न्यूज चैनल ही नहीं आसाराम को सम्मान देने में बीबीसी भी पीछे नहीं

1
328
asaram pani
ये आजतक से ली गयी तस्वीर हैं और देखिए आजतक कैसी सम्मानसूचक भाषा का इस्तेमाल कर रहा है . कब पानी-पानी ‘होंगे’ आसाराम

मो.अनस : लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने एक बार भी आसाराम नामक बलात्कारी का मुद्दा नहीं उठाया ,तमाम न्यूज़ चैनल आसाराम नाम के बूढ़े बलात्कारी को बापू कह कर संबोधित कर रहे हैं ,भाजपा के भावी एवं ट्विटर -फेसबुक के निर्विरोध पी एम नरेंद्र मोदी सोनिया गांधी की बिमारी का मजाक तो बना सकते हैं लेकिन आसाराम के हाथों यौन उत्पीड़न का शिकार नाबालिग लड़की ,महिला पत्रकार और महिला सिपाही के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के लिए एक ट्विट तक नहीं कर सकते .ऐसे में आप पुलिस को गाली अगर देते हैं की वे आसाराम को गिरफ्तार नहीं कर रही हैं तो आप सबसे बड़े बेईमान हैं क्योकि उससे पहले इन उमा भारतीयों ,रमन सिंहों और मीडियाओं को सबक सिखाया जाना चाहिए जो नीतियों से लेकार नेतृत्व तक तय करते हैं .

Sandeep Kumar
चैनलों की छोड़िए कल शरद यादव के सवाल पर गृहमंत्री ने अपने जवाब में झांसाराम उर्फ घंटा बाबा (जी का) को आसाराम बापू जी कहकर संबोधित किया.

Mohammad Anas शरद यादव ने कहा ‘एक साधू है जिसने बवाल मचाया हुआ है ,वे काफी गुस्से में थे ,लेकिन विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने जिस तरह बलात्कारी संत का समर्थन किया है वह देश हित और जनहित में कहीं से नहीं है .

(Mohammad Anas :के एफबी से साभार )

विनीत कुमार : जितने लंबे-लंबे बयान आसाराम के चैनल दिखा रहा है क्या किसी दूसरे आरोपी को चूं तक भी बोलने का मौका दिया जाता?. एक बात, दूसरी बात कि कोई दूसरा आरोपी होता तो जल्लाद, कुकर्मी,गुंडा पता नहीं क्या-क्या शब्द इस्तेमाल होते, मीडिया ट्रायल हो जाता लेकिन आसाराम के लिए बापू और पुलिस की ओर से जी जी शब्द का प्रयोग किया जा रहा है.

पुष्कर पुष्प : इस देश की जनता की बुद्धि की बलिहारी है जो आसाराम जैसे बार -बार कुकृत्य करने वाले धर्मगुरु बने बैठे हैं. सोंचिये जब ऐसे धर्मगुरु होंगे तो चेले कैसे होंगे? फिर दुष्कर्म जैसा अपराध समाज में क्यों न बढ़े? उम्मीद करते हैं कि मीडिया और खासकर न्यूज़ चैनल आसाराम नाम के ढोंगी के लिए ‘बापू’ शब्द का इस्तेमाल नही करेंगे.

वैसे बीबीसी हिंदी भी आसाराम को सम्मान देने में पीछे नहीं. देखिए स्क्रीन शॉट :
aasaram-bbc

इधर फेसबुक पर आसाराम की आलोचकों द्वारा धुनाई चल रही है तो दूसरी तरफ ट्विटर के जरिए आसाराम के फॉलोवर आसाराम को बचाने में लगे हैं . नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट :

नई दिल्ली।। नाबालिग से यौन दुराचार मामले में आसाराम बापू के समर्थकों में उन्हें बेगुनाह साबित करने की होड़ चल पड़ी है। सोशल मीडिया पर आसाराम के समर्थक एक विडियो को पोस्ट कर रहे हैं जिसमें जोधपुर पुलिस के डीसीपी के बयान को दिखाया गया है। जोधपुर पुलिस के डीसीपी अजय पाल लांबा इस विडियो में कह रहे हैं कि सिर्फ एफआईआर दर्ज हो जाने से ही किसी की गिरफ्तारी हो जाए, ऐसा प्रावधान नहीं है। हाल यह है कि “Exposed by Jodhpur Police” कीवर्ड ट्विटर के टॉप ट्रेंड में चल रहा है।

जोधपुर पुलिस के डीसीपी अजय पाल सिंह लांबा के इस बयान को आसाराम समर्थक उनके पक्ष में भुनाने में जुटे हुए हैं। जोधपुर के डीसीपी विडियो में कह रहे हैं कि एफआईआर दर्ज होने भर से ही किसी को गिरफ्तार करने का प्रावधान नहीं है। साथ ही, मेडिकल रिपोर्ट में आसाराम के खिलाफ धारा 376 लगाने को लेकर कोई सबूत नहीं मिला है। और मामले में जो भी वक्त लग रहा है वह जांच प्रक्रिया में आमतौर पर लगने वाला ही समय है।

