जनसत्ता का पतन हो रहा है और संपादक महोदय को ब्लॉकिंग से फुर्सत नहीं

0
404

अमितेश

जनसत्ता के निरंतर पतन का एक और नमूना, एक साहसी फैसले को कैसे गलत मानी दिया अजा रहा है इस खबर में. वैसे भी संपादक महोदय का ध्यान ब्लाकिंग पर अधिक है.
http://www.jansatta.com/index.php?option=com_content&view=article&id=68635:-3-&catid=1:2009-08-27-03-35-27

जनसत्ता में छपी खबर का स्क्रीन शॉट
जनसत्ता में छपी खबर का स्क्रीन शॉट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

sixteen − eleven =