कशिश न्यूज़ के संतोष सिंह का रवीश के भाई वाले मामले में हस्तक्षेप

प्रख्यात पत्रकार रवीश कुमार के भाई और बिहार कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडेय के यौन उत्पीडन और सेक्स रैकेट मामले में नाम आने के बाद से रोज नयी-नयी बातें सामने आ रही है. इसी मामले में कशिश न्यूज़ के स्टेट हेड संतोष सिंह ने कुछ नए रहस्योद्घाटन किये हैं. उनका कहना है कि ब्रजेश पांडेय का नाम जानबूझकर उछाला जा रहा है. इसमें उन्हें साजिश की बू आ रही है और उन्होंने बिना नाम लिए एक मीडिया घराने की ओर इशारा भी किया. उन्होंने पूरा मामला फेसबुक पर लिखा है जिसे यहाँ आपसे शाया कर रहे हैं (मॉडरेटर)

संतोष सिंह,स्टेट हेड,कशिश न्यूज़
संतोष सिंह,स्टेट हेड,कशिश न्यूज़

पूरा घर परेशान है अभी अभी बेटी का फोन आया था पापा कहां हैं सुबह से आप एक बार भी फोन नही किये सब ठिक तो है ना ,,,लाइव देख रहे थे आप परेशान दिख रहे थे,, क्या हो गया इसी दौरान रंजू फोन लेते हुए बोली रिलेक्स रिलेक्स होता है होता है परेशान होने कि जरुरत नही है सत्य के साथ खड़े रहिए वैसे एक गीत आपको सुनाते हैं।
बिकने को चललन तीनों प्राणी
राजा हरिचन्द्र जी दानी।।
डोम हाथे राजा बिकलन
ब्राह्ममण हाथे सविया रानी।।
रोहित मरगेलन,,
कफन तक भेलन महग
आंचल फारी देलहन सविया रानी।।।

ये गीत मगही में गायी थी हिन्दी अनुवाद समझने के लिए वही राजा हरिचन्द्र का गाथा है कैसे सत्य के लिए पूरा परिवार दान कर दिया,,आगे रंजू बोली इस देश का यही चरित्र है परीक्षा हमेशा सत्य के साथ खड़े लोगो को ही देना पड़ता है बात तो बड़े पत्ते कि बोल गयी लेकिन मैं खुब हंसा चलिए अब आते हैं मुख्य बिन्दू पर,,,, 20 वर्षो के पत्रकारिता जीवन में पहली बार 24 घंटे बेहद मुश्किल और चुनौता भरा था जी है बात हम बिहार कि कथित निर्भया कि कर रहे हैं इस मामले में नामजद और मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी और उसका पूरा परिवार था लेकिन सोशल मीडिया और एक खास मीडिया घराना इस खबर को इस तरह चला रहे थे जैसे निखिल प्रियदर्शी गलती से फस गया सरगना तो ब्रजेश पांडेय है ,,मेरे हाथ में 170 पेज कि पुलिस डायरी है एफआईआर कि कांपी है कोर्ट में पीड़िता द्वारा दिया दया बयान है,,,

पीड़िता अभी तक तीन बयान दी है जो पुलिस के डायरी में कलमबंद्ध है

1—एफआईआर जिसमें किसी भी तरह के शाररिक शोषण कि बात नही है पीड़िता छेड़छाड़ का आरोप निखिल प्रियदर्शी पर और उसके परिवार पर संरक्षण देने का आरोप लगायी है

2—दूसरा बयान 164 में कोर्ट में दी है जिसमें निखिल प्रियदर्शी पर शादी के नियत से शाररिक सम्बन्ध बनाना औऱ फिर वीडियोग्राफी करके ब्लेकमेलिंग का आरोप लगायी है…

3—तीसरे बयान में सब कुछ पूरानी ही बाते है नही बाते बोरिंग रोड स्थिति अपार्टमेन्ट में ब्रजेश पांडेय द्वारा जबरदस्ती करने का आरोप लगायी है,,,,,,,साथ ही निखिल से रिश्ते को लेकर फेसबूक चेट और बीस फोटो पुलिस को दी है जिससे ये साफ दिख रहा है कि इन दोनों के बीच 2015 से ही रिश्ते रहे है औऱ धीरे धीरे इनके काफी अतरंग रिश्ते बन गये,,हलाकि पुलिस को निखिल के परिजन कि और से भी कई वाटसेप मैंसेज और फेसबूक चेट कि कांपी दी गयी है जिसमें एक जगह वाटसेप पर कथित निर्भया के हवाले से ये लिखा है कि निखिल एक करोड़ रुपया और एक ओडी दे दो नही तो तुम्हारे सारे परिवार को बर्बाद कर देगे,,वैसे इस सब साक्ष्यों कि फिलहाल फोरेन्सिंक जांच चल रही है रिपोर्ट नही आया है।।