इसके उलट, आसाराम बापू की गिरफ्तारी की संभावना प्रबल होती भी दिखाई दे रही है। मंगलवार सुबह जोधपुर पुलिस इंदौर स्थित उनके आश्रम पहुंची और उन्हें समन थमाते हुए 30 अगस्तक तक जांच अधिकारी के सामने पूछताछ के लिए पेश होने की हिदायत दी। हिदायत में साफ कहा गया है कि अगर पेश नहीं हुए तो गिरफ्तारी होगी।

1 COMMENT

  1. रोम,यूनान और ग्रीस की संस्कृति को आधुनिकतावालो ने नाश कर दिया अब भारत के संस्कृति को भी नाश करना चाहते है आपको पता है की भारत में ७०० साल मुसलमानों ने शोशन किया,२०० साल अंग्रेजो ने शोशन किया फिर भी भारत की संस्कृति को पूरी तरह से नाश नहीं कर पा रहे है फिर भी काफी हद तक उन्होंने सफलता पाई है…मुसलमानों ने पहले मदिरो को तोड़कर मस्जिद बनवाई..फिर अंग्रेजो ने भारतीय संस्कृति के बारे में अध्ययन किया पुरे भारत में भ्रमण करके ये निष्कर्ष निकला की भारत की संस्कृति की जड़ बहुत मोटी इसे तोडना एक दिन काम नहीं है इसमें १ दशक से ज्यादा भी लग सकते है इसे तोड़ने का उपाय है…
    १ भारत के सभी नागरिक के मन और दिमाग में ऐसा संस्कार डालो की उनकी संस्कृति घटिया और खोखला है जबकि ऐसा है नहीं
    २ भारत की संस्कृति को जीवित और जो मजबूत बनानेवाले है उनपे प्रहार करो हत्या करवा दो या फिर उन्हें बदनाम कर दो
    ३ भारत में ऐसा कानून बनाओ की जिससे भारतवासी एक दुसरे में विखंडित रहे कभी जुड़े नहीं
    भारत के संस्कृति को जीवित और मजबूत बनानेवाले है हमारे संत समुदाय|संतो के ही प्रचार और प्रसार से आज भी हम संस्कृति के प्रति आदर रखते है तो जो संस्कृति को तोड़नेवाले है उनके लिए तो संत उनके मार्ग के रोड़े है…इसलिए बेबुनियाद और झूठे आरोप संतो पे बार बार लगाये जाते है इसके लिए वे सबसे बड़ा प्रचार माध्यम प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मिडिया को लेकर प्रचार करते है…आज हमलोग क्या है की इतने ब्यस्त किया गया की घर-परिवार,आस-पड़ोश से भी बात नहीं कर पाते तो खबर कैसा है झूठा है की सच्चा ये भी डिस्कस नहीं कर पते और मीडिया जो बोलता है उसे ही सच मान लेते है और मिडिया को तो चैनेल चलाना है उसके लिए उसे चाहिए पैसा और जो पैसा देगा मीडिया उसके अनुसार दिखायेगा|अब आप सोचिये की मीडिया में जो कम करते है नौकरी करते है उनके लिए पैसा कहा से आता है पहला तो एडवरटाइजिंग से पैसा आता ही है दूसरा दुसरे किसी को बदनाम करने के लिए भी आज मीडिया का धड़ल्ले से यूज़ हो रहा है| आप बहुत सारे न्यूज़ देखिये जिससे साफ़ दीखता है की कौन कैसा रणनीति कर रहा है हिन्दुओ को कैसे तोड़ने का काम किये जा रहे थोडा विचार करे आप….
    b)शिवा के पास सीडी ,बापूजी ने आरोप कबूल कर लिए,शिल्पी ने उगले कई सनसनीखेज आरोप,आश्रम में काला जादू ,नारायण साईं भगोड़ा है ,साईं ने काबुल किये आरोप ये तथा और भी कई झूठी और बेबुनियाद न्यूज़ इन बिकाऊ मीडिया ने फैलाया एक भी आरोप सिद्ध नहीं हुए……..जो बापूजी के विरोध में कमेंट लिख रहे है उनसे प्रार्थना है की भाई ये बहुत बड़ा षड़यंत्र है बापूजी के विरोध में……इस्पे जरा विचार करो नहीं तो तू ही सिद्ध करके दिखा दे हम मानने को तयार है ………बिकाऊ मीडिया पर भी इनकम टैक्स लगना चाहिए

    c)गाँधी परिवार का मतलब है वेटिकन चर्च का दलाल…..ये जो दलाल (कांग्रेस) है वो पुरे भारत में इसाई बनाने का काम धड़ल्ले से कर रही है ….साउथ इंडिया में इन्होने धाक जमा ली है अब पुरे इंडिया इनका टारगेट है इसलिए इन संतो को बदनाम करने के लिए मीडिया को पैसा देकर बापूजी को बदनाम करने की कोशिश किया जा रहा है
    यूनान, रोम मिस्र

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

seven + five =