अरुण जेटली के प्रेस कांफ्रेंस में मोदी सरकार की असभ्यता का नज़ारा

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-प्रो.जगदीश्वर चुतुर्वेदी-

जगदीश्वर चतुर्वेदी
जगदीश्वर चतुर्वेदी

आज वित्तमंत्री अरूण जेटली की पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर हमला करने वाली प्रेस कॉंफ़्रेंस देखकर यह विश्वास हो गया है कि मोदी सरकार सभ्यता और लोकतंत्र की सभी सीमाएँ लाँघ चुकी है और असहिष्णुता के शिखर पर बैठी है।

जेटली के अनुसार मनमोहन सिंह को बोलने का कोई हक नहीं है।क्योंकि उनके शासन में कालाधन आया , सबसे ज्यादा घोटाले हुए , वे महान पापी हैं!

जो महान पापी हैं उनको मोदीजी जैसे चरित्रवान,ईमानदार, बेदाग़ नए कपड़े पहने वाले नेता की नीति की आलोचना करने का कोई हक नहीं है।मोदी जी इतने महान हैं कि विगत सत्तर साल में इस तरह का चरित्रवान और पुण्यात्मा कोई पीएम नहीं बना है! सच तो यह है उनसे बेहतर कोई पीएम न तो सोच सकता है और न बोल ही सकता है!!

मोदीजी महान हैं! क्योंकि वे संविधान के बंधनों से मुक्त हैं! हमेशा १२५ करोड लोगों के बंधन में बँधे रहते हैं। १२५ करोड लोगों की तरह ही सोचते हैं, हँसते हैं, गाते हैं ,खाते हैं, रोते हैं!!उनके मन और तन में १२५ करोड़ मनुष्य वास करते हैं!करोड़ों जीव-जन्तु-पशु-पक्षी उनके हृदय में निवास करते हैं !




उनका मन मंदिर है और हृदय जंगल है।वे इस जंगल के बेताज बादशाह हैं। वे वैसे ही अक्लमंद हैं जैसे जंगल में पशु -पक्षी अक्लमंद होते हैं।जिस तरह १२५ करोड जनता कभी किसी अर्थशास्त्री से राय नहीं लेती जो मन में आए काम करती है मोदीजी भी ठीक वैसे ही काम करते हैं।यही वजह है मोदीजी महान हैं!

मोदीजी की आलोचना वही कर सकता है जो उनके जैसा महान हो ! मनमोहन चूँकि मोदी जैसे महान नहीं हैं इसलिए उनकी बातों को गंभीरता से दरकिनार करने की जरूरत है।रही बात संसद की तो संसद नक्षत्रों से भरी है उसमें मोदी जैसा सूर्य मिसफ़िट है। यही वजह मोदी जैसा सूर्य हमेशा संसद के बाहर ही चमकता है , कल पंजाब में दिखाई देंगे ।

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