दीपक जी इंडिया न्यूज़ का पट्टा तो जेब में रख लेते

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दीपक चौरसिया : असली - नकली पर बहस करतेबतकही : हर साल टेलीविजन न्यूज़ इंडस्ट्री को एनटी अवार्ड का इंतजार होता है. इस साल ये इंतज़ार 25 मार्च को पांच सितारा होटल ताज पैलेस में खत्म हुआ. एनटी अवार्ड की घोषणा और सम्मान समारोह रात में आयोजित हुए. लेकिन दिन में कई विषयों पर परिचर्चा हुई.

न्यूज़ चैनलों के प्राइम टाइम में प्रसारित होने वाले कंटेंट पर भी परिचर्चा हुई. इस परिचर्चा में बरखा दत्त, करण थापर, विवेक ला, राहुल कँवल, संजीव श्रीवास्तव के अलावा हिंदी न्यूज़ चैनलों की तरफ से दीपक चौरसिया और आशुतोष ने भी भाग लिया.

ख़ैर परिचर्चा जो हुई सो हुई, हम आपको कुछ और ही बताना चाहते हैं. इस परिचर्चा में सभी फॉरमल ड्रेस में थे. दीपक चौरसिया भी थे.

 

लेकिन उनके गले में इंडिया न्यूज़ का पट्टा लटक रहा था. मानों वे इंडिया न्यूज़ की ब्रांडिंग का कोई मौका नहीं चूकना चाहते. सो गले में पट्टा डाले ही परिचर्चा में जमकर बोले.

यानी किसी ने सही ही कहा है कि इंडिया न्यूज़ की ब्रांडिंग का कोई मौका दीपक नहीं चूकते. वैसे दीपक के बारे में मशहूर है कि वे अपने काम में इस कदर मशगूल रहते हैं कि कभी भी उतने टिप – टॉप कपड़े पहनकर नहीं आते. फकीराना अंदाज़ में बस चल देते हैं.

लेकिन दीपक सर गुस्ताखी माफ हो तो कहूँगा कि अब आप चैनल के एडिटर-इन-चीफ और मालिक भी बन गए हैं. सो टिप टॉप कपड़े तो पहनने ही पड़ेंगे. और हाँ आगे से इंडिया न्यूज़ का पट्टा जरूर अंदर रख लें, खासकर तब जब ऐसे कॉरपोरेट परिचर्चा में भाग ले रहे हों. अच्छा नहीं लगता. (बुरा न मानों होली है)


 

“News channels must understand that people have changed over the years. The environment and approach have also changed. One has to understand this to realise the confused state of affairs during the prime time slot.”

(Deepak Chaurasia,Editor-in-Chief,India News)


 

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