एबीपी न्यूज़ को नया भारतवर्ष बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?

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एबीपी न्यूज़ पर भारतवर्ष
एबीपी न्यूज़ पर भारतवर्ष

एबीपी टीवी चैनल में टीवी इतिहास के सबसे बड़े सीरिज के रूप में जिस भारतवर्ष सीरियल को दिखाया जा रहा है, उसकी श्रखंला में कल सम्राट अशोक पर केंद्रित थी। इसमें दिखाया गया कि किस तरह अशोक ने अपने पिता बिंदुसार के न चाहने पर भी अपने हाथ में सत्ता ली। जिस सम्राट को दुनिया देवप्रिय, अंहिसा का पालन करने वाला , दुनिया में शांति की लौ जगाने वाला मानती है वह अपने शुरुआती शासन काल में राजसी सुख सुविधाओं में मगन था और किसी हद तक क्रूर था।

सवाल यही कि ये बातें तो इतिहास की किताबों में बार बार दोहराई गई और टीवी सीरियलों में भी आई फिर नया भारतवर्ष सीरियल बनाने की जरूरत क्यों।




1- गौर करेंगे तो सीरियल में कुछ चीजें सीरियल में अलग दिखी है। जैसे बिंदुसार का अशोक से इस कारण नफरत करना कि वह सुंदर नहीं था। हो सकता है कि बिंदुसार के अशोक को न चाहने का कोई और वजह भी हो। क्योकि जिस राजा की सौ रानियां हो वह एक रानी के बच्चे से इस कदर क्यों नफरत करें कि वह सुंदर नहीं। भारतवर्ष की इस कड़ी में थोड़ा चूक यह हुई कि एक तरफ तो अशोक को बदसूरत बताया गया लेकिन जब वही अशोक युवा दिखता है तो वह पर्दे पर सुंदर युवा की तरह है। क्या यह पर्दे पर कलाकार को सुंदर दिखाने की मजबूरी है। इतिहास में तेमूर राणासांगा नेपोलियन जैसे चर्चित व्यक्तित्व कुरूप कहे जाते हैं , उन्हें उसी तरह दिखाया जाता है।

2- सीरियल में अशोक पर इतिहासकार चर्चा भी करते हैं। लेकिन एक सवाल नहीं उठा तो उठ सकता था । जिस तरह चंद्रगुप्त को बनाने में चाणक्य का हाथ है उसी तरह अशोक को बनाने में राधागुप्त अमात्य का हाथ है। फिर अमात्य को भारतीय इतिहास में वो जगह क्यों नहीं मिली जो चाणक्य को। क्या इसकी वजह यह हो सकती है कि चाणक्य ने एक दूसरे वंश का नाश करवाया। जबकि राधागुप्त ने एक पिता की अनिच्छा के बावजूद बेटे को शासन दिलाया।

3- भारत के इतिहास में कलिंग का युद्ध प्रसिद्ध है। और नया मोड़ लाया है। लेकिन इस धारावाहिक में जिस तरह युद्ध को दिखाया वह प्रतीक लगा। केवल चार सैनिक लड़ते दिखाए गए। जबकि अशोक का मन तभी बदला जब वह विजय के बाद रणक्षेत्र को देखने गए। उन्होंने हजारों सैनिकों के शवों को क्षत विक्षप्त देखा।

4- सीरियल का महत्वपूर्ण पक्ष यह था कि अशोक के बहाने बोद्ध और धम्म का संदर्भ उठाना। किसी इतिहासकार ने ही सवाल उठाया कि अशोक के गुणगान से ही तो कहीं बौद्ध की अंहिसा का प्रचार ज्यादा हुआ। और उसे इस धर्म के रूप में माना गया कि हिंसा छोड़कर एक शासक किस तरह बौद्ध धर्म का अनुयायी हो गया।

5- भारत वर्ष में अशोक के चरित्र को दिखाते हुए यह दिखाया कि अंत में वे एक कमजोर शासक हो गए। किस तरह, क्या परिस्थिति बनी कि उनके पास बौद्ध भिशुओं को बांटने के लिए केवल आधा बेर था। इसी स्पष्ट करना चाहिए था।

वैसे सीरियल इतिहास की कई चीजें खोल रहा है। सीरियल में यह बताने की कोशिश हुई कि अशोक का मन केवल कलिंग युद्ध से नहीं बदला बल्कि वे इस युद्ध के काफी पहले से उनमें बदलाव आने लगा था। कलिंग युद्ध ने उन्हें पूरी तरह बदल दिया। भारतवर्ष धारावाहिक रोचक है। इसमें इतिहास के कई प्रसंग के बहाने नए पहलू सामने आते हैं। लेकिन ध्यान यही रखना होगा कि इतिहास ेके जानकार केवल दिल्ली विश्वविद्यालय में ही नहीं होते हैं। थोड़ा फैलाव देना चाहिए।

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