ब्लॉक हो चुकी ख़बरों के लिए जरुरी है ‘रवीश स्टेंट’।

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ब्रजेश पांडेय वाले मामले को लेकर कल सोशल मीडिया पर ढेरों लोग बड़ी शिद्दत से रवीश कुमार को ढूंढ रहे थे।कुछ लोगों ने पूछा भी कि वे आजकल शो कर रहे हैं या नहीं।यही देखने के लिए 9बजे एनडीटीवी इंडिया लगाया तो देखा कि अपने चिरपरिचित अंदाज़ में रवीश प्राइम टाइम पेश कर रहे थे।सोशल मीडिया पर उनको लेकर चल रही बातचीत का उनका दिलो-दिमाग पर कोई असर नहीं दिख रहा था।बहरहाल वे बात दिल की ही कर रहे थे।कल के शो में उन्होंने हर्ट ब्लॉकेज की स्थिति में लगाये जाने वाले #स्टेंट पर चर्चा की और बताया कि कैसे प्राइवेट अस्पताल ‘स्टेंट’ के नाम पर हृदयरोगियों को लूटते रहे हैं। 30,000 के स्टेंट की कीमत लाखों में वसूल की जाती रही है।रिपोर्ट देखकर मेट्रो हॉस्पिटल(नोयडा) की घटना याद आ गयी जब पापा को एक स्टेंट लगा था और अस्पताल ने 175,000 रूपये वसूल किये थे।राजनीतिक माहौल में ऐसी रिपोर्ट दिखाना वाकई साहस का काम है।इसलिए तमाम असहमतियों के बावजूद एक रवीश की जरूरत है जो ब्लॉक हो चुकी ख़बरों के लिए ‘स्टेंट’ की तरह काम करता है। (पत्रकार पुष्कर पुष्प के वॉल से साभार)

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