इस मुकदमें में अभी तक पुलिस तीन स्वतंत्र गवाह का बयान दर्ज करवाया है-

1—बोरिंगरोड स्थित पुष्पाजंली अपार्टमेंट कमरा नम्बर 303 इसमें निखिल का दोस्त मृणाल रहता है उसकी गवाही है ये 31 दिसम्बर को अपने घर में और 13 जनवरी को पुलिस मुख्यालय में बयान दिया है पहले और दूसरे दोनों बयान में इन्होनें पीड़िता के इस आरोप को खारिज किया है जिसमें पीड़िता ने कहा है कि निखिल कोलड्रिग्स पिलाया और मैं बहोश होने लगी इसी दौरान निखिल बाहर निकल गया और फिर ब्रजेश पांडेय ने मेरे साथ छे़़ड़छाड़ किया वैसे मृणाल ने अपने पहले और बाद के बयान में एक बदलाव है पहले बयान में ब्रजेश पांडेय के आने कि बात नही कहा है उसमें सिर्फ निखिल और पीड़िता के आने का जिक्र है लेकिन दूसरे बयान में मृणाल ने ब्रजेश पांडेय का भी नाम लिया था हलाकि कल के पोस्ट के बाद आज मृणाल मुझसे मिलने आया था और कहां जो मैं पुलिस के सामने बयान दिया है उसके अलावा कोई घटना मेरे घर में नही घटा है।।.

2—गवाह नम्बर दो हैलीलियस का निदेशक संजय कुमार सिंह जो पीड़िता के पंक्ष में कहा है कि निखिल बहुत बड़ा चिटर है और मेरे साथ भी धोखाधरी किया है इनके बयान में ब्रजेश पांडेय का कोई जिक्र नही है
3—गवाह नम्बर तीन प्रतिभा कुमारी है जो अपने को समाजिक कार्यकर्ता बता रही है इन्होंने जो गवाही दी है उसमें पीड़िता के दर्द को बया कि लेकिन ये भी ब्रजेश पांडेय का नाम नही ली है तो फिर ब्रजेश पांडेय कहां से सीन में आ गये जरा इसके पीछे का खेल समझिए,,,

170 पेज कि पुलिस डायरी के अध्ययन से साफ दिख रहा है कि पुलिस मुख्य अभियुक्त निखिल प्रियदर्शी को बचाने में पूरा सहयोग किया है निखिल कि और से कोई अजीत कुमार नाम का व्यक्ति के आवेदन को केस डायरी में प्रमुखता से लिया है उसके द्वारा पीड़िता के जन्मतिथि को लेकर और दो बार मैट्रीक पास करने और उर्म छुपाने को लेकर दिये गये साक्ष्य को पुलिस डायरी में ले आया है ,,,,,,,इतना ही नही निखिल और पीड़िता के वाटसेप मैसेज को भी पुलिस डायरी में ले आया है जिसमें पीड़िता एक करोड़ रुपया और एक ओडी गांड़ी नही देने पर केस में फंसाने कि बात कह रही है इस तरह कई और साक्ष्य को पुलिस ने डायरी में ले आया है जिससे निखिल को केस में मदद मिल सकता है,,इतना ही नही पुलिस बड़ी चालाकी से दो स्वतंत्र गवाह पियुस और संजय सिंह से निखिल की पूरानी दुश्नमी रही है ये भी साक्ष्य के साथ पुलिस ने डायरी में लिख दिया है,,,मतलब केस ट्रायल में टिक जाये तो बहुत मुश्किल है,,,,

और इसी खेल से ध्यान हटाने के लिए इस केस में शामिल एक सीनियर आंफिसर जो बिहार सरकार के एक पूर्व मंत्री की रिश्तेदार हैं ब्रजेश पांडेय कि खबर चुपके से मीडिया तक पहुंचा दी क्यों कि मीडिया के खबर में भी एक माह तक कही भी ब्रजेश पांडेय का नाम नही आया था,,,,,और फिर जो हुआ वो सब सामने ही है वैसे इस मामले में कल एक सुपरभिजन एडीजी विनय कुमार ने जारी किया है जिसमें निखिल प्रियदर्शी को गिरफ्तार करने और अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच करने को कहा है एडीजी ने निखिल प्रियदर्शी के खिलाफ और साक्ष्य संग्रह करने को कहा है।।।वैसे विनय कुमार वही ओफिसर है जो गया डां दम्पती मामले का उदभेदन कर डां को सकुशल बरामद करया था ,,हिगौला अपहरण कांड याद होगा गुजरात का व्यापारी इस कांड का उदभेदन यही किये थे ऐसे दरइनकी पहचान एक ईमानदार तटस्थ और निर्भिक अधिकारी का रहा है इसलिए जिस भी साक्ष्य मिलेगा कारवाई तय मानिए

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