेस विज्ञप्ति

वार्ता नहीं वेतनमान चाहिए, वरना जारी रहेगा शिक्षकों का आंदोलन
वार्ता नहीं वेतनमान चाहिए, वरना जारी रहेगा शिक्षकों का आंदोलन

मोतिहारी : सरकार पिछले छह महीने से नियोजित शिक्षकों को नियत वेतन में सम्मानजनक बढ़ोतरी का लोलीपॉप चुसा रही है. जबकि हमें देश के अन्य राज्यों की तरह पूर्ण वेतनमान का दर्जा चाहिए. बिहार के सीएम व शिक्षा मंत्री जान लें कि हमारी संख्या चार लाख हैं. और उनकी चूले हिलाने के लिए हम किसी मायने में कमजोर नहीं. सरकार की ईट से ईट बजा देंगे. ये बातें परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी ने शिक्षक संघर्ष रथ यात्रा के दौरान मंगलवार को मोतिहारी में एक सम्मलेन को संबोधित करते हुए कही.

उन्होंने कहा कि रथ यात्रा से घबराए शिक्षा मंत्री ने 19 नवम्बर को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है. लेकिन मैं जाने वाला नहीं. अब बात क्या करनी उनके पास पूरे राज्यों के शिक्षक के वेतनमान का ब्यौरा है. इसी आधार पर सूबे में वेतनमान लागू कर दे. वरना हमारा आन्दोलन जारी रहेगा. उन्होंने आगे कहा कि नियोजित शिक्षकों को वेतन वृद्धि के झांसे में नहीं नहीं आना है. वर्ष 2016 में सातवां वेतन लागू होनेवाला है. तब एक सरकारी चपरासी का भी वेतन 50 हजार रुपये होगा. महंगाई भी उसी अनुपात में बढ़ेगी. सोचिए, नियत वेतन में महज चार से पांच हजार की बढ़ोतरी लेकर तब हम कहां होंगे.

वही संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी सह संगठन सचिव, जिला इकाई पूर्वी चंपारण श्रीकांत सौरभ ने कहा कि जिस तरह डाल से चूका बन्दर और खेती से चूका किसान कहीं के नहीं रहते. ठीक यहीं स्थिति वर्ष 2016 में आयोजित होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने के बाद नियोजित शिक्षकों की भी हो जाएगी. और आने वाले पांच वर्षो तक सभी ठगा महसूस करेंगे, यदि वेतनमान की मांगे पूरी नहीं हुई तो. उन्होंने कहा कि दिसम्बर के पहले सप्ताह में विधानसभा सत्र चलेगा. उसी समय सरकार पर दवाब बनने का उचित मौका है. इसलिए प्रदेश के कोने कोने से हजारो की संख्या में शिक्षक पटना पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे. इसपर भी हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो सीएम हाउस को घेरकर सभी शिक्षक गिरफ्तारी देंगे. फिर सभी शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

मंच पर कोटवा प्रखंड के शिक्षक व लोक गायक उमाशंकर यादव की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की. मंच का संचालन तुलसी राम व अध्यक्षता धर्मदेवनाथ दास ने किया. सभा को जिलाध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी, संयोजक अमित श्रीवास्तव, अनिल सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता आदि ने भी संबोधित किया.

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